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वेटिंग टिकट पर बर्थ देने पर टीटीई को दर्ज करना होगा यात्री का नाम पता
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झांसी। चलती ट्रेन में अगर टीटीई किसी वेटिंग टिकट के यात्री को बर्थ देता है तो उसे अब संबंधित मुसाफिर का नाम, पता भी दर्ज करना होगा। कई मामलों में वेटिंग टिकट पर यात्रा कर रहे यात्री अपराध कर चुके हैं। बाद में उनका कोई अता- पता नहीं चल पाता है। इस संबंध में जीआरपी ने रेलवे को पत्र लिखा था, जिस पर अब रेल प्रशासन इस व्यवस्था को जल्द लागू करने पर विचार कर रहा है।
चलती ट्रेन में टीटीई वेटिंग टिकट के यात्रियों को भी खाली बर्थ आवंटित कर देते हैं। ऐसे में अगर वेटिंग टिकट का यात्री कोई अपराध करता है तो उसका नाम पता नहीं मिल पाता है। जांच करने में दिक्कत आती है। जीआरपी चाहती है कि ऐसी व्यवस्था बननी चाहिए कि ऐसे मामलों में टीटीई यात्री का नाम, पता दर्ज कर अपने विभागीय रिकॉर्ड में रखे। ताकि जरूरत पड़ने पर वह रिकॉर्ड उनको तुरंत उपलब्ध हो सके। इस समस्या को लेकर अपर पुलिस महानिदेशक (रेलवे) पीयूष आनंद के निर्देश पर अधीनस्थ अधिकारियों ने रेलवे को पत्र लिखा था। रेलवे अब इस व्यवस्था को शीघ्र लागू करने जा रहा है। इस मामले में सीओ रेलवे नईम खान मंसूरी ने बताया कि इस व्यवस्था के लागू होने पर अपराधों को अंकुश करने में बहुत मदद मिल सकेगी।
झांसी में 400 से अधिक टीटीई तैनात
रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन निकलने वाली ट्रेनों की संख्या के हिसाब से 98 टीमें चेकिंग कर्मचारियों (एम्युनिटी लिंक) की बनीं हुईं हैं। प्रत्येक टीम में तीन या चार टिकट चेकिंग कर्मी तैनात हैं। ये टीमें झांसी से दिल्ली, झांसी से भोपाल व इटारसी, झांसी से बांदा व झांसी से कानपुर जातीं हैं। इसके अलावा 12 बी लिंक टीम हैं, जिनमें तैनात कर्मचारी साप्ताहिक गाड़ियों में चलते हैं। टेन पी लिंक टीमों में तैनात कर्मचारी स्पेशल स्क्वाएड में तैनात हैं। कोरोना महामारी के चलते अभी सिर्फ स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इन ट्रेनों में उक्त सभी टीमों की बारी- बारी से ड्यूटी लगाई जा रही है। सभी टीमों में चार सौ से अधिक कर्मचारी तैनात हैं।
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चलती ट्रेन में टीटीई वेटिंग टिकट के यात्रियों को भी खाली बर्थ आवंटित कर देते हैं। ऐसे में अगर वेटिंग टिकट का यात्री कोई अपराध करता है तो उसका नाम पता नहीं मिल पाता है। जांच करने में दिक्कत आती है। जीआरपी चाहती है कि ऐसी व्यवस्था बननी चाहिए कि ऐसे मामलों में टीटीई यात्री का नाम, पता दर्ज कर अपने विभागीय रिकॉर्ड में रखे। ताकि जरूरत पड़ने पर वह रिकॉर्ड उनको तुरंत उपलब्ध हो सके। इस समस्या को लेकर अपर पुलिस महानिदेशक (रेलवे) पीयूष आनंद के निर्देश पर अधीनस्थ अधिकारियों ने रेलवे को पत्र लिखा था। रेलवे अब इस व्यवस्था को शीघ्र लागू करने जा रहा है। इस मामले में सीओ रेलवे नईम खान मंसूरी ने बताया कि इस व्यवस्था के लागू होने पर अपराधों को अंकुश करने में बहुत मदद मिल सकेगी।
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झांसी में 400 से अधिक टीटीई तैनात
रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन निकलने वाली ट्रेनों की संख्या के हिसाब से 98 टीमें चेकिंग कर्मचारियों (एम्युनिटी लिंक) की बनीं हुईं हैं। प्रत्येक टीम में तीन या चार टिकट चेकिंग कर्मी तैनात हैं। ये टीमें झांसी से दिल्ली, झांसी से भोपाल व इटारसी, झांसी से बांदा व झांसी से कानपुर जातीं हैं। इसके अलावा 12 बी लिंक टीम हैं, जिनमें तैनात कर्मचारी साप्ताहिक गाड़ियों में चलते हैं। टेन पी लिंक टीमों में तैनात कर्मचारी स्पेशल स्क्वाएड में तैनात हैं। कोरोना महामारी के चलते अभी सिर्फ स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इन ट्रेनों में उक्त सभी टीमों की बारी- बारी से ड्यूटी लगाई जा रही है। सभी टीमों में चार सौ से अधिक कर्मचारी तैनात हैं।
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