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रेन वाटर हार्वेस्ट़िग सिस्टम होने पर ही होगा मानचित्र पास
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Fri, 24 Jul 2015 12:46 AM IST
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झांसी। प्रमुख सचिव सिंचाई विभाग चंद्र प्रकाश ने कहा कि दिनों दिन शहर में कंक्रीट के भवन बनाए जा रहे हैं। जल दोहन होने से भू गर्भ जल स्तर में घटोत्तरी हो रही है। इस संकट से उबरने के लिए प्रदेश के समस्त विकास प्राधिकरण के जेई को यह जिम्मेदारी सौंपी जाएगी कि तीन सौ वर्ग फीट भवन के मानचित्र रूफ टॉप रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम होने पर ही पास किए जाएं। ऐसा नहीं करने वाले संबंधित जेई पर जुर्माना लगाया जाएगा। इस संबंध में जल्द ही शासनादेश जारी होगा। वह सर्किट हाउस में पत्रकारों से बात कर रहे थे।
प्रमुख सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान योजना के अंतर्गत पूरे प्रदेश में 30 हजार तालाबों का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। प्रदेश के समस्त डीएम को निर्देशित किया गया है कि ग्राम पंचायतों के अभिलेखों की जांच कराई जाए। जहां कहीं भी तालाब पर कब्जा हो उसे मुक्त कराया जाए। वाटर री चार्जिंग के लिए यह प्रक्रिया शुरू की गई है। इस कार्य योजना के सार्थक परिणाम भविष्य में देखने को मिलेंगे।
उन्होंने कहा कि वाटर री चार्जिंग सिस्टम नहीं होने से बारिश का पानी सड़क, नाली के माध्यम से नदियों में बहकर चला जाता है। इस कारण दिनों दिन वाटर लेबल नीचे जा रहा है, यह चिंता का विषय है। इस गंभीर संकट से उबरने के लिए सभी आगे आना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को जागरूक किया जा रहा है कि वर्षा जल संचयन के लिए खेत के चारों ओर मेड़बंदी करें।
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अभियंता की शिकायत, जांच होगी
झांसी। प्रमुख सचिव सिंचाई विभाग के समक्ष एक अभियंता की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाई गई।
विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में अभियंता द्वारा गड़बड़ी की जाती है। नियमानुसार टेंडर प्रकिया नहीं कराई जाती है। अभियंता कार्यालय अवधि में नहीं बैठते हैं। टेंडर की फाइल विभाग के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की देखरेख में फाइनल की जाती है। कार्यालय के बगल में ही उन्होंने निवास बना रखा है। किसी भी कार्य के लिए आवास पर बुलाया जाता है। इस पर प्रमुख सचिव ने कहा कि संबंधित अभियंता के खिलाफ विभागीय जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।
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प्रमुख सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री जल बचाओ अभियान योजना के अंतर्गत पूरे प्रदेश में 30 हजार तालाबों का जीर्णोद्धार कराया जा रहा है। प्रदेश के समस्त डीएम को निर्देशित किया गया है कि ग्राम पंचायतों के अभिलेखों की जांच कराई जाए। जहां कहीं भी तालाब पर कब्जा हो उसे मुक्त कराया जाए। वाटर री चार्जिंग के लिए यह प्रक्रिया शुरू की गई है। इस कार्य योजना के सार्थक परिणाम भविष्य में देखने को मिलेंगे।
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उन्होंने कहा कि वाटर री चार्जिंग सिस्टम नहीं होने से बारिश का पानी सड़क, नाली के माध्यम से नदियों में बहकर चला जाता है। इस कारण दिनों दिन वाटर लेबल नीचे जा रहा है, यह चिंता का विषय है। इस गंभीर संकट से उबरने के लिए सभी आगे आना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को जागरूक किया जा रहा है कि वर्षा जल संचयन के लिए खेत के चारों ओर मेड़बंदी करें।
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अभियंता की शिकायत, जांच होगी
झांसी। प्रमुख सचिव सिंचाई विभाग के समक्ष एक अभियंता की कार्यप्रणाली पर उंगली उठाई गई।
विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि टेंडर प्रक्रिया में अभियंता द्वारा गड़बड़ी की जाती है। नियमानुसार टेंडर प्रकिया नहीं कराई जाती है। अभियंता कार्यालय अवधि में नहीं बैठते हैं। टेंडर की फाइल विभाग के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की देखरेख में फाइनल की जाती है। कार्यालय के बगल में ही उन्होंने निवास बना रखा है। किसी भी कार्य के लिए आवास पर बुलाया जाता है। इस पर प्रमुख सचिव ने कहा कि संबंधित अभियंता के खिलाफ विभागीय जांच कराई जाएगी। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।