फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   Returns will be filed three times a month

महीने में तीन बार दाखिल करना होगा रिटर्न

Thu, 29 Jun 2017 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Thu, 29 Jun 2017 01:17 AM IST
विज्ञापन
Returns will be filed three times a month
gst - फोटो : demo
झांसी।
विज्ञापन

गुड्स एंड सर्विस टैक्स (जीएसटी) लागू होने के बाद व्यापारियों को हर महीने तीन और साल में कुल 37 बार रिटर्न दाखिल करना होगा। अभी साल में 13 बार ही रिटर्न दाखिल करने पड़ते हैं। हालांकि, जीएसटी में सभी ब्यौरे ऑनलाइल भरने हैं। व्यापारियों का कहना है कि इससे व्यापारियों की परेशानी बढ़ेगी। हां, यह फायदा जरूर होगा कि कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।
एक जुलाई से व्यापार पर एक टैक्स ही व्यवस्था वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) लागू हो जाएगी। जीएसटी में टैक्स की दरें 0,5,12, 18 और 28 प्रतिशत निर्धारित की गई हैं। जीएसटी में पंजीकरण कराने वाले व्यापारियों को महीने की दस तारीख तक अपनी बिक्री और 17 तारीख तक खरीद का विवरण ऑनलाइन दाखिल करना होगा। साथ ही 20 तारीख तक जीएसटीएन पोर्टल पर रिटर्न दाखिल करना होगा। इसके अतिरिक्त उन्हें वार्षिक रिटर्न भी दाखिल करना होगा। जबकि, अभी व्यापारियों को महीने में एक बार 20 तारीख तक रिटर्न भरना पड़ता है और साल में एक बार वार्षिक रिटर्न भरना पड़ता है। रिटर्न में देरी पर जुर्माने का प्रावधान नहीं है, लेकिन जीएसटी में एक सौ रुपये प्रतिदिन के हिसाब से अर्थदंड का प्रावधान है। समाधान योजना में जरूर त्रैमासिक रिटर्न जमा करना है। समाधान योजना की राशि भी बढ़ाकर 50 लाख से बढ़ाकर 75 लाख रुपये कर दी गई है।
विज्ञापन

व्यापारियों का कहना है कि उनकी समझ नहीं आ रहा कि वे महीने में तीन बार रिटर्न दाखिल करने की व्यवस्था को कैसे बनाकर रख पाएंगे? जबकि दूसरी तरफ वाणिज्य कर अफसर कहते है कि जब फेसबुक, व्हाट्सऐप पर लोग दिन भर मेसेज भेजने और अन्य काम कर सकते हैं, तो रिटर्न में भी तो वहीं प्रक्रिया अपनानी है, फिर व्यापारी क्यों परेशान हो रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


‘व्यापारियों को जून का रिटर्न वैट की तरह ही भरना है। जुलाई और अगस्त का रिटर्न भी एक बार में ही भरना है। अक्तूबर माह से यह व्यवस्था लागू होगी, जिसमें सितंबर महीने के तीन रिटर्न भरने होंगे। जब तक व्यापारी जीएसटी व्यवस्था को समझ लेंगे। वाणिज्य कर विभाग एक जुलाई को जीएसटी दिवस के रूप में मनाएगा। इस दिन सुबह दस बजे कार्यालय में परिचर्चा का आयोजन होगा, जिसमें व्यापारी और अधिवक्ताओं को आमंत्रित किया जाएगा।’
लाखन सिंह, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड वन वाणिज्य कर।

हेल्प डेस्क से मिलेगी मदद
एक जुलाई से जीएसटी लागू होने के बाद वाणिज्य कर कार्यालय में बनाई गई हेल्प डेस्क से समस्याओं का निराकरण किया जाएगा। हेल्प डेस्क पर सुबह आठ बजे से दो बजे तक सहायक कमिश्नर आशीष सक्सेना (मो. 7235002636), सीटीओ जयप्रकाश (मो. 7235002667) और दोपहर दो से रात आठ बजे तक सहायक कमिश्नर रमेश चंद्र पांडे (मो. 7235002634) और सीटीओ असीम राजपूत (मो. 7235002666) बैठेंगे। इन अधिकारियों के मोबाइल नंबर के अलावा 0510- 2370922 पर भी संपर्क किया जा सकता है।  


जीएसटी आर्थिक आतंकवाद: प्रदीप
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन ने कहा कि जीएसटी आर्थिक आतंकवाद है। कांग्रेस जब जीएसटी लागू करने जा रही थी, तब अधिकतम 14 प्रतिशत टैक्स का प्रावधान था, लेकिन मोदी सरकार ने 28 प्रतिशत तक टैक्स लगाकर व्यापारी की हत्या करने का काम कर रही है। व्यापारियों के बंद में कांग्रेस उनके साथ है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed