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बारिश में बजबजाया कचरा, हालात बिगड़े
amarujala
Updated Mon, 24 Jul 2017 12:56 AM IST
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nagar nigam jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी। नियमित कचरा उठान और सफाई नहीं होने का बारिश में ज्यादा दिख रहा है। कई इलाकों में खाली प्लाट कचराघरों में तब्दील हो गए हैं, जो बारिश में बीमारियों का बड़ा कारण बन गए हैं। कई नाले भी साफ नहीं हुए हैं। कई मोहल्लों में नालियां चोक हैं। गंदगी और बदबू ने इलाकाई लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। नगर निगम का ध्यान इधर नहीं है।
बारिश पर कचरे के ढेर सड़ांध फैला रहे हैं। मच्छरों की भरमार हो गई है, जो कचरे से उड़कर घरों और दुकानों तक पहुंच रहे हैं। 17 कचरा घरों पर अवैध कब्जे हो गए हैं। कहीं भवन तो कहीं दुकानें बना ली गई हैं और यही कारण है कि अब लोग कचरा इधर-उधर फेंक रहे हैं। मोहल्ले के खाली प्लाटों को भी कचराघर बना दिया है। नगर निगम न तो इन कचराघरों से अवैध कब्जे हटा पा रहा है और न ही कोई वैकल्पिक इंतजाम कर रहा है। यह बड़ी समस्या है।
सीपरी बाजार के हालात बदतर
सीपरी बाजार में ओवरब्रिज के नीचे पुराने पैट्रोल डिपो के पास कचरे का ढेर लगा रहता है। पास में फल मार्केट होने के कारण फल विक्रेता सड़क फल और सब्जियां यहीं पर फेंक देते हैं। नियमित सफाई नहीं होने के कारण बदबू फैलती है। सीपरी बाजार से नंदनपुरा जाने वालों के लिए यह मुख्य सड़क है। सड़क के किनारे कचरा पड़ा रहने के कारण आने जाने वालों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
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कोतवाली की ढाल पर कूड़ा
कोतवाली की ढाल पर मस्जिद के आगे नगर निगम का कचरा घर है। लेकिन कचरा बीच सड़क पर डाला जा रहा है। इसकी वजह कचरा घर की जमीन पर कब्जा हो जाना है और नगर निगम का इस ओर ध्यान नहीं देना है। कचरा पूरे रास्ते में डाला जा रहा है। कचरा नियमित रूप से उठाया नहीं जा रहा है। मुहल्ले में रहने वालों को बरसात में कचरा सड़ जाने के कारण बदबू के मारे बुरा हाल रहता है।
बंसल कालोनी के गेट पर कचरा
ग्वालियर रोड स्थित श्री सिद्धेश्वर मंदिर के बगल में बंसल कालोनी के गेट पर कचरा पड़ा रहता है। कालोनी में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाया जा रहा है। यह कचरा कालोनी के गेट पर डाल दिया जाता है। यही नहीं कचरा नियमित उठाया भी नहीं जा रहा है। इससे न केवल कालोनी में आने- जाने वालों को बदबू झेलनी पड़ती है, बल्कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी कचरा के कारण असुविधा होती है।
पंचकुइयां कचरा स्थल पर ढेर
पंचकुइयां स्थित मां शीतला मंदिर के पास कचरा का ढेर लगा रहता है। यहां कचरा का कंटेनर रखा है, लेकिन मुहल्ले वाले आसपास कचरा डाल देते हैं। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा होती है। यहीं पर सब्जी की दुकानें लगती हैं, लेकिन गंदगी के कारण ग्राहक जाने अनजाने सब्जियों के साथ बीमारियां भी खरीद ले जाते हैं।
इन गलियों का बुरा हाल
- मरकजी मस्जिद के पास सड़क पर कचरा पड़ा रहता है।
- बड़ा बाजार से बड़ागांव गेट बाहर जाने वाली सड़क पर।
- उन्नाव गेट बाहर श्मशान घाट के पास।
- सीपरी बाजार में छोटी माता मंदिर के पास।
- सीपरी बाजार में कलारी के पास।
- शिवाजी नगर में नाला की पुलिया के पास।
नियमित सफाई का दावा
