{"_id":"6022e4b28ebc3ed1b63ea4d6","slug":"staf-nurse-reached-ssp-office-for-report-jhansi-news-jhs18817407","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुकदमा दर्ज कराने के लिए एसएसपी की चौखट पहुंची स्टाफ नर्स","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मुकदमा दर्ज कराने के लिए एसएसपी की चौखट पहुंची स्टाफ नर्स
विज्ञापन
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर पर शारीरिक शोषण का आरोप लगाने वाली स्टाफ नर्स को मुकदमा दर्ज कराने के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। चौकी, थाने का चक्कर लगाते-लगाते आजिज आ गई स्टाफ नर्स मंगलवार को एसएसपी की चौखट पहुंच गई। उनसे मुलाकात नहीं हो सकी। वहां एएसपी को प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया कि पुलिस भटका रही है। मुकदमा दर्ज नहीं कर रही। उन्होंने कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मेडिकल कॉलेज की स्टाफ नर्स ने जूनियर डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। स्टाफ नर्स का आरोप है कि इंटरनल प्रमोशन का लालच देकर जूनियर डॉक्टर ने उसे जाल में फंसाया। धीरे-धीरे उससे नजदीकी बढ़ाता चला गया और फिर शारीरिक संबंध स्थापित कर लिए। फिर दोस्त के साथ भी संबंध बनाने का दबाव बनाने लगा। जब उसने इंकार कर दिया तो उसका दोस्त उसे बदनाम करने की धमकी देने लगा। कॉलेज प्रशासन ने शिकायत पर जेंडर हैरिसमेंट कमेटी को जांच सौंप दी थी, जिसकी रिपोर्ट भी प्राचार्य के पास पहुंच चुकी है।
वहीं, स्टाफ नर्स का आरोप है कि उसने 23 जनवरी को पुलिस को पहली बार शिकायती पत्र सौंपा था। इसके बाद तीन फरवरी को फिर से प्रार्थनापत्र दिया। पुलिस ने दोनों ही बार उसे कोई रिसीविंग भी नहीं दी। थाने, चौकी का चक्कर लगाते-लगाते वह थक गई लेकिन पुलिस कार्रवाई का आश्वासन देती रही। थक-हारकर स्टाफ नर्स एसएसपी से न्याय मांगने के लिए पहुंच गई। वहां एएसपी से मुलाकात हुई तो उसने शिकायती पत्र सौंपा। स्टाफ नर्स ने मांग की कि जल्द से जल्द मुकदमा दर्ज कर आरोपी जूनियर डॉक्टर को जेल भेजा जाए। जब तक कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह चुप नहीं बैठेगी।
विज्ञापन
मामले की आंतरिक जांच कराई जा रही है। जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाएगा। - विवेक त्रिपाठी, एसपी सिटी।
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज की स्टाफ नर्स ने जूनियर डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। स्टाफ नर्स का आरोप है कि इंटरनल प्रमोशन का लालच देकर जूनियर डॉक्टर ने उसे जाल में फंसाया। धीरे-धीरे उससे नजदीकी बढ़ाता चला गया और फिर शारीरिक संबंध स्थापित कर लिए। फिर दोस्त के साथ भी संबंध बनाने का दबाव बनाने लगा। जब उसने इंकार कर दिया तो उसका दोस्त उसे बदनाम करने की धमकी देने लगा। कॉलेज प्रशासन ने शिकायत पर जेंडर हैरिसमेंट कमेटी को जांच सौंप दी थी, जिसकी रिपोर्ट भी प्राचार्य के पास पहुंच चुकी है।
विज्ञापन
वहीं, स्टाफ नर्स का आरोप है कि उसने 23 जनवरी को पुलिस को पहली बार शिकायती पत्र सौंपा था। इसके बाद तीन फरवरी को फिर से प्रार्थनापत्र दिया। पुलिस ने दोनों ही बार उसे कोई रिसीविंग भी नहीं दी। थाने, चौकी का चक्कर लगाते-लगाते वह थक गई लेकिन पुलिस कार्रवाई का आश्वासन देती रही। थक-हारकर स्टाफ नर्स एसएसपी से न्याय मांगने के लिए पहुंच गई। वहां एएसपी से मुलाकात हुई तो उसने शिकायती पत्र सौंपा। स्टाफ नर्स ने मांग की कि जल्द से जल्द मुकदमा दर्ज कर आरोपी जूनियर डॉक्टर को जेल भेजा जाए। जब तक कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह चुप नहीं बैठेगी।
विज्ञापन
मामले की आंतरिक जांच कराई जा रही है। जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो तत्काल मुकदमा दर्ज किया जाएगा। - विवेक त्रिपाठी, एसपी सिटी।