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जिले में बनेंगे 2,662 आवास
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 19 Nov 2016 12:58 AM IST
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avas, jhansi news
- फोटो : demo
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प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में जिले के 2,662 ग्रामीणों के आवास बनाए जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को आगरा में योजना का उद्घाटन करेंगे। जिला ग्राम्य विकास अभिकरण ने आवासों की सूची अपडेट कर ली है।
प्रधानमंत्री की योजना है कि प्रत्येक व्यक्ति का अपना पक्का आवास और शौचालय हो। उन्होंने इंदिरा आवास योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री आवास योजना कर दिया है। यह योजना दो अलग-अलग चरणों में ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में चल रही है। शहरी क्षेत्र में जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के माध्यम से संचालित हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) के माध्यम से चल रही है। योजना के अंतर्गत 2015-16 में 2,662 आवास तैयार होंगे। इन आवासों के लिए पात्रों का चयन कर लिया गया है। अब बैंक खाते और उनके नाम व सही पते का सत्यापन कार्य चल रहा है। इसमें देखा जा रहा है कि किसी आवेदक ने बैंक खाता नंबर गलत तो नहीं लिख दिया है, क्योंकि छोटी-छोटी गल्तियां बाद में परेशानी का सबब बनती है। इसके लिए ब्लाक स्तर पर लेखपाल और खंड विकास अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सत्यापन का कार्य लगभग पूरा हो गया है।
1.20 लाख रुपये मिलेंगे
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत दो किस्तों में 1.20 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा 12 हजार रुपये शौचालय निर्माण के लिए अलग से लाभार्थी को दिए जाएंगे।
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शहरी क्षेत्र में चल रहा सत्यापन
प्रधानमंत्री आवास (सबके लिए शहरी आवास) योजना में 50 हजार लोगों ने आवास मांगा था। इनके आवेदनों की ऑनलाइन फीडिंग हो रही है। आवेदन में कई तरह की गल्तियां की हैं, जिससे उन्हें सही करने के लिए आवेदकाें को फोन कर बुलाना पड़ रहा है। अब तक नगर पंचायत कटेरा में 680 आवेदन, रानीपुर में 1,693 आवेदन और मोंठ में 831 आवेदनों की फीडिंग पूरी हो गई है। अन्य नगर पंचायतों में फीडिंग का काम जारी है। शहरी क्षेत्र में 30,200 ऑफलाइन और 5,105 आवेदन ऑनलाइन जमा किए गए थे। इनकी फीडिंग में तेजी आ गई है।
शहरी क्षेत्र में पात्रों का सर्वे करने के बाद डीपीआर तैयार होगी। इसी डीपीआर के आधार पर डिमांड तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।
- पंकज श्रीवास्तव
परियोजना अधिकारी (डूडा)
सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सत्यापन में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। ताकि, चयनित लाभार्थियों को परेशान न होना पड़े।
- ग्याप्रसाद गौतम
परियोजना निदेशक, डीआरडीए
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प्रधानमंत्री की योजना है कि प्रत्येक व्यक्ति का अपना पक्का आवास और शौचालय हो। उन्होंने इंदिरा आवास योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री आवास योजना कर दिया है। यह योजना दो अलग-अलग चरणों में ग्रामीण व शहरी क्षेत्र में चल रही है। शहरी क्षेत्र में जिला नगरीय विकास अभिकरण (डूडा) के माध्यम से संचालित हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) के माध्यम से चल रही है। योजना के अंतर्गत 2015-16 में 2,662 आवास तैयार होंगे। इन आवासों के लिए पात्रों का चयन कर लिया गया है। अब बैंक खाते और उनके नाम व सही पते का सत्यापन कार्य चल रहा है। इसमें देखा जा रहा है कि किसी आवेदक ने बैंक खाता नंबर गलत तो नहीं लिख दिया है, क्योंकि छोटी-छोटी गल्तियां बाद में परेशानी का सबब बनती है। इसके लिए ब्लाक स्तर पर लेखपाल और खंड विकास अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सत्यापन का कार्य लगभग पूरा हो गया है।
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1.20 लाख रुपये मिलेंगे
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत दो किस्तों में 1.20 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा 12 हजार रुपये शौचालय निर्माण के लिए अलग से लाभार्थी को दिए जाएंगे।
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शहरी क्षेत्र में चल रहा सत्यापन
प्रधानमंत्री आवास (सबके लिए शहरी आवास) योजना में 50 हजार लोगों ने आवास मांगा था। इनके आवेदनों की ऑनलाइन फीडिंग हो रही है। आवेदन में कई तरह की गल्तियां की हैं, जिससे उन्हें सही करने के लिए आवेदकाें को फोन कर बुलाना पड़ रहा है। अब तक नगर पंचायत कटेरा में 680 आवेदन, रानीपुर में 1,693 आवेदन और मोंठ में 831 आवेदनों की फीडिंग पूरी हो गई है। अन्य नगर पंचायतों में फीडिंग का काम जारी है। शहरी क्षेत्र में 30,200 ऑफलाइन और 5,105 आवेदन ऑनलाइन जमा किए गए थे। इनकी फीडिंग में तेजी आ गई है।
शहरी क्षेत्र में पात्रों का सर्वे करने के बाद डीपीआर तैयार होगी। इसी डीपीआर के आधार पर डिमांड तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।
- पंकज श्रीवास्तव
परियोजना अधिकारी (डूडा)
सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सत्यापन में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए। ताकि, चयनित लाभार्थियों को परेशान न होना पड़े।
- ग्याप्रसाद गौतम
परियोजना निदेशक, डीआरडीए