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Jhansi News: प्यार के परवान न चढ़ पाने पर छात्र ने नदी में कूदकर दी जान
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झांसी। दस दिन से लापता युवक की सोमवार की सुबह बेतवा नदी में लाश मिली है। वह एक रिश्तेदार की बेटी से प्यार करता था और शादी करना चाहता था। लेकिन, परिजन इसके लिए तैयार नहीं थे। इससे वह परेशान रहने लगा था। माना जा रहा है कि इसी परेशानी में उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। हालांकि, पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी हुई है।
मऊरानीपुर थाना इलाके के रानीपुर के लाड़गंज मुहल्ले में रहने वाले भागीरथ आर्य का पुत्र संतोष कुमार (21) बीए फाइनल ईयर का छात्र था। 19 जनवरी को वह घर से मऊरानीपुर काम की तलाश में जाने की बात कहकर निकला था। लेकिन, इसके बाद लौटा नहीं। हालांकि, उस दिन शाम को तकरीबन साढ़े सात बजे उसकी अपने जीजा दीपक से फोन पर बात हुई थी। लेकिन, यह बातचीत एकदम सामान्य थी। देर रात तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। रात तकरीबन दो बजे पुलिस को उसकी बाइक बेतवा नदी के किनारे खड़ी मिली थी, लेकिन चाबी गायब थी। परिजनों ने 21 जनवरी को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। सोमवार को उसका शव नदी में उतराता मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
यहां मृतक के बड़े भाई अशोक ने बताया कि संतोष और एक रिश्तेदार की बेटी के बीच प्रेम संबंध थे। परिवार के लोगों को छह माह पहले इसकी जानकारी हुई थी। इस पर संतोष को समझाकर छोटे भाई के पास दिल्ली भेज दिया था। ढाई महीने वहां रहकर वह 12 जनवरी को परीक्षा देने के लिए यहां लौट आया था। 19 जनवरी को लड़की की मां का फोन आया था। वह कह रहीं थीं कि उनकी लड़की संतोष से शादी करना चाहती है। जब संतोष से पूछा कि फिर दोनों के बीच बात होने लगी है, तो वह कुछ नहीं बोला। भाई ने बताया कि वह उसी दिन लड़की के घर जाकर शादी से मना कर आया था। लौटकर आने पर संतोष घर पर नहीं मिला था। दस दिनों तक लगातार उसकी तलाश की जाती रही। सोमवार को उसका शव नदी में मिला।
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हाथ पर लिखे ओम से हुई पहचान
झांसी। संतोष का नदी में पड़ा शव फूल गया था। इसके अलावा उससे बदबू आ रही थी। उसकी लाश को पहचानना परिजनों के लिए भी आसान नहीं था। उसके हाथ पर लिखे ओम और पैर में बंधे धागे से उसकी पहचान की गई। इसके अलावा शव की तलाशी में उसकी जेब से बाइक की चाबी भी बरामद हो गई। बता दें कि मृतक संतोष चार भाई और दो बहनों में सबसे छोटा था। उसकी मौत की जानकारी होने के बाद से परिवार के लोगों का बुरा हाल बना हुआ है।
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मऊरानीपुर थाना इलाके के रानीपुर के लाड़गंज मुहल्ले में रहने वाले भागीरथ आर्य का पुत्र संतोष कुमार (21) बीए फाइनल ईयर का छात्र था। 19 जनवरी को वह घर से मऊरानीपुर काम की तलाश में जाने की बात कहकर निकला था। लेकिन, इसके बाद लौटा नहीं। हालांकि, उस दिन शाम को तकरीबन साढ़े सात बजे उसकी अपने जीजा दीपक से फोन पर बात हुई थी। लेकिन, यह बातचीत एकदम सामान्य थी। देर रात तक वापस न लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कर दी, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। रात तकरीबन दो बजे पुलिस को उसकी बाइक बेतवा नदी के किनारे खड़ी मिली थी, लेकिन चाबी गायब थी। परिजनों ने 21 जनवरी को उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। सोमवार को उसका शव नदी में उतराता मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
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यहां मृतक के बड़े भाई अशोक ने बताया कि संतोष और एक रिश्तेदार की बेटी के बीच प्रेम संबंध थे। परिवार के लोगों को छह माह पहले इसकी जानकारी हुई थी। इस पर संतोष को समझाकर छोटे भाई के पास दिल्ली भेज दिया था। ढाई महीने वहां रहकर वह 12 जनवरी को परीक्षा देने के लिए यहां लौट आया था। 19 जनवरी को लड़की की मां का फोन आया था। वह कह रहीं थीं कि उनकी लड़की संतोष से शादी करना चाहती है। जब संतोष से पूछा कि फिर दोनों के बीच बात होने लगी है, तो वह कुछ नहीं बोला। भाई ने बताया कि वह उसी दिन लड़की के घर जाकर शादी से मना कर आया था। लौटकर आने पर संतोष घर पर नहीं मिला था। दस दिनों तक लगातार उसकी तलाश की जाती रही। सोमवार को उसका शव नदी में मिला।
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हाथ पर लिखे ओम से हुई पहचान
झांसी। संतोष का नदी में पड़ा शव फूल गया था। इसके अलावा उससे बदबू आ रही थी। उसकी लाश को पहचानना परिजनों के लिए भी आसान नहीं था। उसके हाथ पर लिखे ओम और पैर में बंधे धागे से उसकी पहचान की गई। इसके अलावा शव की तलाशी में उसकी जेब से बाइक की चाबी भी बरामद हो गई। बता दें कि मृतक संतोष चार भाई और दो बहनों में सबसे छोटा था। उसकी मौत की जानकारी होने के बाद से परिवार के लोगों का बुरा हाल बना हुआ है।