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डॉक्युमेंट्री फिल्म में दिखेगा रानी के दौर का किला
jhansi
Updated Tue, 20 Nov 2018 02:34 AM IST
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rani jhansi qila
- फोटो : demo
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महारानी लक्ष्मीबाई के किले में सैलानियों को नि:शुल्क डॉक्युमेंट्री फिल्म दिखाई जाएगी। हिंदी भाषा में बनी 18 मिनट की इस लघु फिल्म में किला और रानी लक्ष्मीबाई के बारे में कई अहम जानकारियां सैलानियों को मिलेगी। इसमें रानी और अंग्रेजों के दौर से जुड़े किले के पुराने दुर्लभ चित्र दिखाए जाएंगे।
1857-58 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के साक्षी झांसी के विश्व विख्यात दुर्ग का निर्माण ओरछा के राजा वीर सिंह जूदेव ने 1613 ईसवी में कराया था। बुंदेलों के बाद यह दुर्ग मुगलों, मराठों और फिर अंग्रेजों के संरक्षण में रहा। इस दुर्ग ने वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई और उनके वीर साथियों के शौर्य को देखा है। यहीं कारण है कि इसे देखने और जानने के लिए देश-विदेश से प्रतिदिन सैकड़ों सैलानी आते हैं। यह सैलानी दुर्ग के पुरातत्व महत्व को पुराने वीडियो और फोटो के माध्यम से भी जानें, इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से 18 मिनट की डाक्युमेंट्री फिल्म तैयार की गई है, जो सोमवार को लखनऊ में पुरातत्व विभाग के मुख्यालय में दिखाई गई। झांसी में यह फिल्म दुर्ग के दूसरे गेट पर बने सभागार में मंगलवार अथवा बुधवार से दिखाई जाएगी। इसके लिए समय निर्धारित किया जा रहा है। किला प्रभारी एवं संरक्षण सहायक पीकेके रेड्डी के अनुसार सोमवार को यह फिल्म विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने देखी। सभागार में दर्शकों के बैठने के लिए पूरी व्यवस्था रहेगी। फिल्म नि:शुल्क दिखाई जाएगी।
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1857-58 के प्रथम भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के साक्षी झांसी के विश्व विख्यात दुर्ग का निर्माण ओरछा के राजा वीर सिंह जूदेव ने 1613 ईसवी में कराया था। बुंदेलों के बाद यह दुर्ग मुगलों, मराठों और फिर अंग्रेजों के संरक्षण में रहा। इस दुर्ग ने वीरांगना रानी लक्ष्मीबाई और उनके वीर साथियों के शौर्य को देखा है। यहीं कारण है कि इसे देखने और जानने के लिए देश-विदेश से प्रतिदिन सैकड़ों सैलानी आते हैं। यह सैलानी दुर्ग के पुरातत्व महत्व को पुराने वीडियो और फोटो के माध्यम से भी जानें, इसके लिए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग की ओर से 18 मिनट की डाक्युमेंट्री फिल्म तैयार की गई है, जो सोमवार को लखनऊ में पुरातत्व विभाग के मुख्यालय में दिखाई गई। झांसी में यह फिल्म दुर्ग के दूसरे गेट पर बने सभागार में मंगलवार अथवा बुधवार से दिखाई जाएगी। इसके लिए समय निर्धारित किया जा रहा है। किला प्रभारी एवं संरक्षण सहायक पीकेके रेड्डी के अनुसार सोमवार को यह फिल्म विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने देखी। सभागार में दर्शकों के बैठने के लिए पूरी व्यवस्था रहेगी। फिल्म नि:शुल्क दिखाई जाएगी।
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