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Jhansi News: अंधविश्वास...जिंदा हो जाएगी लाश, झाड़-फूंक से घंटों करते रहे प्रयास

Tue, 24 Oct 2023 12:01 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 24 Oct 2023 12:01 AM IST
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Superstition...dead body will come back to life, kept trying for hours for exorcism
एक महिला ने देवी मां की सवारी आने का हवाला देकर मृतक को जिंदा करने का किया दावा, घंटों लगा रहा दरबार
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मऊरानीपुर तहसील के ग्राम हीरापुर का मामला, बीमार युवक की हो गई थी मौत
अमर उजाला ब्यूरो
मऊरानीपुर। अमर उजाला किसी भी तरह के अंधविश्वास को बढ़ावा नहीं देता, लेकिन मऊरानीपुर क्षेत्र के एक गांव में सोमवार को एक ऐसा मामला आया, जहां परिवार व गांव वाले घंटों तक एक मृत युवक को जिंदा करने के लिए तंत्र-मंत्र व झाड़ फूंक कराने में लगे रहे। जब युवक जीवित नहीं हुआ तो घरवाले चार-पांच घंटे बाद उसे लेकर सरकारी अस्पताल दौड़े, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। ऐसे में अच्छा होता कि झाड़-फूंक की बजाय बीमार का समय से इलाज कराया जाता और हालत बिगड़ने पर उसे तुरंत डॉक्टर के पास ले जाते।
मऊरानीपुर तहसील के ग्राम हीरापुर निवासी पंचमलाल कुशवाहा (36) पुत्र नथू कई हफ्तों से बीमार था। उसके पास छह बीघा जमीन थी। वह खेती करके अपने परिवार पोलन पोषण करता था। लेकिन हालत ज्यादा बिगड़ने के कारण वह कई दिनों से खेती-बाड़ी ठीक से नहीं कर पा रहा था, इससे परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा था।
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दो दिन पहले परिवार वालों ने उसे मऊरानीपुर में एक अस्पताल में दिखाया था, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। सोमवार की तड़के करीब तीन बजे उसकी मौत हो गई। पंचमलाल की मौत होने से परिवार में रोना-पिटना मच गया। उसकी पत्नी ऊषा, बेटे बृजेन्द्र व जीतेंद्र और पंचम के भाई महीपत का रो-रोकर बुरा हाल हो रहा था।
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उधर, पंचमलाल की मौत की खबर मिलने पर गांव के लोग भी उसके घर पहुंचने लगे। इसी दौरान गांव के बाहर बने एक देव स्थान पर एक महिला ने दावा किया उसके ऊपर देवी मां की सवारी आ गई है और वह मृत पंचम को जीवित कर देगी।
पंचमलाल को तुरंत अस्पताल ले जाने की बजाय अंधविश्वास में फंसे घर और गांव वाले उसे लेकर देव स्थान के चबूतरे पर पहुंच गए। कुछ ही देर में वहां भीड़ लग गई।
हीरापुर के अलावा ग्राम सिंगरवारा व आसपास के गांव के लोग भी मौके पर पहुंच गए। पूजा-पाठ और तंत्र-मंत्र शुरू हो गया। इसके बाद देव स्थान पर चार-पांच घंटे तक दरबार चलता रहा व महिला स्वयं पर देवी मां की सवारी होने का दावा करते हुए मृत पंचम के शरीर में जल्द ही प्राण डालने का दावा करती रही। कई घंटे के बाद भी जब पंचम जीवित नहीं हुआ तो परिवार के लोग उसे सरकारी अस्पताल ले गए और डॉक्टरों से उसे बचाने की गुहार लगाने लगे। लेकिन, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

उसके बाद परिवार के लोग शव को लेकर घर लौट गए और उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। घटना आसपास के गांव में चर्चा का विषय बनी रहीं। लोग कहते रहे कि मौत होने का अंदेशा होते ही पंचम को अस्पताल ले जाते तो शायद डॉक्टर कुछ कर पाते।
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