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दशहरे पर दोपहर बारह बजे खुलेंगे रामराजा सरकार के पट
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ओरछा । विजयादशमी को रावण से भीषण युद्ध के बाद श्रीरामराजा सरकार अपनी प्रजा व भक्तों को दशहरा पर्व पर देर से दरबार में दर्शन देंगे । सामान्य दिनों में मंदिर सुबह 8 बजे खुल जाता है, लेकिन दशहरा पर मंदिर के पट दोपहर 12 बजे खोले जाएंगे। साल में ऐसा केवल 2 बार रामजन्म और दशहरा पर होता है। 430 सालों से भी ज्यादा समय से मंदिर में इस परंपरा का पालन होता आ रहा है। प्राचीन परपरा के अनुसार दशहरे पर मंदिर में दर्शन करने वाले प्रत्येक श्रद्धालु को पान और इत्र की काड़ी दी जाएगी। श्रद्धालु श्रीरामराजा सरकार को पान वीरा भेंटकर दशहरा की शुभकामनाएं देंगे। लेकिन, कोरोना के चलते परंपराओं को कोविड नियमों का पालन करते हुए पूरी सावधानी से निभाया जाएगा ।
पुलिस के जवान देते है ंसशस्त्र सलामी। ओरछा में श्रीराम राजा के रूप में विराजमान हैं। मंदिर में तैनात पुलिस के जवान हर दिन सुबह और शाम मंदिर के पट खुलने पर भगवान को सशस्त्र सलामी देते हैं। .मंदिर की ऐसी परंपरा है कि पट खुलने के दौरान पुलिस का बड़ा अधिकारी या मंत्री भी मौजूद है तो ड्यूटी पर तैनात जवान उन्हें सेल्यूट नहीं करेंगे। मंदिर में केवल श्रीरामराजा सरकार सर्वोपरि हैं। साल में दो बार दशहरे व रामनवमी पर समय बदलता है। श्रीरामराजा मंदिर के पट खुलने के समय में साल में केवल दो बार बदलाव होता है। दशहरा के दिन मंदिर के पट दोपहर 12 बजे खोलने की परंपरा है। .वहीं, सर्दियों और गर्मियों के मौसम में सुबह और शाम के समय मंदिर के पट खोलने में 1-1 घंटे का बदलाव किया जाता है।
श्रीरामराजा मंदिर के प्रधान पुजारी रमाकांत शरण महाराज ने बताया कि दशहरा पर भगवान श्रीराम का विशेष श्रृंगार होगा। मंदिर परिसर में रावण वध का विजय पर्व धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। दोपहर 12 बजे दर्शनों के लिए मंदिर खुलेगा और 2 बजे बंद होगा। .इसके बाद रात 8 बजे मंदिर के पट खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि दशहरा के दिन देर से मंदिर के पट खोलने की परंपरा सालों से चली आ रही है।
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पुलिस के जवान देते है ंसशस्त्र सलामी। ओरछा में श्रीराम राजा के रूप में विराजमान हैं। मंदिर में तैनात पुलिस के जवान हर दिन सुबह और शाम मंदिर के पट खुलने पर भगवान को सशस्त्र सलामी देते हैं। .मंदिर की ऐसी परंपरा है कि पट खुलने के दौरान पुलिस का बड़ा अधिकारी या मंत्री भी मौजूद है तो ड्यूटी पर तैनात जवान उन्हें सेल्यूट नहीं करेंगे। मंदिर में केवल श्रीरामराजा सरकार सर्वोपरि हैं। साल में दो बार दशहरे व रामनवमी पर समय बदलता है। श्रीरामराजा मंदिर के पट खुलने के समय में साल में केवल दो बार बदलाव होता है। दशहरा के दिन मंदिर के पट दोपहर 12 बजे खोलने की परंपरा है। .वहीं, सर्दियों और गर्मियों के मौसम में सुबह और शाम के समय मंदिर के पट खोलने में 1-1 घंटे का बदलाव किया जाता है।
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श्रीरामराजा मंदिर के प्रधान पुजारी रमाकांत शरण महाराज ने बताया कि दशहरा पर भगवान श्रीराम का विशेष श्रृंगार होगा। मंदिर परिसर में रावण वध का विजय पर्व धूमधाम के साथ मनाया जाएगा। दोपहर 12 बजे दर्शनों के लिए मंदिर खुलेगा और 2 बजे बंद होगा। .इसके बाद रात 8 बजे मंदिर के पट खोले जाएंगे। उन्होंने बताया कि दशहरा के दिन देर से मंदिर के पट खोलने की परंपरा सालों से चली आ रही है।
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