{"_id":"5b4659174f1c1b3d5e8b50b9","slug":"sabbhan-mobile-pr-n-btay-aadar-number","type":"story","status":"publish","title_hn":"सावधान! मोबाइल पर न बताएं आधार नंबर ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सावधान! मोबाइल पर न बताएं आधार नंबर
amarujala
Updated Thu, 12 Jul 2018 12:53 AM IST
विज्ञापन
aadar card, jhansi news
- फोटो : demo
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अगर, आपसे कोई मोबाइल पर कॉल करके आधार नंबर पूछ रहा है तो उसे न बताएं। दरअसल, जालसाज लोग आधार नंबर जानकर आपके एकाउंट से रुपये उड़ा सकते हैं।
बुधवार की शाम चार बजे डीआरएम कार्यालय में कार्यरत एक वाणिज्य निरीक्षक के पास मोबाइल नंबर 09831074518 से कॉल आया कि मैं भारतीय स्टेट बैंक की रेलवे स्टेशन शाखा से बोल रहा हूं। आपके एकाउंट से आधार नंबर लिंक नहीं है। आधार नंबर लिंक कराने के लिए आप उसका नंबर बता दें। आधार नंबर न बताने पर आपके एकाउंट से छह हजार रुपये काट लिए जाएंगे।
चूंकि, उन्होंने एक महीने पहले ही आधार नंबर एकाउंट से लिंक कराया था। इस कारण उन्होंने कहा कि मैं पास ही हूं। बैंक आकर ही बता रहा हूं। वह बैंक पहुंच गए तो मैनेजर ने बताया कि उनके यहां से कोई फोन नहीं किया गया है और न ही यह नंबर उनके यहां किसी अधिकारी या कर्मचारी का है। वह दोबारा अपने कार्यालय लौट आए। 40 मिनट बाद ही उसी नंबर से दोबारा कॉल आ गया। इस बार जालसाज ने कहा कि मैं लखनऊ शाखा से बोल रहा हूं। इस पर उन्होंने फोन काट दिया। ऐसा यह पहला मामला नहीं है। इसी तरह जालसाज लोगों के आधार नंबर जानकर उनके एकाउंट से साइबर क्राइम के जरिये रुपए उड़ा रहे हैं।
विज्ञापन
बुधवार की शाम चार बजे डीआरएम कार्यालय में कार्यरत एक वाणिज्य निरीक्षक के पास मोबाइल नंबर 09831074518 से कॉल आया कि मैं भारतीय स्टेट बैंक की रेलवे स्टेशन शाखा से बोल रहा हूं। आपके एकाउंट से आधार नंबर लिंक नहीं है। आधार नंबर लिंक कराने के लिए आप उसका नंबर बता दें। आधार नंबर न बताने पर आपके एकाउंट से छह हजार रुपये काट लिए जाएंगे।
चूंकि, उन्होंने एक महीने पहले ही आधार नंबर एकाउंट से लिंक कराया था। इस कारण उन्होंने कहा कि मैं पास ही हूं। बैंक आकर ही बता रहा हूं। वह बैंक पहुंच गए तो मैनेजर ने बताया कि उनके यहां से कोई फोन नहीं किया गया है और न ही यह नंबर उनके यहां किसी अधिकारी या कर्मचारी का है। वह दोबारा अपने कार्यालय लौट आए। 40 मिनट बाद ही उसी नंबर से दोबारा कॉल आ गया। इस बार जालसाज ने कहा कि मैं लखनऊ शाखा से बोल रहा हूं। इस पर उन्होंने फोन काट दिया। ऐसा यह पहला मामला नहीं है। इसी तरह जालसाज लोगों के आधार नंबर जानकर उनके एकाउंट से साइबर क्राइम के जरिये रुपए उड़ा रहे हैं।
विज्ञापन