{"_id":"60eb48428ebc3ec2365587d4","slug":"tell-the-god-jhoolelal-saying-jhansi-news-jhs199298798","type":"story","status":"publish","title_hn":"भगवान झूलेलाल की महिमा में विभोर हुए भक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भगवान झूलेलाल की महिमा में विभोर हुए भक्त
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
भगवान झूलेलाल की महिमा में विभोर हुए भक्त
झांसी। सीपरी बाजार स्थित पूज्य सिंधी पंचायत भवन में भगवान झूलेलाल साईं जी की प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठा समारोह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ। कार्यक्रम में टीकमगढ़ की भजन मंडली ने मनमोहक भजन गाए, जिन पर श्रद्धालु भक्ति भाव से झूम उठे।
समारोह के तहत सुबह श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अखंड पाठ साहिब के समापन पर भोग साहिब जी का आयोजन किया गया। शाम को टीकमगढ़ से आई भजन मंडली तुलसी भगत ने साईं झूलेलाल जी के सुंदर भजन सुनाकर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान झूलेलाल की आरती की और जयकारे लगाए। पंचायत सचिव सुरेश चंगानी ने भगवान झूलेलाल के अवतार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सिंध प्रांत में सिंधी समाज को अत्याचारों से बचाने और धर्म की रक्षा के लिए भगवान झूलेलाल ने इस धरती पर अवतार लिया था। शास्त्रों में उनका उल्लेख भगवान वरुण देवता के नाम से किया जाता है। सिंधी समाज उन्हें जल देवता, उडेरो लाल, अमरलाल आदि नामों से स्मरण करता है। कार्यक्रम के बांद लंगर का आयोजन हुआ। इस अवसर पर पंचायत अध्यक्ष त्रिलोक लालवानी, लक्ष्मण रमानी, सोनू राजपाल आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विज्ञापन
झांसी। सीपरी बाजार स्थित पूज्य सिंधी पंचायत भवन में भगवान झूलेलाल साईं जी की प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठा समारोह वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ। कार्यक्रम में टीकमगढ़ की भजन मंडली ने मनमोहक भजन गाए, जिन पर श्रद्धालु भक्ति भाव से झूम उठे।
समारोह के तहत सुबह श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के अखंड पाठ साहिब के समापन पर भोग साहिब जी का आयोजन किया गया। शाम को टीकमगढ़ से आई भजन मंडली तुलसी भगत ने साईं झूलेलाल जी के सुंदर भजन सुनाकर श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भगवान झूलेलाल की आरती की और जयकारे लगाए। पंचायत सचिव सुरेश चंगानी ने भगवान झूलेलाल के अवतार पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सिंध प्रांत में सिंधी समाज को अत्याचारों से बचाने और धर्म की रक्षा के लिए भगवान झूलेलाल ने इस धरती पर अवतार लिया था। शास्त्रों में उनका उल्लेख भगवान वरुण देवता के नाम से किया जाता है। सिंधी समाज उन्हें जल देवता, उडेरो लाल, अमरलाल आदि नामों से स्मरण करता है। कार्यक्रम के बांद लंगर का आयोजन हुआ। इस अवसर पर पंचायत अध्यक्ष त्रिलोक लालवानी, लक्ष्मण रमानी, सोनू राजपाल आदि श्रद्धालु उपस्थित रहे।
विज्ञापन