फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   river pollution

जीवन दायनी पहूज अब भी मैली

Fri, 16 Oct 2015 01:42 AM IST
ब्यूरो
ब्यूरो Updated Fri, 16 Oct 2015 01:42 AM IST
विज्ञापन
झांसी। क्षेत्रीय सांसद व केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास एवं गंगा संरक्षण मंत्री उमा भारती ने ‘अविरल गंगा योजना’ के तहत पहूज नदी को गोद तो ले लिया, लेकिन इसके बाद विकास के लिए कोई पहल नहीं की। इस कारण ग्यारह माह बाद भी पहूज का पानी स्वच्छ नहीं हो सका है। नदी की दुर्दशा है।
विज्ञापन


पहूज नदी पूरी तरह बरसात के पानी पर निर्भर है। नदी पर बने पहूज बांध का जलस्तर सुकुवां ढुकुवां बांध से छोड़े गए पानी से बढ़ाया जाता है। इस बांध से आम दिनों में दतिया गेट फिल्टर को छह एमएलडी कच्चा पानी प्रतिदिन मिलता है। बांध में लगे दो पंपों की मदद से पानी फिल्टर तक पहुंचाया जाता है। जल शोधन के उपरांत इस पानी की सप्लाई बाहर दतिया गेट रोड, थापक बाग, नकटा चौपड़ा, छुटकू का बगीचा, पंचवटी, बाहर उन्नाव गेट, मेवाती पुरा, सरांय, अलीगोल, नई बस्ती, मुकरयाना, झारखड़िया आदि मुहल्लों को दी जाती है। इसके अलावा बांध से रबी की फसलों के लिए भी पानी दिया जाता है।
विज्ञापन


चूंकि, पहूज नदी में सीपरी बाजार, नंदनपुरा आदि क्षेत्रों के नालों का गंदा पानी जाकर गिरता है, इस कारण पानी में गंदगी व काई फैल गई है। पहूज बांध में गंदगी बढ़ने से जल भराव की क्षमता कम हो गई है। इस कारण गर्मी पड़ते ही बांध का पानी रंग बदलने लगता है। इतना ही नहीं जल शोधन में फिटकरी व मात्रा के अनुरूप ब्लीचिंग मिलाने के बाद भी पानी का रंग साफ व काई की गंध खत्म नहीं हो पाती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


नदी की इसी दुर्दशा को सुधारने के लिए केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने पिछले साल नवंबर माह में अविरल गंगा योजना के तहत पहूज नदी को गोद लिया था। उन्होंने कहा था कि पहूज के प्रदूषण मुक्त होने के साथ ही नदी में जल भराव की व्यवस्था भी होगी, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध होगा। मगर, आज तक इस दिशा में कोई काम नहीं हो सका है।


इस संबंध में सांसद प्रतिनिधि डा जगदीश सिंह चौहान ने बताया कि पहूज नदी को स्वच्छ बनाने के लिए 40 करोड़ की योजना तैयार की गई है, जिसकी फाइल शासन के पास लंबित है। हालांकि, वह यह नहीं बता सके कि फाइल केेंद्र के पास है या राज्य सरकार के पास।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed