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पूरा होने से पहले ही ठप हुआ पार्क का निर्माण
Mon, 15 Apr 2019 01:05 AM IST
देवेंद्र कुमार
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Mon, 15 Apr 2019 01:05 AM IST
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- फोटो : demo
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झांसी। शहर की घनी आबादी के बीच स्थित पुरातात्विक इमारत रघुनाथ राव महल में बनाए जा रहे पार्क का निर्माण पूरा होने से पहले ही ठप हो गया है। बजट की कमी की वजह से ये योजना साकार होने से पहले ही दम तोड़ती नजर आ रही है। इससे पार्क के निर्माण पर शुरूआत में खर्च की गई धनराशि भी पानी में जाती दिखाई दे रही है।
शहर के नई बस्ती इलाके में पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण इमारत रघुनाथ राव महल स्थित है। आसपास के क्षेत्र के लोगों को बेहतर जन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर निगम ने यहां पार्क के निर्माण की योजना बनाई थी। ये काम अमृत योजना (अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन) के तहत किया जाना था, जिस पर 1.78 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जानी थी। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए शुरुआत में पच्चीस लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई थी, जिससे जनवरी 2018 में काम शुरू हो गया था। काम पूरा होने की अवधि छह माह निर्धारित की गई थी। शुरुआत में काम तेज गति से हुआ। धरातल पर पार्क का आकार नजर आने लगा। लेकिन, इसके बाद परियोजना के बजट की शेष राशि आवंटित नहीं की गई। हालात ये हैं कि लगभग एक साल से काम ठप पड़ा हुआ है। जितना काम अभी हुआ है, उसे बचाना भी मुश्किल पड़ रहा है। जानकारों का कहना है कि यदि जल्द ही बजट की आगामी राशि नहीं मिलती है, तो अब तक हुआ काम भी जमींदोज हो जाएगा, जिससे इस पर खर्च हुआ लाखों रुपया पानी में चला जाएगा।
पानी वाली धर्मशाला भी बदहाल
झांसी। शहर के वार्ड नंबर 56 में पानी का प्राचीन स्रोत पानी वाली धर्मशाला स्थित है। दो साल पहले इसके विकास की योजना बनाई गई थी, जिसे अमलीजामा पहनाने के लिए बीस लाख रुपये की लागत से इसकी सफाई का काम शुरू किया गया था। लेकिन, इससे पहले काम पूरा हो पाता, बारिश शुरू हो गई, जिससे धर्मशाला एक बार फिर पुरानी स्थिति में पहुंच गई। हालात ये हैं कि धर्मशाला की ऊपरी सतह जलकुंभी से पटी पड़ी है, जबकि इसके नीचे गंदा कीचड़युक्त पानी जमा है। इन हालातों में इसके विकास पर पूर्व में खर्च की गई धनराशि पानी में जाती दिखाई दे रही है।
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लोगों को बेहतर जन सुविधा देने की दृष्टि से रघुनाथ राव महल में पार्क का निर्माण किया जाना है। बजट के अभाव में काम अभी अटका हुआ है। लेकिन, उम्मीद है कि जल्द बजट मिल जाएगा। साथ ही पानी वाली धर्मशाला का स्मार्ट सिटी योजना के तहत विकास किया जाएगा।
- एल एन सिंह, मुख्य अभियंता - नगर निगम झांसी
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शहर के नई बस्ती इलाके में पुरातात्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण इमारत रघुनाथ राव महल स्थित है। आसपास के क्षेत्र के लोगों को बेहतर जन सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नगर निगम ने यहां पार्क के निर्माण की योजना बनाई थी। ये काम अमृत योजना (अटल नवीनीकरण और शहरी परिवर्तन मिशन) के तहत किया जाना था, जिस पर 1.78 करोड़ रुपये की धनराशि खर्च की जानी थी। योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए शुरुआत में पच्चीस लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई थी, जिससे जनवरी 2018 में काम शुरू हो गया था। काम पूरा होने की अवधि छह माह निर्धारित की गई थी। शुरुआत में काम तेज गति से हुआ। धरातल पर पार्क का आकार नजर आने लगा। लेकिन, इसके बाद परियोजना के बजट की शेष राशि आवंटित नहीं की गई। हालात ये हैं कि लगभग एक साल से काम ठप पड़ा हुआ है। जितना काम अभी हुआ है, उसे बचाना भी मुश्किल पड़ रहा है। जानकारों का कहना है कि यदि जल्द ही बजट की आगामी राशि नहीं मिलती है, तो अब तक हुआ काम भी जमींदोज हो जाएगा, जिससे इस पर खर्च हुआ लाखों रुपया पानी में चला जाएगा।
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पानी वाली धर्मशाला भी बदहाल
झांसी। शहर के वार्ड नंबर 56 में पानी का प्राचीन स्रोत पानी वाली धर्मशाला स्थित है। दो साल पहले इसके विकास की योजना बनाई गई थी, जिसे अमलीजामा पहनाने के लिए बीस लाख रुपये की लागत से इसकी सफाई का काम शुरू किया गया था। लेकिन, इससे पहले काम पूरा हो पाता, बारिश शुरू हो गई, जिससे धर्मशाला एक बार फिर पुरानी स्थिति में पहुंच गई। हालात ये हैं कि धर्मशाला की ऊपरी सतह जलकुंभी से पटी पड़ी है, जबकि इसके नीचे गंदा कीचड़युक्त पानी जमा है। इन हालातों में इसके विकास पर पूर्व में खर्च की गई धनराशि पानी में जाती दिखाई दे रही है।
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लोगों को बेहतर जन सुविधा देने की दृष्टि से रघुनाथ राव महल में पार्क का निर्माण किया जाना है। बजट के अभाव में काम अभी अटका हुआ है। लेकिन, उम्मीद है कि जल्द बजट मिल जाएगा। साथ ही पानी वाली धर्मशाला का स्मार्ट सिटी योजना के तहत विकास किया जाएगा।
- एल एन सिंह, मुख्य अभियंता - नगर निगम झांसी