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टैबलेट पाकर शिक्षकों के खिले चेहरे
ललितपुर ब्यूरो
Updated Wed, 12 Aug 2015 01:09 AM IST
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झांसी। सरकारी स्कूलों की शिक्षा पद्धति को सुधारने समेत अध्यापकों व बच्चों की उपस्थिति की निगरानी के लिए मंगलवार को महानगर के सत्तर बेसिक स्कूलों को टैबलेट प्रदान किए गए। इनके माध्यम से प्रतिदिन विद्यालय में उपस्थित बच्चों व शिक्षकों की फोटोग्राफ विभाग के सर्वर पर अपलोड की जाएगी। वहीं टैबलेट पाकर शिक्षक खुश नजर आए।
विकास भवन सभागार में शिक्षकों को टैबलेट सौंपते हुए जिलाधिकारी अनुराग यादव ने कहा कि समाज की बेहतरी के लिए प्राइमरी शिक्षा का बेहतर होना बेहद जरूरी है। इसके लिए हम सभी को अनुशासित होना होगा, ताकि शासकीय दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन किया जा सके। प्राइमरी शिक्षा की स्थिति ठीक न होने पर देश व प्रदेश का विकास भी प्रभावित होगा। प्राथमिक शिक्षा को और भी बेहतर बनाने के लिए विद्यालयों को टैबलेट दिए जा रहे हैं। इसे प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि औचक निरीक्षण कराने पर कई बार विद्यालयों से अध्यापक अनुपस्थित मिलते हैं। यही वजह है कि पहले चरण में इस डिवाइस से उपस्थिति दर्ज कराई जाएगी। इसका संचालन बेहद आसान है। इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। आगे इसे और भी सक्रिय किया जाएगा, जिससे विभिन्न कार्यों के लिए बार-बार कार्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इस मौके पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सर्वदानंद, खंड शिक्षा अधिकारी (नगर) राजकुमार विश्वकर्मा, एबीआरसी धर्मेंद्र चौधरी आदि मौजूद रहे।
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विकास भवन सभागार में शिक्षकों को टैबलेट सौंपते हुए जिलाधिकारी अनुराग यादव ने कहा कि समाज की बेहतरी के लिए प्राइमरी शिक्षा का बेहतर होना बेहद जरूरी है। इसके लिए हम सभी को अनुशासित होना होगा, ताकि शासकीय दायित्वों का सही ढंग से निर्वहन किया जा सके। प्राइमरी शिक्षा की स्थिति ठीक न होने पर देश व प्रदेश का विकास भी प्रभावित होगा। प्राथमिक शिक्षा को और भी बेहतर बनाने के लिए विद्यालयों को टैबलेट दिए जा रहे हैं। इसे प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया गया है। उन्होंने कहा कि औचक निरीक्षण कराने पर कई बार विद्यालयों से अध्यापक अनुपस्थित मिलते हैं। यही वजह है कि पहले चरण में इस डिवाइस से उपस्थिति दर्ज कराई जाएगी। इसका संचालन बेहद आसान है। इसके लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण भी दिया गया है। आगे इसे और भी सक्रिय किया जाएगा, जिससे विभिन्न कार्यों के लिए बार-बार कार्यालय की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इस मौके पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सर्वदानंद, खंड शिक्षा अधिकारी (नगर) राजकुमार विश्वकर्मा, एबीआरसी धर्मेंद्र चौधरी आदि मौजूद रहे।
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