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जितनी बिजली खर्च, उतना देना होगा दाम
अमर उजाला ब्यूरो/झांसी
Updated Sun, 14 Aug 2016 01:05 AM IST
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जितनी बिजली खर्च, उतना देना होगा दाम
- फोटो : demo pic
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झांसी/पारीछा। राज्य विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष देश दीपक वर्मा ने कहा कि लोगों को अब जितनी बिजली मिलेगी, उतने दाम देने होंगे। घंटों के हिसाब से बिजली बिलों के भुगतान को जोड़ने का प्रयास चल रहा है। एडवांस पेमेंट पर उपभोक्ता को छूट के साथ-साथ अतिरिक्त रकम पर आठ से दस प्रतिशत ब्याज मिलेगा। उन्होंने यह बात पारीछा थर्मल पावर में पत्रकारों से बातचीत में कही।
उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में जलस्तर के हिसाब से दो, तीन और पांच किलोवाट के कनेक्शन भी कराए जा सकते हैं। यहां ट्यूबवेल कनेक्शन पर 160 रुपये प्रति हार्सपावर से विद्युुत बिल लिया जाता था, जिसे अब घटाकर 100 रुपये प्रति हार्सपावर कर दिया गया है। यह योजना अगस्त से लागू हो गई है। उन्होंने कहा कि बिलों को सरल करने पर विचार चल रहा है, जिससे उपभोक्ता बिल समझ सके।
उपभोक्ता अपनी बिल संबंधी शिकायत उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग को भेज सकता है। बुंदेलखंड में शासन द्वारा 18 से 22 घंटे बिजली देने के दावे पर जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हो रहा है, तो इसकी शिकायत की जाए। उन्होंने बताया कि अब बिजली की मांग व सप्लाई का अंतर 14 फीसदी से घटकर 2.5 प्रतिशत रह गया है। एक साल में यह कमी भी पूरी कर ली जाएगी।
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बंद कर दी जाएंगी 110 एमवी की इकाइयां
विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि पारीछा थर्मल पावर प्रोजेक्ट की 110 मेगावाट की दो इकाइयों का समय पूरा हो गया है। इस कारण इन इकाइयों में आमदनी से ज्यादा पैसा खर्च हो रहा है। अब ये इकाइयां बंद कर दी जाएंगी। इनकी जगह पर नई बड़ी यूनिट लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। इससे पारीछा थर्मल पावर के उत्पादन की कमी को दूर कर अधिक उत्पादन दिया जाएगा। इस दौरान मुख्य अभियंता इं. अखिलेश कुमार सिंह, महाप्रबंधक पारीछा इं. जीपी वर्मा, इं. अरुण कुमार, इं. ओपी मौर्या मौजूद रहे।
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उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड में जलस्तर के हिसाब से दो, तीन और पांच किलोवाट के कनेक्शन भी कराए जा सकते हैं। यहां ट्यूबवेल कनेक्शन पर 160 रुपये प्रति हार्सपावर से विद्युुत बिल लिया जाता था, जिसे अब घटाकर 100 रुपये प्रति हार्सपावर कर दिया गया है। यह योजना अगस्त से लागू हो गई है। उन्होंने कहा कि बिलों को सरल करने पर विचार चल रहा है, जिससे उपभोक्ता बिल समझ सके।
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उपभोक्ता अपनी बिल संबंधी शिकायत उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत नियामक आयोग को भेज सकता है। बुंदेलखंड में शासन द्वारा 18 से 22 घंटे बिजली देने के दावे पर जब सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हो रहा है, तो इसकी शिकायत की जाए। उन्होंने बताया कि अब बिजली की मांग व सप्लाई का अंतर 14 फीसदी से घटकर 2.5 प्रतिशत रह गया है। एक साल में यह कमी भी पूरी कर ली जाएगी।
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बंद कर दी जाएंगी 110 एमवी की इकाइयां
विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि पारीछा थर्मल पावर प्रोजेक्ट की 110 मेगावाट की दो इकाइयों का समय पूरा हो गया है। इस कारण इन इकाइयों में आमदनी से ज्यादा पैसा खर्च हो रहा है। अब ये इकाइयां बंद कर दी जाएंगी। इनकी जगह पर नई बड़ी यूनिट लगाने का प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। इससे पारीछा थर्मल पावर के उत्पादन की कमी को दूर कर अधिक उत्पादन दिया जाएगा। इस दौरान मुख्य अभियंता इं. अखिलेश कुमार सिंह, महाप्रबंधक पारीछा इं. जीपी वर्मा, इं. अरुण कुमार, इं. ओपी मौर्या मौजूद रहे।