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चेन्नई व मैसूर जैसा स्मार्ट होगा शहर का यातायात
ब्यूरो
Updated Tue, 01 Dec 2015 12:52 AM IST
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झांसी। आने वाले दिनों में झांसी में हाईटेक तरीके से यातायात का संचालन होगा। शहर के विभिन्न चौराहों पर सेंसिटिव कैमरे और सिग्नल लगाए जाएंगे। योजना को साकार रूप देने के लिए नगर निगम व यातायात पुलिस ने सोमवार को मंथन किया। नगर निगम ने कार्ययोजना का खाका खींचकर यातायात पुलिस से सुझाव मांगा है।
सोमवार को नगर आयुक्त अरुण प्रकाश की अध्यक्षता में कार्यालय में हुई बैठक में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को स्मार्ट बनाने पर मंथन किया गया। नगर निगम के अधिशासी अभियंता यातायात एके सिंह ने बताया कि चेन्नई और मैसूर में हाईटेक टेक्नोलॉजी से ट्रैफिक का संचालन होता है।
वहां की सिग्नल व्यवस्था इंटरनेट से जुड़ी हुई है। सिग्नल के साथ सेंसिटिव सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। सभी चौराहों के सिग्लन व कैमरे इंटरनेट के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं। कैमरे की रेंज 200 मीटर की रहती है और वह इतना सेंसिटिव है कि सड़कों पर वाहनों के बोझ का अंदाजा लगाकर सिग्नल को संचालित करता है।
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उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था झांसी में लागू करने की तैयारी की जा रही है। टेक्नोलॉजी से जुड़े सॉफ्टवेयर, कैमरे, सिग्नल व वायरलेस सेंसर खरीदने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने टीएसआई सुभाष चंद्र यादव से किस- किस चौराहे पर ट्रैफिक लाइट लगाना चाहते हैं, इसकी डिटेल बनाकर देने को कहा है।
साथ ही उन्होंने यातायात व्यवस्था में सुधार हेतु डिवाइडर में कट लगाने, कट बंद करने, ब्रेकर बनाने, हटाने व अन्य कार्यों के लिए सुझाव देने को कहा है। सुझाव मिलने के बाद व्यवस्था पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
तीन सौ करोड़ की है योजना
स्मार्ट सिटी में पैन सिटी विकास के तहत यातायात व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना है। इसके लिए झांसी नगर निगम को तीन सौ करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इस राशि से सड़कें दुरुस्त करने, ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था बनाने, सिटी बसें चलाने आदि का कार्य किया जाएगा।
20 स्थानों पर बनेंगे टैंपो टर्मिनल
यातायात पुलिस द्वारा चिह्नित किए गए बीस स्थानों को नगर निगम टैंपो टर्मिनल के तौर पर विकसित करेगी। सभी 20 स्थानों पर पीपीपी मॉडल पर टर्मिनल विकसित किए जाएंगे, जहां टैंपो क्रम में खड़ी होंगी। वहीं से यात्रियों को बैठाने और उतारने का काम होगा। इन स्थानों पर मूत्रालय, शौचालय और पेयजल की व्यवस्था भी की जाएगी।
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सोमवार को नगर आयुक्त अरुण प्रकाश की अध्यक्षता में कार्यालय में हुई बैठक में शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को स्मार्ट बनाने पर मंथन किया गया। नगर निगम के अधिशासी अभियंता यातायात एके सिंह ने बताया कि चेन्नई और मैसूर में हाईटेक टेक्नोलॉजी से ट्रैफिक का संचालन होता है।
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वहां की सिग्नल व्यवस्था इंटरनेट से जुड़ी हुई है। सिग्नल के साथ सेंसिटिव सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। सभी चौराहों के सिग्लन व कैमरे इंटरनेट के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं। कैमरे की रेंज 200 मीटर की रहती है और वह इतना सेंसिटिव है कि सड़कों पर वाहनों के बोझ का अंदाजा लगाकर सिग्नल को संचालित करता है।
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उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था झांसी में लागू करने की तैयारी की जा रही है। टेक्नोलॉजी से जुड़े सॉफ्टवेयर, कैमरे, सिग्नल व वायरलेस सेंसर खरीदने की तैयारी की जा रही है। उन्होंने टीएसआई सुभाष चंद्र यादव से किस- किस चौराहे पर ट्रैफिक लाइट लगाना चाहते हैं, इसकी डिटेल बनाकर देने को कहा है।
साथ ही उन्होंने यातायात व्यवस्था में सुधार हेतु डिवाइडर में कट लगाने, कट बंद करने, ब्रेकर बनाने, हटाने व अन्य कार्यों के लिए सुझाव देने को कहा है। सुझाव मिलने के बाद व्यवस्था पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
तीन सौ करोड़ की है योजना
स्मार्ट सिटी में पैन सिटी विकास के तहत यातायात व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करना है। इसके लिए झांसी नगर निगम को तीन सौ करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इस राशि से सड़कें दुरुस्त करने, ट्रैफिक सिग्नल व्यवस्था बनाने, सिटी बसें चलाने आदि का कार्य किया जाएगा।
20 स्थानों पर बनेंगे टैंपो टर्मिनल
यातायात पुलिस द्वारा चिह्नित किए गए बीस स्थानों को नगर निगम टैंपो टर्मिनल के तौर पर विकसित करेगी। सभी 20 स्थानों पर पीपीपी मॉडल पर टर्मिनल विकसित किए जाएंगे, जहां टैंपो क्रम में खड़ी होंगी। वहीं से यात्रियों को बैठाने और उतारने का काम होगा। इन स्थानों पर मूत्रालय, शौचालय और पेयजल की व्यवस्था भी की जाएगी।