फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Single dor dikievery condition damage ration carry system

राशन उठान की सिंगल डोर डिलीवरी व्यवस्था धड़ाम

Fri, 01 Jan 2021 01:38 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 01 Jan 2021 01:38 AM IST
विज्ञापन
Single dor dikievery condition damage ration carry system
झांसी। राशन उठान के लिए शुरू हुई सिंगल डोर डिलीवरी व्यवस्था महज दो माह में ही धड़ाम हो गई। तमाम व्यवहारिक कठिनाइयों के चलते अफसर अब इसे आगे बढ़ाने को राजी नहीं हैं। ऐसे में फिलहाल पुरानी व्यवस्था के ही फिर से लागू होने की उम्मीद जताई जा रही है।
विज्ञापन

एफसीआई गोदाम से सीधे कोटे की दुकान तक अनाज पहुंचाने को शासन ने अक्तूबर माह में सिंगल डोर डिलीवरी व्यवस्था लागू की थी। चिरगांव में 51, ललितपुर के बांसी में 53 एवं जालौन में 87 कोटेदारों के साथ इसकी शुरूआत हुई थी।
विज्ञापन

इसके पहले टू स्टेप वितरण व्यवस्था के जरिए अनाज पहुंचाया जाता था। इसके जरिए पहले ब्लॉक स्थित गोदामों तक अनाज पहुंचाया जाता था। उसके बाद वहां से कोटेदार तक यह पहुंचता था। सरकार का कहना था टू स्टेप में समय अधिक लगने के साथ परिवहन लागत भी बढ़ जाती है। इसे खत्म करने के लिए सिंगल स्टेप सिस्टम लागू किया गया लेकिन, अफसरों के होमवर्क न करने से यह व्यवस्था कुछ समय में धड़ाम हो गई। समय से अनाज न पहुंचने की शिकायतों का अंबार लगना शुरू हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

नई व्यवस्था में सबसे बड़ी दिक्कत अनाज को कोटेदार तक पहुंचाने में आई। आरएफसी के पास करीब 20 टन क्षमता के ट्रक हैं जबकि अधिकांश कोटेदारों की दुकाने संकरी गलियों में हैं। इस वजह से ट्रक उनकी दुकानों तक पहुंच नहीं पाते। रोस्टर तय न होने से ट्रक खाली होने में भी कई दिन तक लग जाते। इसके अलावा चावल एवं गेहूं के गोदाम अलग-अलग जगहों पर हैं। इनको एक साथ कोटेदार तक पहुंचाने में भी परेशानी होती है। कई बोरियों के कटी-फटी होने से भी ट्रकों को खाली होने में काफी समय लग जाता है। इन परेशानियों को देखते हुए आरएफसी के ठेकेदारों ने हाथ खड़े कर दिए। ठेकेदारों के पल्ला झाड़ने से महकमा भी परेशानी में पड़ गया। आरएफसी ने आला अफसरों से नई व्यवस्था को लेकर दिशा-निर्देश मांगे हैं। आरएफसी नरेंद्र कुमार का कहना है कि विभागीय ठेकेदारों ने अपनी परेशानियों के बारे में बताया है। इस वजह से व्यवस्था आगे बढ़ाने में दिक्कत हो रही है। शासन को इससे अवगत करा दिया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed