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राजकीय संग्रहालय में पढ़ने के लिए मिलेंगी दुर्लभ पांडुलिपियां
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झांसी। कई सालों से बंद राजकीय संग्रहालय का पुस्तकालय अब विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए खोला जा रहा है। इसमें मौजूद दुर्लभ पांडुलिपियां और पुस्तकें पढ़ने के लिए उपलब्ध होंगी। इस पुस्तकालय में लगभग एक हजार पुस्तकें है, जो बुंदेलखंड के ऐतिहासिक, भौगोलिक एवं सांस्कृतिक विषयों से संबंधित हैं।
17 हजार से अधिक प्राचीन कलाकृतियों का संग्रह किए महानगर के राजकीय संग्रहालय को बुंदेलखंड का आकर्षण माना जाता है। लेकिन शासन की उपेक्षा के कारण बीते कुछ वर्षों में इसका हाल बेहाल होता रहा है। हालांकि अब इसमें सुधार के लिए बीते कुछ दिनों से शासन और प्रशासन लगातार सुध लेने लगा हैं। संग्रहालय के कायाकल्प के लिए कार्य योजनाएं तैयार होने लगी हैं। इसी क्रम में संस्कृति निदेशालय ने प्रभारी क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. एसके दुबे को संग्रहालय का प्रभार सौंपा है। डॉ. एसके दुबे ने मंगलवार को संग्रहालय में पर्यटन सुविधाएं विकसित करने को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने बताया कि संग्रहालय के पुस्तकालय को विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए खोला जाएगा। यह पुस्तकालय एयर कंडीशनर है और लगभग 20 लोग बैठ सकते हैं। पुस्तकालय में कई दुर्लभ पांडुलिपियां और पुस्तकें बुंदेलखंड में शोध कार्य को बढ़ावा देंगी। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत पिंक टॉयलेट बनाने के लिए नगर आयुक्त को प्रस्ताव भेजेंगे।
स्वतंत्रता संग्राम को दिखाएंगी वीथिका
राजकीय संग्रहालय में स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित वीथिका खोली जाएंगी। करीब पांच वर्ष से बंद यह वीथिका सिर्फ एक ही दिन के लिए खोली गई थी, जब इसका उद्घाटन होना था। इस वीथिका में 1857 की क्रांति को दर्शाया गया है।
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17 हजार से अधिक प्राचीन कलाकृतियों का संग्रह किए महानगर के राजकीय संग्रहालय को बुंदेलखंड का आकर्षण माना जाता है। लेकिन शासन की उपेक्षा के कारण बीते कुछ वर्षों में इसका हाल बेहाल होता रहा है। हालांकि अब इसमें सुधार के लिए बीते कुछ दिनों से शासन और प्रशासन लगातार सुध लेने लगा हैं। संग्रहालय के कायाकल्प के लिए कार्य योजनाएं तैयार होने लगी हैं। इसी क्रम में संस्कृति निदेशालय ने प्रभारी क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. एसके दुबे को संग्रहालय का प्रभार सौंपा है। डॉ. एसके दुबे ने मंगलवार को संग्रहालय में पर्यटन सुविधाएं विकसित करने को लेकर महत्वपूर्ण बैठक की। उन्होंने बताया कि संग्रहालय के पुस्तकालय को विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए खोला जाएगा। यह पुस्तकालय एयर कंडीशनर है और लगभग 20 लोग बैठ सकते हैं। पुस्तकालय में कई दुर्लभ पांडुलिपियां और पुस्तकें बुंदेलखंड में शोध कार्य को बढ़ावा देंगी। उन्होंने बताया कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत पिंक टॉयलेट बनाने के लिए नगर आयुक्त को प्रस्ताव भेजेंगे।
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स्वतंत्रता संग्राम को दिखाएंगी वीथिका
राजकीय संग्रहालय में स्वतंत्रता संग्राम से संबंधित वीथिका खोली जाएंगी। करीब पांच वर्ष से बंद यह वीथिका सिर्फ एक ही दिन के लिए खोली गई थी, जब इसका उद्घाटन होना था। इस वीथिका में 1857 की क्रांति को दर्शाया गया है।
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