लॉकडाउन खुलने के बाद रेलवे स्टेशन की गतिविधियों को संचालित करने के लिए अधिकारियों ने ट्रैफिक प्लान तैयार किया। प्लान को स्वीकृति के लिए डीआरएम के पास भेज दिया गया। स्टेशन प्रबंधक कक्ष में वाणिज्य, आरपीएफ व इंजीनियरिंग विभाग के अधिकारियों ने प्लेटफार्मों का भ्रमण करने के बाद ट्रैफिक प्लान तैयार किया। तय हुआ है कि ट्रेनों का संचालन शुरू होने पर जीआरपी पुल से यात्रियों का आना- जाना दोनों बंद रखा जाएगा। ट्रेनों से आने वाले यात्री बीच वाले पुल से होकर मुख्य पोर्टिको (प्रवेश द्वार) से बाहर निकलेंगे। जाने वाले यात्री मुख्य पोर्टिको में सामान की स्क्रीनिंग कराने व मेटल डिटेक्टर से गुजरने के बाद प्लेटफार्म पर जाएंगे। अगर उनको दूसरे प्लेटफार्मों पर जाना है तो वे एस्केलेटर पुल का उपयोग करेंगे। बुकिंग हॉल में सिर्फ यात्री जनरल टिकट लेने जा सकेंगे। वे बुकिंग हॉल गेट का उपयोग प्लेटफार्म पर आने के लिए नहीं कर सकेंगे। मुख्य पोर्टिको के बीच रस्सी बांधकर डिवाइडर बनाया जाएगा। ताकि आने और जाने वाले यात्री साफ दिखाई दे सकें। प्लेटफार्म पर अनाधिकृत व्यक्ति न जाएं, इसके लिए अलग- अलग टीमें निगरानी के लिए बनाईं जाएंगी। सभी जगह आने- जाने के प्रतीक चिह्न लगाएं जाएंगे। बेंच पर बैठने के दौरान सामाजिक दूरी बनी रहे, इसके लिए निशान लगाए जाएंगे। रेलवे परिसर में दो, तीन और चार पहिया वाहन नहीं आने दिए जाएंगे। सभी को अपने वाहन रेलवे परिसर के बाहर ही खड़े करने होंगे। इस मौके पर सीनियर डीसीएम डॉ. जितेंद्र कुमार, आरपीएफ कमांडेंट उमाकांत तिवारी, स्टेशन डायरेक्टर आरआर राजपूत व अन्य अफसर मौजूद रहे। आइसोलेशन ट्रेन के लिए किया मॉकड्रिल चिकित्सीय टीम ने रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म छह पर खड़ी की गई सुविधाओं को मॉकड्रिल के जरिये जांचा। मॉकड्रिल के दौरान चार लोगों को कोरोना मरीज बनाकर लाया गया, उनको व्हील चेयर में बिठाकर ट्रेन तक ले जाया गया। ट्रेन में भर्ती करने के बाद उनको आवश्यक चिकित्सीय उपचार दिया गया।