{"_id":"5f6cf5f28ebc3e20382cc2b4","slug":"raimdesivir-is-rambadh-injection-for-corona-paisent-reporters-news-jhs177069718","type":"story","status":"publish","title_hn":"कोरोना के गंभीर रोगियों के लिए रामबाण साबित हो रहा रेमडेसिवीर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना के गंभीर रोगियों के लिए रामबाण साबित हो रहा रेमडेसिवीर
विज्ञापन
झांसी। कोरोना वायरस के गंभीर रोगियों के इलाज में रेमडेसिवीर इंजेक्शन रामबाण साबित हो रहा है। मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती होने वाले गंभीर रोगियों को यह इंजेक्शन तुरंत दिया जाता है। इसके बेहद सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
आईसीएमआर की अनुमति के बाद कोविड मरीजों को इलाज के दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शन समेत अन्य आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं। नए प्रोटोकॉल के तहत हाई रिस्क वाले कोविड मरीजों को तुरंत ही रेमडेसिविर इंजेक्शन लगा दिया जा रहा है। यह एंटी वायरल इंजेक्शन कोविड मरीजों के उपचार में बेहद कारगर साबित हो रहा है। मरीज के शरीर में मौजूद संक्रमण को यह एंजेक्शन काफी तेजी से खत्म करने लगता है। हालांकि, हर किसी को यह इंजेक्शन नहीं लगाया जाता है। इसके लिए भी कुछ मानक तय हैं।
कोविड के हाई रिस्क वाले मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन तुरंत लगाया जा रहा है। इसके काफी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। कई वृद्ध गंभीर रोगियों को स्वस्थ करने में भी यह इंजेक्शन सहायक साबित हुआ है। इसके अलावा भी अन्य दवाएं दी जा रही हैं। - डॉ. पारस गुप्ता, सहायक नोडल अधिकारी, कोविड, मेडिकल कॉलेज।
विज्ञापन
केस-1
हंसारी निवासी 80 साल की वृद्धा को दो सप्ताह पहले गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती किया गया था। जांच होने पर वह कोरोना पॉजिटिव मिलीं। उन्हें हाई बीपी, मधुमेह, ह्रदय की बीमारी भी थी। उन्हें तुरंत ही रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाया गया और ऑक्सीजन पर रखकर दवाएं देने शुरू की गईं। लगभग तीन दिन बाद उन्हें आईसीयू से हटाकर आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। जहां तीन-चार दिन उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं।
केस-2
बंसल कॉलोनी निवासी 75 वर्षीय वरिष्ठ चिकित्सक को 18 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव होने पर मेडिकल कॉलेज में गंभीर अवस्था में भर्ती कराया था। उस समय उनकी ऑक्सीजन लेवल 80 फीसदी पहुंच गया था। वह डायबिटीज से भी ग्रसित थे। डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाया। इसके बाद ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। चार दिन के उपचार के बाद उनकी स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। अब डॉक्टर उन्हें एक-दो दिन में अस्पताल से डिस्चार्ज करेंगे।
केस-3
सिविल लाइन निवासी 80 साल के वृद्ध को कोरोना होने पर 15 सितंबर को भर्ती किया गया था। तक उनका ऑक्सीजन लेवल भी कम होने पर सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। गंभीर हालात देखकर डॉक्टरों ने उन्हें रेमडेसिविर इंजेक्शन दिया सात दिनों तक उनकी स्थिति पर कड़ी नजर रखते हुए जरूरी दवाएं दीं जाती रही। एक सप्ताह बीतने के बाद उनकी सेहत में सुधार हुआ तो सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
विज्ञापन
आईसीएमआर की अनुमति के बाद कोविड मरीजों को इलाज के दौरान रेमडेसिविर इंजेक्शन समेत अन्य आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं। नए प्रोटोकॉल के तहत हाई रिस्क वाले कोविड मरीजों को तुरंत ही रेमडेसिविर इंजेक्शन लगा दिया जा रहा है। यह एंटी वायरल इंजेक्शन कोविड मरीजों के उपचार में बेहद कारगर साबित हो रहा है। मरीज के शरीर में मौजूद संक्रमण को यह एंजेक्शन काफी तेजी से खत्म करने लगता है। हालांकि, हर किसी को यह इंजेक्शन नहीं लगाया जाता है। इसके लिए भी कुछ मानक तय हैं।
विज्ञापन
कोविड के हाई रिस्क वाले मरीजों को रेमडेसिविर इंजेक्शन तुरंत लगाया जा रहा है। इसके काफी सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। कई वृद्ध गंभीर रोगियों को स्वस्थ करने में भी यह इंजेक्शन सहायक साबित हुआ है। इसके अलावा भी अन्य दवाएं दी जा रही हैं। - डॉ. पारस गुप्ता, सहायक नोडल अधिकारी, कोविड, मेडिकल कॉलेज।
विज्ञापन
केस-1
हंसारी निवासी 80 साल की वृद्धा को दो सप्ताह पहले गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती किया गया था। जांच होने पर वह कोरोना पॉजिटिव मिलीं। उन्हें हाई बीपी, मधुमेह, ह्रदय की बीमारी भी थी। उन्हें तुरंत ही रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाया गया और ऑक्सीजन पर रखकर दवाएं देने शुरू की गईं। लगभग तीन दिन बाद उन्हें आईसीयू से हटाकर आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया। जहां तीन-चार दिन उपचार के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई। अब वह पूरी तरह स्वस्थ हैं।
केस-2
बंसल कॉलोनी निवासी 75 वर्षीय वरिष्ठ चिकित्सक को 18 सितंबर को कोरोना पॉजिटिव होने पर मेडिकल कॉलेज में गंभीर अवस्था में भर्ती कराया था। उस समय उनकी ऑक्सीजन लेवल 80 फीसदी पहुंच गया था। वह डायबिटीज से भी ग्रसित थे। डॉक्टरों ने उन्हें तुरंत रेमडेसिविर इंजेक्शन लगाया। इसके बाद ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया। चार दिन के उपचार के बाद उनकी स्थिति में तेजी से सुधार हुआ। अब डॉक्टर उन्हें एक-दो दिन में अस्पताल से डिस्चार्ज करेंगे।
केस-3
सिविल लाइन निवासी 80 साल के वृद्ध को कोरोना होने पर 15 सितंबर को भर्ती किया गया था। तक उनका ऑक्सीजन लेवल भी कम होने पर सांस लेने में तकलीफ हो रही थी। गंभीर हालात देखकर डॉक्टरों ने उन्हें रेमडेसिविर इंजेक्शन दिया सात दिनों तक उनकी स्थिति पर कड़ी नजर रखते हुए जरूरी दवाएं दीं जाती रही। एक सप्ताह बीतने के बाद उनकी सेहत में सुधार हुआ तो सामान्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।