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टेंडर निकालने वाले नहीं रख पाएंगे सिक्योरिटी मनी
झांसी/ ब्यूरो
Updated Thu, 26 Nov 2015 01:02 AM IST
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झांसी। सिक्योरिटी मनी वापस करने को लेकर होने वाले विवाद के मद्देनजर बुंदेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसका स्थायी समाधान निकाल लिया है। नई व्यवस्था के तहत अब सिक्योरिटी मनी टेंडर निकालने वाले विभाग के पास जमा नहीं होगी।
मालूम हो कि किसी भी काम के टेंडर के लिए तीन या उससे अधिक फर्म आवेदन करती हैं। इसके लिए प्रत्येक फर्म से कार्य की लागत के हिसाब से सिक्योरिटी मनी जमा कराई जाती है। न्यूनतम बोली लगाने वाली फर्म को वर्क ऑर्डर दिया जाता है, जबकि अन्य आवेदकों को उनकी सिक्योरिटी मनी वापस कर दी जाती है। बीते दिनों कुछ मामले ऐसे आए, जिसमें सिक्योरिटी मनी वापस करने को लेकर काफी देरी हो गई।
दरअसल, मौजूदा समय तक फर्मों से ली जाने वाली सिक्योरिटी मनी को टेंडर निकालने वाले विभाग के पास जमा किया जाता है। इसलिए बाद में उसी विभाग को वित्त विभाग के पास सिक्योरिटी मनी भेजनी होती है। तब जाकर वित्त विभाग फर्म चेक अथवा ड्राफ्ट से फर्म को पैसा वापस करता है। हाल ही में सिक्योरिटी मनी लटकी होने की कुछ शिकायतें कुलपति के पास पहुंचने के बाद उन्होंने नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है।
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नई व्यवस्था के तहत अब फॉर्म लेते समय कैश काउंटर पर अथवा वित्त विभाग के पास सिक्योरिटी मनी जमा की जाएगी। इसके अलावा ऑनलाइन पैसा जमा करने का भी विकल्प खुला रहेगा। बाद में जिन फर्मों को टेंडर नहीं मिलेगा, उन्हें वित्त विभाग चेक अथवा ड्राफ्ट द्वारा पैसा वापस करेगा।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद वित्त विभाग को टेंडर निकालने वाले विभाग पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसके बाद यदि सिक्योरिटी मनी वापस करने में देरी होती है, तो इसके लिए सीधे वित्त विभाग जिम्मेदार होगा। कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय के मुताबिक जल्द ही यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।
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मालूम हो कि किसी भी काम के टेंडर के लिए तीन या उससे अधिक फर्म आवेदन करती हैं। इसके लिए प्रत्येक फर्म से कार्य की लागत के हिसाब से सिक्योरिटी मनी जमा कराई जाती है। न्यूनतम बोली लगाने वाली फर्म को वर्क ऑर्डर दिया जाता है, जबकि अन्य आवेदकों को उनकी सिक्योरिटी मनी वापस कर दी जाती है। बीते दिनों कुछ मामले ऐसे आए, जिसमें सिक्योरिटी मनी वापस करने को लेकर काफी देरी हो गई।
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दरअसल, मौजूदा समय तक फर्मों से ली जाने वाली सिक्योरिटी मनी को टेंडर निकालने वाले विभाग के पास जमा किया जाता है। इसलिए बाद में उसी विभाग को वित्त विभाग के पास सिक्योरिटी मनी भेजनी होती है। तब जाकर वित्त विभाग फर्म चेक अथवा ड्राफ्ट से फर्म को पैसा वापस करता है। हाल ही में सिक्योरिटी मनी लटकी होने की कुछ शिकायतें कुलपति के पास पहुंचने के बाद उन्होंने नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है।
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नई व्यवस्था के तहत अब फॉर्म लेते समय कैश काउंटर पर अथवा वित्त विभाग के पास सिक्योरिटी मनी जमा की जाएगी। इसके अलावा ऑनलाइन पैसा जमा करने का भी विकल्प खुला रहेगा। बाद में जिन फर्मों को टेंडर नहीं मिलेगा, उन्हें वित्त विभाग चेक अथवा ड्राफ्ट द्वारा पैसा वापस करेगा।
नई व्यवस्था लागू होने के बाद वित्त विभाग को टेंडर निकालने वाले विभाग पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसके बाद यदि सिक्योरिटी मनी वापस करने में देरी होती है, तो इसके लिए सीधे वित्त विभाग जिम्मेदार होगा। कुलपति प्रो. अविनाश चंद्र पांडेय के मुताबिक जल्द ही यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी।