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केके पुरी नाले की टीएसी जांच करने पहुंची टीम
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मंडलायुक्त के आदेश पर केकेपुरी के नाले की अधिकारियों ने जांच की।
केके पुरी नाले की टीएसी जांच करने पहुंची टीम
झांसी। आवास विकास स्थित केके पुरी नाले की जांच करने के लिए कमिश्नर की ओर से गठित टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी (टीएसी) की टीम मंगलवार को मौके पर पहुंची। आधुनिक मशीन से जांच करने के बाद नाले में खामी पाई गई। इसके अलावा निर्माण में उपयोग हुई सामग्री की जांच के लिए भी नमूने एकत्र किए। टीम की कार्रवाई के बाद क्षेत्रवासियों ने चैन की सांस ली है।
ग्राम्य विकास के मंडलीय प्राविधिक परीक्षक मोहम्मद शाह आलम के निर्देशन में नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। नाले की ढाल की जांच के लिए आधुनिक लेवल मशीन का उपयोग किया गया। मशीन के जरिये नाले की शुरुआत से अंतिम छोर तक पानी के बहाव को जांचा। इस दौरान टीम के सदस्यों ने पाया कि पुलिया के नीचे से नाले की ढाल को नीचा करने के बजाय अंतिम छोर तक ऊंचा ले जाया गया है।
इसके अलावा नाले के निर्माण में उपयोग हुई सामग्री की भी जांच करने के लिए नमूने लिए गए। वहीं दूसरी ओर इसी नाले में जुड़ने वाले एक अन्य नाले की दीवार टूटने का कारण जानने के लिए टीम के सदस्यों ने वहां के नमूने लिए। सभी नमूने लैब में टेस्टिंग के लिए भेजा जाएगा, जिसके आधार पर रिपोर्ट तैयार कर कमिश्नर को सौंपी जाएगी।
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आवास विकास में केके पुरी का नाला नगर निगम के इंजीनियरों की गले की फांस बन गया है। दो साल पहले जलभराव के बाद एक समय ऐसा था कि निर्माण विभाग के इंजीनियरों की तरफ से कराए गए कार्य पर उंगली उठना शुरू हुई थी लेकिन, ध्यान नहीं दिया गया था। इस कारण पिछले साल क्षेत्र में जलभराव हुआ था, जिससे कई परिवारों को नुकसान उठाना पड़ा था। हालांकि, जांच के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है। उन्हें उम्मीद है कि अब नाले को सही ढंग से ठीक कराने का काम होगा तथा दोषियों पर कार्रवाई होगी।
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झांसी। आवास विकास स्थित केके पुरी नाले की जांच करने के लिए कमिश्नर की ओर से गठित टेक्निकल एडवाइजरी कमेटी (टीएसी) की टीम मंगलवार को मौके पर पहुंची। आधुनिक मशीन से जांच करने के बाद नाले में खामी पाई गई। इसके अलावा निर्माण में उपयोग हुई सामग्री की जांच के लिए भी नमूने एकत्र किए। टीम की कार्रवाई के बाद क्षेत्रवासियों ने चैन की सांस ली है।
ग्राम्य विकास के मंडलीय प्राविधिक परीक्षक मोहम्मद शाह आलम के निर्देशन में नगर निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। नाले की ढाल की जांच के लिए आधुनिक लेवल मशीन का उपयोग किया गया। मशीन के जरिये नाले की शुरुआत से अंतिम छोर तक पानी के बहाव को जांचा। इस दौरान टीम के सदस्यों ने पाया कि पुलिया के नीचे से नाले की ढाल को नीचा करने के बजाय अंतिम छोर तक ऊंचा ले जाया गया है।
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इसके अलावा नाले के निर्माण में उपयोग हुई सामग्री की भी जांच करने के लिए नमूने लिए गए। वहीं दूसरी ओर इसी नाले में जुड़ने वाले एक अन्य नाले की दीवार टूटने का कारण जानने के लिए टीम के सदस्यों ने वहां के नमूने लिए। सभी नमूने लैब में टेस्टिंग के लिए भेजा जाएगा, जिसके आधार पर रिपोर्ट तैयार कर कमिश्नर को सौंपी जाएगी।
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आवास विकास में केके पुरी का नाला नगर निगम के इंजीनियरों की गले की फांस बन गया है। दो साल पहले जलभराव के बाद एक समय ऐसा था कि निर्माण विभाग के इंजीनियरों की तरफ से कराए गए कार्य पर उंगली उठना शुरू हुई थी लेकिन, ध्यान नहीं दिया गया था। इस कारण पिछले साल क्षेत्र में जलभराव हुआ था, जिससे कई परिवारों को नुकसान उठाना पड़ा था। हालांकि, जांच के बाद क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली है। उन्हें उम्मीद है कि अब नाले को सही ढंग से ठीक कराने का काम होगा तथा दोषियों पर कार्रवाई होगी।