{"_id":"9e7ee35126cf7fe22d6c66d52c5d8dc1","slug":"sp-candidate-in-chirgaon-flat-hoisted-the-rebel-flag-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चिरगांव में सपा प्रत्याशी चित, बागी ने फहराया परचम ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चिरगांव में सपा प्रत्याशी चित, बागी ने फहराया परचम
ब्यूरो
Updated Mon, 08 Feb 2016 12:39 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चिरगांव (झांसी)। जिले के सात ब्लाकों में निर्विरोध ब्लॉक प्रमुख बनाने वाली समाजवादी पार्टी को चिरगांव ब्लाक में पार्टी के ही बागी प्रत्याशी से हार का सामना करना पड़ा। यहां से 43 वोट प्राप्त कर रामदेवी ने जीत हासिल की, जबकि सपा की अधिकृत प्रत्याशी गीता प्रजापति को 28 वोट हासिल हुए। दो मत अवैध पाए गए।
ब्लॉक मुख्यालय पर बनाए गए मतदान केंद्र पर कड़ी सुरक्षा के बीच पूर्वाह्न 11 बजे मतदान शुरू हुआ। प्रत्याशी अपनी गाड़ियों से क्षेत्र पंचायत सदस्यों को मतदान के लिए ला रहे थे। पुलिस ने बैरीकेडिंग लगाकर दो सौ मीटर दूर ही गाड़ियों को रोक दिया, वहां से पैदल ही बीडीसी सदस्यों को वोट डालने आना पड़ा।
दोपहर पौने दो बजे तक समस्त 73 बीडीसी अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे। मतदान केंद्र पर निर्वाचन अधिकारी की सख्ती के कारण प्रत्याशियों के अलावा किसी को एजेंट नहीं बनने दिया गया, दोनों प्रत्याशियों के समक्ष ही मतदान तथा मतगणना कराई गई।
विज्ञापन
साढ़े तीन बजे जैसे ही निर्वाचन अधिकारी राकेश सक्सेना ने परिणाम की घोषणा की तो बाहर पटाखे चलने लगे। मतगणना के बाद ही पराजित प्रत्याशी श्रीमती गीता प्रजापति की आंखें भर आईं, तो विजयी प्रत्याशी रामदेवी ने उन्हें गले लगाकर ढांढस बंधाया।
पार्टी नेताओं ने नहीं दिया साथ: प्रजापति
झांसी। चिरगांव में ब्लाक प्रमुख पद के लिए समाजवादी पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी गीता के पति जितेंद्र प्रजापति ने अपनी ही पार्टी के नेताओं को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी का स्थानीय बड़े नेताओं व जिला संगठन ने किसी भी तरह से साथ नहीं दिया।
वह नामांकन से लेकर मतदान तक प्रत्याशी से दूरी बनाए रहे। बल्कि, वह बागी प्रत्याशी प्रत्याशी के साथ नजर आए। सत्ताधारी दल का टिकट होने के बाद भी उनके साथ सत्ता के विरुद्ध चुनाव लड़ने जैसी स्थिति रही। जबकि, पार्टी को बगावत करने करने वाले का पूर्व में ही निष्कासन कर देना चाहिए थे, परंतु ऐसा नहीं करके उसे प्रोत्साहन दिया गया। उन्होंने बताया कि पार्टी के लोगों के इस रवैये की शिकायत वह प्रदेशीय नेतृत्व से करेंगे।
विज्ञापन
ब्लॉक मुख्यालय पर बनाए गए मतदान केंद्र पर कड़ी सुरक्षा के बीच पूर्वाह्न 11 बजे मतदान शुरू हुआ। प्रत्याशी अपनी गाड़ियों से क्षेत्र पंचायत सदस्यों को मतदान के लिए ला रहे थे। पुलिस ने बैरीकेडिंग लगाकर दो सौ मीटर दूर ही गाड़ियों को रोक दिया, वहां से पैदल ही बीडीसी सदस्यों को वोट डालने आना पड़ा।
विज्ञापन
दोपहर पौने दो बजे तक समस्त 73 बीडीसी अपने मताधिकार का प्रयोग कर चुके थे। मतदान केंद्र पर निर्वाचन अधिकारी की सख्ती के कारण प्रत्याशियों के अलावा किसी को एजेंट नहीं बनने दिया गया, दोनों प्रत्याशियों के समक्ष ही मतदान तथा मतगणना कराई गई।
विज्ञापन
साढ़े तीन बजे जैसे ही निर्वाचन अधिकारी राकेश सक्सेना ने परिणाम की घोषणा की तो बाहर पटाखे चलने लगे। मतगणना के बाद ही पराजित प्रत्याशी श्रीमती गीता प्रजापति की आंखें भर आईं, तो विजयी प्रत्याशी रामदेवी ने उन्हें गले लगाकर ढांढस बंधाया।
पार्टी नेताओं ने नहीं दिया साथ: प्रजापति
झांसी। चिरगांव में ब्लाक प्रमुख पद के लिए समाजवादी पार्टी की अधिकृत प्रत्याशी गीता के पति जितेंद्र प्रजापति ने अपनी ही पार्टी के नेताओं को कटघरे में खड़ा कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी का स्थानीय बड़े नेताओं व जिला संगठन ने किसी भी तरह से साथ नहीं दिया।
वह नामांकन से लेकर मतदान तक प्रत्याशी से दूरी बनाए रहे। बल्कि, वह बागी प्रत्याशी प्रत्याशी के साथ नजर आए। सत्ताधारी दल का टिकट होने के बाद भी उनके साथ सत्ता के विरुद्ध चुनाव लड़ने जैसी स्थिति रही। जबकि, पार्टी को बगावत करने करने वाले का पूर्व में ही निष्कासन कर देना चाहिए थे, परंतु ऐसा नहीं करके उसे प्रोत्साहन दिया गया। उन्होंने बताया कि पार्टी के लोगों के इस रवैये की शिकायत वह प्रदेशीय नेतृत्व से करेंगे।