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स्मार्ट सिटी मिशन पूरा, आठ प्रोजेक्ट का काम अधूरा

Sat, 25 Jun 2022 01:39 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 25 Jun 2022 01:39 AM IST
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Smart city mission completed, eight projects unfinished
झांसी। महानगर को स्मार्ट बनाने के लिए शुरु किया गया स्मार्ट सिटी मिशन पूरा हो गया है लेकिन महानगर की स्मार्टनेस नहीं बढ़ सकी। आलम यह हुआ कि स्मार्ट सिटी के नाम पर दावे-वादों के साथ करोड़ों के प्रोजेक्ट बनाए गए, लेकिन आठ बड़े प्रोजेक्ट पर काम पूरा ही नहीं हो सका। ये प्रोजेक्ट पूरे होते तो शायद महानगर में विकास को और गति मिलती। हालांकि अफसरों का दावा है कि काम जल्द पूरे कर लिए जाएंगे, लेकिन बजट का अभाव इसमें बाधा बन सकता है।
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स्मार्ट सिटी मिशन में झांसी 23 जून 2017 को तीसरे राउंड में चयनित हुई थी। मिशन के तहत महानगर के कायाकल्प के लिए कुल एक हजार करोड़ रुपये की लागत से 63 प्रोजेक्ट पर काम करने की योजना बनाई गई। योजना की शुरुआत में अफसरों की तनातनी के चलते हालात हुए कि तीन साल में महज 67 करोड़ रुपये के काम ही कराए जा सके। इसके बाद शासन ने कामों की धीमी गति पर नाराजगी जाहिर की, तो 2020 से कामों में तेजी लाई गई। अब तक कुल 927.73 करोड़ की लागत से 63 प्रोजेक्ट पर काम कराया गया। इसमें इंट्रीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल रूम, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, ओपन जिम, स्मार्ट क्लास, एसी बैडमिंटन कोर्ट, इलेक्ट्रिक बस संचालन जैसे कार्य शामिल हैं। मगर अभी भी तमाम बड़े काम ऐसे हैं, जो अधूरे हैं। इनमें आंतिया ताल एवं लक्ष्मीताल का सुंदरीकरण, मिनी स्टेडियम, तारामंडल का निर्माण, किले के आसपास सुंदरीकरण जैसे काम शामिल हैं। आतियां तालाब का काम तो ऐसा है, जिसकी डेडलाइन ही पूरी हो चुकी है। स्मार्ट वेंडिंग जोन का काम भी पूरा नहीं हुआ। वहीं, डिप्टी सीईओ शादाब असलम का कहना है कि मिशन प्रोजेक्ट भले खत्म हो गया हो लेकिन इन कार्यों के लिए बजट जारी हो चुका है। अब यह कार्य कराने में पैसे की अड़चन नहीं आएगी।
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स्मार्ट सिटी मिशन से पूरे होने वाले अहम कार्य
इंट्रीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल रूम
- पार्कों में ओपन जिम
- स्मार्ट क्लास एवं कंप्यूटर लैब
- ध्यानचंद स्टेडियम में वातानुकूलित बैडमिंटन कोर्ट
- जीजीआईसी स्कूल के नए भवन का निर्माण
- इलेक्ट्रिक बसों का संचालन
पांच साल में पूरे करने होते हैं मिशन प्रोजेक्ट
मिशन प्रोजेक्ट को पांच साल में पूरा करना होता। इस लिहाज से स्मार्ट सिटी मिशन फेज वन का काम जून 2022 में पूरा हो गया। अब केंद्र सरकार से स्मार्ट सिटी के तहत चयनित किसी काम के लिए कोई पैसा नहीं मिलेगा।
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लागत बढ़ी तो कहां से आएगा बजट
महानगर में अधूरे पड़े कामों को लेकर स्मार्ट सिटी के अधिकारी कह रहे हैं कि बजट की कमी नहीं होगी, क्योंकि हर कार्य का बजट स्वीकृत है। अगर किसी काम की लागत में इजाफा होता है, तो बजट का प्रावधान कहां से होगा, इसका कोई प्लान नहीं है। ऐसे में निर्माण कार्य फंस सकते हैं।
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