नियमित सफाई कराई जा रही है। कचरा उठाने के बाद चूना और कार्बोफिनाइल डलवाया जा रहा है, ताकि जीवाणु नष्ट हो जाएं। यदि किसी क्षेत्र से सफाई नहीं होने कीशिकायत आती है तो वहां सफाई करा देते हैं। नालियों में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किया जा रहा है।
- डा. राकेश बाबू
नगर स्वास्थ्य अधिकारी
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बारिश पर कचरे के ढेर सड़ांध फैला रहे हैं। मच्छरों की भरमार हो गई है, जो कचरे से उड़कर घरों और दुकानों तक पहुंच रहे हैं। 17 कचरा घरों पर अवैध कब्जे हो गए हैं। कहीं भवन तो कहीं दुकानें बना ली गई हैं और यही कारण है कि अब लोग कचरा इधर-उधर फेंक रहे हैं। मोहल्ले के खाली प्लाटों को भी कचराघर बना दिया है। नगर निगम न तो इन कचराघरों से अवैध कब्जे हटा पा रहा है और न ही कोई वैकल्पिक इंतजाम कर रहा है। यह बड़ी समस्या है।
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सीपरी बाजार के हालात बदतर
सीपरी बाजार में ओवरब्रिज के नीचे पुराने पैट्रोल डिपो के पास कचरे का ढेर लगा रहता है। पास में फल मार्केट होने के कारण फल विक्रेता सड़क फल और सब्जियां यहीं पर फेंक देते हैं। नियमित सफाई नहीं होने के कारण बदबू फैलती है। सीपरी बाजार से नंदनपुरा जाने वालों के लिए यह मुख्य सड़क है। सड़क के किनारे कचरा पड़ा रहने के कारण आने जाने वालों को दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
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कोतवाली की ढाल पर कूड़ा
कोतवाली की ढाल पर मस्जिद के आगे नगर निगम का कचरा घर है। लेकिन कचरा बीच सड़क पर डाला जा रहा है। इसकी वजह कचरा घर की जमीन पर कब्जा हो जाना है और नगर निगम का इस ओर ध्यान नहीं देना है। कचरा पूरे रास्ते में डाला जा रहा है। कचरा नियमित रूप से उठाया नहीं जा रहा है। मुहल्ले में रहने वालों को बरसात में कचरा सड़ जाने के कारण बदबू के मारे बुरा हाल रहता है।
बंसल कालोनी के गेट पर कचरा
ग्वालियर रोड स्थित श्री सिद्धेश्वर मंदिर के बगल में बंसल कालोनी के गेट पर कचरा पड़ा रहता है। कालोनी में डोर-टू-डोर कूड़ा उठाया जा रहा है। यह कचरा कालोनी के गेट पर डाल दिया जाता है। यही नहीं कचरा नियमित उठाया भी नहीं जा रहा है। इससे न केवल कालोनी में आने- जाने वालों को बदबू झेलनी पड़ती है, बल्कि मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी कचरा के कारण असुविधा होती है।
पंचकुइयां कचरा स्थल पर ढेर
पंचकुइयां स्थित मां शीतला मंदिर के पास कचरा का ढेर लगा रहता है। यहां कचरा का कंटेनर रखा है, लेकिन मुहल्ले वाले आसपास कचरा डाल देते हैं। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को असुविधा होती है। यहीं पर सब्जी की दुकानें लगती हैं, लेकिन गंदगी के कारण ग्राहक जाने अनजाने सब्जियों के साथ बीमारियां भी खरीद ले जाते हैं।
इन गलियों का बुरा हाल
- मरकजी मस्जिद के पास सड़क पर कचरा पड़ा रहता है।
- बड़ा बाजार से बड़ागांव गेट बाहर जाने वाली सड़क पर।
- उन्नाव गेट बाहर श्मशान घाट के पास।
- सीपरी बाजार में छोटी माता मंदिर के पास।
- सीपरी बाजार में कलारी के पास।
- शिवाजी नगर में नाला की पुलिया के पास।
नियमित सफाई का दावा
नियमित सफाई कराई जा रही है। कचरा उठाने के बाद चूना और कार्बोफिनाइल डलवाया जा रहा है, ताकि जीवाणु नष्ट हो जाएं। यदि किसी क्षेत्र से सफाई नहीं होने कीशिकायत आती है तो वहां सफाई करा देते हैं। नालियों में एंटी लार्वा दवा का छिड़काव किया जा रहा है।
- डा. राकेश बाबू
नगर स्वास्थ्य अधिकारी