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तंगहाली से जूझ रहे मजदूर ने मौत को गले लगाया
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कोरोना काल में आर्थिक तंगी की वजह से मजदूर ने यह कदम उठाया।
- फोटो : ???? ????
कोरोना काल में तंगहाली से जूझ रहा मजदूर फांसी के फंदे पर झूला
झांसी। कोरोना काल में आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक मजदूर ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे परिवार में कोहराम मच गया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव पुलिस के हवाले कर दिया गया।
कोरोना काल में कारोबार व रोजगार बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। इस महामारी से उत्पन्न हुईं विपरीत परिस्थितियों के तमाम मेहनतकशों के हाथ से काम छिन गया। ऐसे लोगों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में ये नाकाफी साबित हो रही है। इसी तरह का एक मामला बबीना थाना इलाके में सामने आया है। खैलार निवासी लालाराम का पुत्र धर्मेंद्र (30) मजदूरी कर अपना जीवन यापन करता था। परिवार में पत्नी के अलावा एक सात साल का बच्चा भी है। पत्नी बच्चे के साथ मायके गई हुई थी। इसी दरम्यान शनिवार की रात तकरीबन साढ़े दस बजे धर्मेंद्र ने पंखे के सहारे साड़ी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी होने पर परिजनों में चीख - पुकार मच गई। रविवार को धर्मेंद्र के शव पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बैठा उसका भाई ऋतिक सुबह से ही भाई के शव का बाहर आने का इंतजार कर रहा था। वो निढाल बैठा हुआ था। नम आंखों से ऋतिक ने बताया कि उसका भाई बहुत मेहनती था। लेकिन, पिछले कई दिनों से उसे मजदूरी नहीं मिल रही थी। इससे वो बेहद आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे थे। इससे वो परेशान रहने लगा था। इसी मानसिक तनाव में भाई ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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झांसी। कोरोना काल में आर्थिक तंगी से जूझ रहे एक मजदूर ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इससे परिवार में कोहराम मच गया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव पुलिस के हवाले कर दिया गया।
कोरोना काल में कारोबार व रोजगार बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं। इस महामारी से उत्पन्न हुईं विपरीत परिस्थितियों के तमाम मेहनतकशों के हाथ से काम छिन गया। ऐसे लोगों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, सरकार की ओर से सहायता उपलब्ध कराई जा रही है, लेकिन रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में ये नाकाफी साबित हो रही है। इसी तरह का एक मामला बबीना थाना इलाके में सामने आया है। खैलार निवासी लालाराम का पुत्र धर्मेंद्र (30) मजदूरी कर अपना जीवन यापन करता था। परिवार में पत्नी के अलावा एक सात साल का बच्चा भी है। पत्नी बच्चे के साथ मायके गई हुई थी। इसी दरम्यान शनिवार की रात तकरीबन साढ़े दस बजे धर्मेंद्र ने पंखे के सहारे साड़ी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली। जानकारी होने पर परिजनों में चीख - पुकार मच गई। रविवार को धर्मेंद्र के शव पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम हाउस के बाहर बैठा उसका भाई ऋतिक सुबह से ही भाई के शव का बाहर आने का इंतजार कर रहा था। वो निढाल बैठा हुआ था। नम आंखों से ऋतिक ने बताया कि उसका भाई बहुत मेहनती था। लेकिन, पिछले कई दिनों से उसे मजदूरी नहीं मिल रही थी। इससे वो बेहद आर्थिक तंगी के दौर से गुजर रहे थे। इससे वो परेशान रहने लगा था। इसी मानसिक तनाव में भाई ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
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