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15 रुपये किलो बिकता मिला मुफ्त में मिला चावल
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : demo
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झांसी। लॉकडाउन के दरम्यान सरकार द्वारा राशनकार्ड धारकों को मुफ्त में उपलब्ध कराए गए चावल को पंद्रह रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचे जाने का मामला सामने आया है। कांशीराम कॉलोनी में लाभार्थी ही सौदेबाजी करते पाए गए। पूर्ति निरीक्षक ने मामले की रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम को सौंप दी है।
लॉकडाउन के दरम्यान जरूरतमंद वर्ग के लोगों के सामने खानपान की समस्या न आए, इसके लिए सरकार द्वारा राशनकार्ड धारकों को हर माह प्रति यूनिट पांच किलोग्राम चावल निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। यदि किसी परिवार में पांच सदस्य हैं तो उसे कोटेदार द्वारा पच्चीस किलो चावल दिया जाता है। आपूर्ति विभाग को सूचना मिली कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराया गया ये मुफ्त का चावल कांशीराम कॉलोनी में पंद्रह रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जा रहा है। इस पर विभागीय टीम मौके पर पहुंच गई। पूर्ति निरीक्षक सलीम अहमद ने कॉलोनी के पैंतीस लोगों के बयान लिए। इनमें से तमाम लोगों ने बताया कि उन्हें परिवार की जरूरत से ज्यादा चावल मिल रहा है, जिससे वे इसे बेच रहे हैं। इससे मिलने वाले पैसे से वे मसाले व खानपान की अन्य सामग्री खरीद लेते हैं। पूर्ति निरीक्षक ने अपनी रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी है।
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लॉकडाउन के दरम्यान जरूरतमंद वर्ग के लोगों के सामने खानपान की समस्या न आए, इसके लिए सरकार द्वारा राशनकार्ड धारकों को हर माह प्रति यूनिट पांच किलोग्राम चावल निशुल्क उपलब्ध कराया जा रहा है। यदि किसी परिवार में पांच सदस्य हैं तो उसे कोटेदार द्वारा पच्चीस किलो चावल दिया जाता है। आपूर्ति विभाग को सूचना मिली कि सरकार द्वारा उपलब्ध कराया गया ये मुफ्त का चावल कांशीराम कॉलोनी में पंद्रह रुपये प्रति किलो की दर से बेचा जा रहा है। इस पर विभागीय टीम मौके पर पहुंच गई। पूर्ति निरीक्षक सलीम अहमद ने कॉलोनी के पैंतीस लोगों के बयान लिए। इनमें से तमाम लोगों ने बताया कि उन्हें परिवार की जरूरत से ज्यादा चावल मिल रहा है, जिससे वे इसे बेच रहे हैं। इससे मिलने वाले पैसे से वे मसाले व खानपान की अन्य सामग्री खरीद लेते हैं। पूर्ति निरीक्षक ने अपनी रिपोर्ट एसडीएम को सौंप दी है।
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