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आईआरसीटीसी के हाथों में जाएगा आरक्षण का काम
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आईआरसीटीसी के हाथों में जाएगा आरक्षण का काम
झांसी। रेलवे बोर्ड जल्द ही भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीसीटी) को स्टेशनों पर संचालित आरक्षित टिकट खिड़कियों (आरक्षण) का काम सौंपने जा रहा है। इसको लेकर रेलवे बोर्ड ने सभी रेलवे जोन को पत्र जारी कर दिया है। यह व्यवस्था लागू होने के बाद आरक्षण कर्मचारियों को टिकट चेकिंग व वाणिज्य विभाग के अन्य पदों पर समायोजित किया जाएगा। अभी झांसी मंडल में 103 आरक्षण कर्मचारी कार्यरत हैं।
स्टेशन के आरक्षित काउंटरों पर ट्रैफिक (यात्रियों की संख्या) घट रहा है। खिड़कियों पर लंबी कतारें लगना बंद हो गई हैं। 60 से 65 फीसदी यात्री आरक्षित टिकट इंटरनेट से ऑनलाइन आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर कराने लगे हैं। इस कारण रेलवे अब स्टेशनों पर संचालित आरक्षित काउंटरों की जिम्मेदारी भी आईआरसीटीसी को सौंपने की तैयारी कर रहा है। बोर्ड ने इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर सभी रेलवे जोन को पत्र लिखे हैं। आईआरसीटीसी को व्यवस्था सौंपे जाने के बाद आरक्षण कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को टिकट चेकिंग व अन्य वाणिज्य कार्यों में लगाया जाएगा। टिकट चेकिंग में लगाने से पूर्व आरक्षण कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। झांसी रेल मंडल में अभी 103 आरक्षण कर्मचारी हैं, जिसमेें 38 झांसी में तैनात हैं।
रेलवे बोर्ड स्तर पर स्टेशनों पर संचालित आरक्षण व्यवस्था को आईआरसीटीसी को सौंपने की तैयारी चल रही है। आरक्षण कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर टिकट चेकिंग कैडर में समायोजित किया जाएगा।
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मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी।
इस योजना पर भी चल रहा काम
रेलवे के वाणिज्य विभाग की चार प्रमुख शाखाएं टिकट चेकिंग, बुकिंग, मालगोदाम व आरक्षण हैं। यह शाखाएं यात्रियों से सीधी जुड़ी हैं। रेलवे बोर्ड इंटरनेट टिकट, अनारक्षित टिकट सेवा केंद्र, आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन, पोस्ट आफिस में आरक्षण काउंटर आदि कार्य निजी एजेंसियों को देकर आरक्षित व अनारक्षित टिकटों की बिक्री आसान करता जा रहा है। इस कारण बुकिंग व आरक्षण कैडर में अनुकंपा नियुक्ति के अलावा कोई नई भर्ती नहीं की जा रही है। दूसरा, इन शाखाओं के कर्मचारी अपनी ही विधा के काम जानते हैं। इस कारण सातवें वेतन आयोग में वाणिज्य विभाग के सभी कैडरों को एक करने की बात कही गई थी, जिस पर तेजी से काम चल रहा है। रेल प्रशासन का मानना है कि वाणिज्य विभाग के सभी कैडर एक होने पर कर्मचारी सभी विधाओं का काम कर सकेंगे।
इस तरह कम हो रहा काम
- अब आरक्षण 60 से 65 फीसदी इंटरनेट से होने लगे हैं। इस कारण धीरे-धीरे स्टेशनों पर आरक्षण काउंटरों की संख्या कम की जा रही है।
- अनारक्षित टिकट के लिए आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन लगाई जा रही हैं। इन मशीनों के लगने पर अनारक्षित टिकट काउंटरों की संख्या कम की जाएगी।
