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आयकर सर्वे: 5.15 करोड़ की अघोषित आय स्वीकारी
ब्यूरो
Updated Fri, 04 Mar 2016 12:35 AM IST
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झांसी। आयकर सर्वे में शराब ठेकेदार व किताब विक्रेता ने 5.15 करोड़ की अघोषित आय स्वीकार कर ली। दोनों को इकतीस मार्च तक अघोषित आय पर टैक्स भरना होगा। इसके उपरांत हर माह टैक्स पर एक प्रतिशत अतिरिक्त ब्याज देना होगा।
आयकर विभाग की दो टीमों ने मंगलवार को ज्वाइंट कमिश्नर उमेश चंद्र भारती के निर्देश व डिप्टी कमिश्नर एतेशाम अंसारी के नेतृत्व में प्रेमनगर में रहने वाले शराब ठेकेदार योगेंद्र यादव उर्फ बबली के घर में बने ऑफिस व सीपरी बाजार स्थित भानु बुक डिपो का सर्वे किया था।
प्रेमनगर में जांच के दौरान जब्त किए आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर 3.55 करोड़ की अघोषित आय का आकलन किया गया, जिसे शराब ठेकेदार ने स्वीकार कर लिया। इसी तरह भानु बुक डिपो की जांच सुबह चार बजे पूरी हो सकी।
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चूंकि, बुक डिपो संचालक के आसपास दो बड़े गोदाम पाए गए, जिसमें रखी किताबों को सूचीबद्ध करने व खरीद- बिक्री के प्रपत्रों से मिलान करने में समय लग गया। जांच उपरांत किताब विक्रेता ने 1.60 करोड़ की अघोषित आय स्वीकार कर ली। उक्त दोनों संचालकों को अघोषित आय पर 30.9 प्रतिशत टैक्स इकतीस मार्च तक जमा करना होगा।
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आयकर विभाग की दो टीमों ने मंगलवार को ज्वाइंट कमिश्नर उमेश चंद्र भारती के निर्देश व डिप्टी कमिश्नर एतेशाम अंसारी के नेतृत्व में प्रेमनगर में रहने वाले शराब ठेकेदार योगेंद्र यादव उर्फ बबली के घर में बने ऑफिस व सीपरी बाजार स्थित भानु बुक डिपो का सर्वे किया था।
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प्रेमनगर में जांच के दौरान जब्त किए आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर 3.55 करोड़ की अघोषित आय का आकलन किया गया, जिसे शराब ठेकेदार ने स्वीकार कर लिया। इसी तरह भानु बुक डिपो की जांच सुबह चार बजे पूरी हो सकी।
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चूंकि, बुक डिपो संचालक के आसपास दो बड़े गोदाम पाए गए, जिसमें रखी किताबों को सूचीबद्ध करने व खरीद- बिक्री के प्रपत्रों से मिलान करने में समय लग गया। जांच उपरांत किताब विक्रेता ने 1.60 करोड़ की अघोषित आय स्वीकार कर ली। उक्त दोनों संचालकों को अघोषित आय पर 30.9 प्रतिशत टैक्स इकतीस मार्च तक जमा करना होगा।