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ललितपुर में यूरेनियम की खोज करेगी परमाणु वैज्ञानिकों की टीम, सोनभद्र में ही होगा परीक्षण
Thu, 03 Jan 2019 02:08 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ललितपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ललितपुर
Published by: Vikas Kumar
Updated Thu, 03 Jan 2019 02:08 AM IST
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uranium
- फोटो : फाइल फोटो
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बहुमूल्य धातुओं को अपने भूगर्भ में समेटे ललितपुर की भूमि में यूरेनियम की मौजूदगी के साक्ष्य कई साल पहले मिल चुके हैं। अब इसका परीक्षण करने के लिए परमाणु ऊर्जा विभाग की एक संघटक इकाई परमाणु खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय (एएमडी) की टीम शीघ्र ही ललितपुर पहुंचेगी। मालूम हो कि खनिज विभाग के परीक्षण में 90 के दशक में मड़ावरा तहसील क्षेत्र में यूरेनियम के अंश मिले थे। प्रदेश में यह टीम ललितपुर के अलावा सोनभद्र में भी जांच करेगी।
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आर्थिक रूप से ललितपुर जनपद को भले ही पिछड़ा कहा जाता हो, लेकिन कुदरत ने प्राकृतिक सौंदर्य के साथ इस भूमि को तमाम बेशकीमती खनिज संपदा से संपन्न किया है। जनपद के सबसे पिछड़े ब्लॉक मड़ावरा में सोने की मौजूदगी के पहले ही साक्ष्य मिल चुके हैं। इसके लिए कनाडा की टीम ने अध्ययन भी किया था। वहीं, अब इसी ब्लॉक के गांवों में यूरेनियम की खोज होगी। खनिज विभाग के अधिकारियों की मानें तो 1990 से 1995 के मध्य खनिज विभाग की टीम ने मड़ावरा ब्लॉक के टोरी पिसनारी में परीक्षण किया था। यहां पर यूरेनियम की उपलब्धता के साक्ष्य मिलने पर इन्हें भारत सरकार के परमाणु ऊजा मंत्रालय के पास परीक्षण के लिए भेजा था।
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इसी के आधार पर परमाणु ऊर्जा विभाग से जुड़ी टीम के अवर सचिव कृष्णकुमार वी ने प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर अवगत करवाया कि विगत वर्षों से परमाणु ऊर्जा विभाग की एक संघटक इकाई खनिज अन्वेषण एवं अनुसंधान निदेशालय परमाणु खनिजों जैसे कि यूरेनियम आदि के डिपोजिटों (निक्षेपों) के स्थान निर्धारण के लिए जुटी हुई है। यह टीम नवंबर 2018 से अक्तूबर 2019 तक की वर्तमान फील्ड अवधि के दौरान पूर्वेक्षण और सर्वेक्षण करेगी।
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प्रमुख सचिव ने पत्र जारी कर जिला प्रशासन को आने वाली टीम के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए निर्देशित किया है। मालूम हो कि प्रदेश में सिर्फ सोनभद्र और ललितपुर को चुना गया है। खनिज विभाग के अधिकारियों की मानें तो जिन स्थानों पर सैंड स्टोन और रॉक फास्फेट पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। वहां पर यूरेनियम की उपलब्धता से इंकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि मड़ावरा ब्लॉक के पिसनारी, गौंना, लखंजर, पापड़ा, सकरा, थनगना, उल्दना खुर्द, सौलदा, कुर्रट आदि गांवों के आसपास यूरेनियम की जांच की जाएगी।
90 के दशक में खनिज विभाग ने टोरी पिसनारी गांव के पास यूरेनियम के तत्व मिलने पर भारत सरकार के पास परीक्षण के लिए भेजा था। इसी के आधार पर यह टीम आ रही है। सैंड स्टोन पाए जाने के कारण यूरेनियम की उपलब्धता से इंकार नहीं किया जा सकता है। टीम को यदि मानक के अनुरूप यूरेनियम मिलता है तो ललितपुर में यूरेनियम का केंद्र भी स्थापित किया जा सकता है।
आरपी सिंह, जिला खनिज अधिकारी