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मनरेगा की डिमांड में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, तीस हजार से अधिक रोजाना मांग रहे मजदूरी
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झांसी। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) में मजदूरी की डिमांड में पिछली तीन महीनों के मुकाबले तेजी आई है। पिछले माह तक जहां औसत 8000 मजदूरों के रोजाना काम मांगने का औसत था वहीं, अब यह संख्या बढ़कर करीब चार गुना तक पहुंच गई है। मनरेगा अफसरों का कहना है कि फसल कटने के बाद भी बड़ी संख्या में मजदूर बाहर नहीं गए। इस वजह से डिमांड में बढ़ोतरी दर्ज हो रही है।
जनपद में इस समय 2.13 लाख जॉब कार्ड बने हैं। इनमें 1.41 लाख जॉब कार्ड एक्टिव हैं। मनरेगा से 197 अमृत सरोवर समेत मिनी स्टेडियम, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी भवन, खेत समतलीकरण जैसे कार्य कराए जा रहे हैं। अप्रैल- मई माह के बीच जहां मनरेगा श्रमिकों की औसत संख्या 8-10 हजार के बीच थी वह जून माह से लगातार बढ़ रही है। पिछले दस दिन के अंदर काम मांगने वाले श्रमिकों की संख्या बीस हजार से अधिक हो गई।
अब यह संख्या बढ़कर 30-35 हजार श्रमिक रोजाना तक पहुंच चुकी है। मनरेगा अफसरों का कहना है कि कोविड के बाद यह सर्वाधिक संख्या है। मनरेगा उपायुक्त राम अवतार के मुताबिक फसल कटाई के बाद बड़ी संख्या में मजदूर गांव में रह गए हैं। यह लोग दूसरे शहरों में नहीं गए। इसके अलावा अब मजदूरी बढ़कर 213 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। इस तरह एक परिवार को करीब 426 रुपये को रोजाना मिल रहा है। इस वजह से भी श्रमिक बाहर नहीं जा रहे हैं।
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इनसेट
तिथिवार मनरेगा श्रमिकों की संख्या
20 जून 32,000
21 जून 35,210
22 जून 33,145
23 जून 34,400
24 जून 34,973
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जनपद में इस समय 2.13 लाख जॉब कार्ड बने हैं। इनमें 1.41 लाख जॉब कार्ड एक्टिव हैं। मनरेगा से 197 अमृत सरोवर समेत मिनी स्टेडियम, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी भवन, खेत समतलीकरण जैसे कार्य कराए जा रहे हैं। अप्रैल- मई माह के बीच जहां मनरेगा श्रमिकों की औसत संख्या 8-10 हजार के बीच थी वह जून माह से लगातार बढ़ रही है। पिछले दस दिन के अंदर काम मांगने वाले श्रमिकों की संख्या बीस हजार से अधिक हो गई।
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अब यह संख्या बढ़कर 30-35 हजार श्रमिक रोजाना तक पहुंच चुकी है। मनरेगा अफसरों का कहना है कि कोविड के बाद यह सर्वाधिक संख्या है। मनरेगा उपायुक्त राम अवतार के मुताबिक फसल कटाई के बाद बड़ी संख्या में मजदूर गांव में रह गए हैं। यह लोग दूसरे शहरों में नहीं गए। इसके अलावा अब मजदूरी बढ़कर 213 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। इस तरह एक परिवार को करीब 426 रुपये को रोजाना मिल रहा है। इस वजह से भी श्रमिक बाहर नहीं जा रहे हैं।
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तिथिवार मनरेगा श्रमिकों की संख्या
20 जून 32,000
21 जून 35,210
22 जून 33,145
23 जून 34,400
24 जून 34,973