- शहरी क्षेत्र में लगातार प्राइवेट अनारक्षित टिकट बुकिंग सेवा केंद्र खोले जा रहे हैं, ताकि यात्री को स्टेशन पर आकर टिकट न लेने पड़ें।
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झांसी। रेलवे बोर्ड जल्द ही भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीसीटी) को स्टेशनों पर संचालित आरक्षित टिकट खिड़कियों (आरक्षण) का काम सौंपने जा रहा है। इसको लेकर रेलवे बोर्ड ने सभी रेलवे जोन को पत्र जारी कर दिया है। यह व्यवस्था लागू होने के बाद आरक्षण कर्मचारियों को टिकट चेकिंग व वाणिज्य विभाग के अन्य पदों पर समायोजित किया जाएगा। अभी झांसी मंडल में 103 आरक्षण कर्मचारी कार्यरत हैं।
स्टेशन के आरक्षित काउंटरों पर ट्रैफिक (यात्रियों की संख्या) घट रहा है। खिड़कियों पर लंबी कतारें लगना बंद हो गई हैं। 60 से 65 फीसदी यात्री आरक्षित टिकट इंटरनेट से ऑनलाइन आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर कराने लगे हैं। इस कारण रेलवे अब स्टेशनों पर संचालित आरक्षित काउंटरों की जिम्मेदारी भी आईआरसीटीसी को सौंपने की तैयारी कर रहा है। बोर्ड ने इसके लिए प्रक्रिया शुरू कर सभी रेलवे जोन को पत्र लिखे हैं। आईआरसीटीसी को व्यवस्था सौंपे जाने के बाद आरक्षण कार्यालय में तैनात कर्मचारियों को टिकट चेकिंग व अन्य वाणिज्य कार्यों में लगाया जाएगा। टिकट चेकिंग में लगाने से पूर्व आरक्षण कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। झांसी रेल मंडल में अभी 103 आरक्षण कर्मचारी हैं, जिसमेें 38 झांसी में तैनात हैं।
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रेलवे बोर्ड स्तर पर स्टेशनों पर संचालित आरक्षण व्यवस्था को आईआरसीटीसी को सौंपने की तैयारी चल रही है। आरक्षण कर्मचारियों को प्रशिक्षण देकर टिकट चेकिंग कैडर में समायोजित किया जाएगा।
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मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी।
इस योजना पर भी चल रहा काम
रेलवे के वाणिज्य विभाग की चार प्रमुख शाखाएं टिकट चेकिंग, बुकिंग, मालगोदाम व आरक्षण हैं। यह शाखाएं यात्रियों से सीधी जुड़ी हैं। रेलवे बोर्ड इंटरनेट टिकट, अनारक्षित टिकट सेवा केंद्र, आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन, पोस्ट आफिस में आरक्षण काउंटर आदि कार्य निजी एजेंसियों को देकर आरक्षित व अनारक्षित टिकटों की बिक्री आसान करता जा रहा है। इस कारण बुकिंग व आरक्षण कैडर में अनुकंपा नियुक्ति के अलावा कोई नई भर्ती नहीं की जा रही है। दूसरा, इन शाखाओं के कर्मचारी अपनी ही विधा के काम जानते हैं। इस कारण सातवें वेतन आयोग में वाणिज्य विभाग के सभी कैडरों को एक करने की बात कही गई थी, जिस पर तेजी से काम चल रहा है। रेल प्रशासन का मानना है कि वाणिज्य विभाग के सभी कैडर एक होने पर कर्मचारी सभी विधाओं का काम कर सकेंगे।
इस तरह कम हो रहा काम
- अब आरक्षण 60 से 65 फीसदी इंटरनेट से होने लगे हैं। इस कारण धीरे-धीरे स्टेशनों पर आरक्षण काउंटरों की संख्या कम की जा रही है।
- अनारक्षित टिकट के लिए आटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन लगाई जा रही हैं। इन मशीनों के लगने पर अनारक्षित टिकट काउंटरों की संख्या कम की जाएगी।
- शहरी क्षेत्र में लगातार प्राइवेट अनारक्षित टिकट बुकिंग सेवा केंद्र खोले जा रहे हैं, ताकि यात्री को स्टेशन पर आकर टिकट न लेने पड़ें।