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बारिश ने तबाह कर दी पौने दो लाख किसानों की फसल, 96 करोड़ की नुकसान
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झांसी। खरीफ सीजन में हुई बरसात ने जिले के किसानों को भारी चोट दी है। जिले के एक लाख 82 हजार किसानों की 95 करोड़ 71 लाख रुपये की फसल तबाह हो गई है। इसका खुलासा राजस्व विभाग द्वारा किए गए सर्वे में हुआ है। उड़द और तिल में सर्वाधिक क्षति का आकलन किया गया है। प्रभावित किसानों को मुआवजे के लिए शासन को रिपोर्ट भेजी गई है।
अगस्त माह की शुरुआत में दो-दिन दिनों तक लगातार जिले में मूसलाधार बारिश हुई थी। इसके बाद भी बारिश का क्रम जारी रहा था। इससे खरीफ की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, राजस्व विभाग द्वारा दी गई शुरुआती रिपोर्ट में महज पंद्रह फीसदी के नुकसान का आकलन किया गया था। लेकिन, इसे नाकाफी मानते हुए जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने प्लॉट टू प्लॉट सर्वे के निर्देश जारी किए थे, जिसकी तहसीलों की ओर से रिपोर्ट आ गई है। बारिश से जिले की पांचों तहसीलों के एक लाख 82 हजार किसानों की फसल बर्बाद हुई है। राजस्व विभाग ने 95 करोड़ 71 लाख रुपये के नुकसान की रिपोर्ट तैयार की है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान उड़द और उसके बाद तिल की फसल को हुआ है। इसके अलावा मूंग की फसल भी खराब हुई है। किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए प्रशासन की ओर से रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
मऊरानीपुर में सबसे ज्यादा तबाही
झांसी। कुदरत ने सबसे ज्यादा कहर जिले की मऊरानीपुर तहसील पर ढाया है। यहां के 46 हजार किसानों की 21 करोड़ 18 लाख रुपये की फसल चौपट हो गई है। यहां किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।
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तहसीलवार नुकसान का आंकड़ा
तहसील किसान फसल नुकसान
झांसी सदर 30800 16.66 करोड़
मऊरानीपुर 46 हजार 21.18 करोड़
मोंठ 27 हजार 13.93 करोड़
गरौठा 41 हजार 15 करोड़
टहरौली 36 हजार 28 करोड़
बारिश से खरीफ की फसलों को हुए नुकसान के आकलन के लिए प्लॉट टू प्लॉट सर्वे कराया गया था। तहसीलों से इसकी रिपोर्ट आ गई है। प्रभावित किसानों को मुआवजे के लिए रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
- आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी
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अगस्त माह की शुरुआत में दो-दिन दिनों तक लगातार जिले में मूसलाधार बारिश हुई थी। इसके बाद भी बारिश का क्रम जारी रहा था। इससे खरीफ की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, राजस्व विभाग द्वारा दी गई शुरुआती रिपोर्ट में महज पंद्रह फीसदी के नुकसान का आकलन किया गया था। लेकिन, इसे नाकाफी मानते हुए जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने प्लॉट टू प्लॉट सर्वे के निर्देश जारी किए थे, जिसकी तहसीलों की ओर से रिपोर्ट आ गई है। बारिश से जिले की पांचों तहसीलों के एक लाख 82 हजार किसानों की फसल बर्बाद हुई है। राजस्व विभाग ने 95 करोड़ 71 लाख रुपये के नुकसान की रिपोर्ट तैयार की है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान उड़द और उसके बाद तिल की फसल को हुआ है। इसके अलावा मूंग की फसल भी खराब हुई है। किसानों को मुआवजा दिलाने के लिए प्रशासन की ओर से रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
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मऊरानीपुर में सबसे ज्यादा तबाही
झांसी। कुदरत ने सबसे ज्यादा कहर जिले की मऊरानीपुर तहसील पर ढाया है। यहां के 46 हजार किसानों की 21 करोड़ 18 लाख रुपये की फसल चौपट हो गई है। यहां किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ा है।
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तहसीलवार नुकसान का आंकड़ा
तहसील किसान फसल नुकसान
झांसी सदर 30800 16.66 करोड़
मऊरानीपुर 46 हजार 21.18 करोड़
मोंठ 27 हजार 13.93 करोड़
गरौठा 41 हजार 15 करोड़
टहरौली 36 हजार 28 करोड़
बारिश से खरीफ की फसलों को हुए नुकसान के आकलन के लिए प्लॉट टू प्लॉट सर्वे कराया गया था। तहसीलों से इसकी रिपोर्ट आ गई है। प्रभावित किसानों को मुआवजे के लिए रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
- आंद्रा वामसी, जिलाधिकारी