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शादी से पहले मेडिकल हिस्ट्री जानें, बचें अनुवांशिक रोगों से

Sat, 17 Apr 2021 02:04 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 17 Apr 2021 02:04 AM IST
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shadi se pehle medical history jane
झांसी। यदि आपके बच्चे के दांत निकल रहे हैं और उसके मसूड़ों से लगातार खून बह रहा है तो सावधान हो जाइए, क्योंकि यह हीमोफीलिया के लक्षणों में से एक है। इस बीमारी में लगातार रक्तस्त्राव होता है। हालांकि, यह समस्या लगभग दस हजार में से किसी एक को होती है। ऐसे में कुंडली की ही तरह शादी से पहले मेडिकल हिस्ट्री जानकर अनुवांशिक रोगों से बचा जा सकता है।
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आमतौर पर देखा गया है कि चोट लगने या घाव होने के बाद खून निकलता है और कुछ देर बाद अपने आप या फर्स्ट एड करने पर खून का बहाव बंद हो जाता है। मगर हीमोफीलिया से पीड़ित व्यक्ति में ऐसा नहीं होता है। खून अपने आप बहना बंद नहीं होगा। न ही शरीर में ऐसे तंत्र काम करेंगे, जो खून को बहने से रोकने में सक्षम हों। इसलिए उनका खून ज्यादा समय तक बहता रहता है। अक्सर इस रोग का पता आसानी से नहीं चलता है, जब बच्चे के दांत निकलते हैं और खून बहना बंद नहीं होता तब इस बीमारी के बारे में पता चल सकता है।
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ऐसे होता है इलाज
जिस तरह शादी से पहले कुंडली मिलाई जाती है, उसी प्रकार आने वाले गंभीर बीमारियों जैसे डायबिटीज, हीमोफीलिया, कैंसर रोगों से बचने के लिए मेडिकल हिस्ट्री जानना बहुत जरूरी है। साथ ही गर्भधारण से पूर्व माता और पिता का मेडिकल चेकअप होना बहुत जरूरी है। इस तरह से समय रहते इलाज होना संभव होता है। पूरे बुंदेलखंड में मेडिकल कॉलेज झांसी में ही इस बीमारी का निशुल्क उपचार है। क्लॉटिंग फैक्टर प्रोटीन को इंजेक्शन के जरिए दिया जाता है।
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ये हैं प्रकार
- हीमोफीलिया ए: यह बेहद सामान्य प्रकार का हीमोफीलिया होता है, इसमें रक्त के थक्के बनने के लिए जरूरी फैक्टर 8 की कमी हो जाती है। मेडिकल कॉलेज में फैक्टर 8 के 101 मरीज इलाज ले रहे हैं।
- हीमोफीलिया बी: यह दुर्लभ प्रकार का हीमोफीलिया होता है, इसमें क्लॉटिंग फैक्टर 9 की कमी हो जाती है। मौजूदा समय में मेडिकल कॉलेज में फैक्टर 9 के नौ मरीज इलाज ले रहे हैं।

ये हैं लक्षण
- मांसपेशियों और जोड़ों में रक्तस्त्राव या दर्द होना।
- नाक से लगातार खून निकलना।
- त्वचा का आसानी से छिल जाना।
- शरीर पर लाल, नीले व काले रंग के गांठदार चकत्ते।
- सूजन, दर्द या त्वचा गर्म हो जाना।
- चिड़चिड़ापन, उल्टी, दस्त, ऐंठन, चक्कर, घबराहट होना।
- सांस लेने में समस्या
- खून या काला गाढ़े घोल जैसे पदार्थ की उल्टी करना
हीमोफीलिया रोग माता-पिता से बच्चे में आता है यानी यह रोग अनुवांशिक है। इससे पीड़ित लोगों में खून के थक्के बनना बंद हो जाते हैं। सामान्य लोगों को चोट लगने पर खून में थक्के बनाने के लिए जरूरी घटक खून में मौजूद प्लेटलेट्स से मिलकर उसे गाढ़ा कर देते हैं। इस तरह खून अपने आप बहना बंद हो जाता है लेकिन जो लोग हीमोफीलिया से पीड़ित होते हैं, उनमें थक्के बनाने वाला घटक बहुत कम होता या होता ही नहीं है। - डॉ. ओमशंकर चौरसिया, बाल रोग विशेषज्ञ, मेडिकल कॉलेज।
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