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रेलवे ने की अनदेखी तो एसपी ने दिखाए तेवर
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इलाइट- सीपरी बाजार मार्ग पर रेलवे की जमीन पर बनने वाले मॉल का डिजाइन।
- फोटो : REPORTERS
झांसी। रेलवे ने सीता होटल के सामने अपनी जमीन पर मल्टीप्लेक्स कांपलेक्स ‘मॉल’ बनाने के लिए 45 साल के लिए 30.68 करोड़ में जमीन लीज पर दी है। इसका निर्माण शुरू होता, इससे पहले ही तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (रेलवे) ने इस पर लिखा पढ़ी शुरू कर दी। रेल प्रशासन को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि एसपी रेलवे के लिए आवंटित इस सरकारी बंगले के लॉन की जमीन को बिना जानकारी के कैसे लीज पर दे दिया गया। न ही बदले में दूसरा बंगला दिया गया। इस पत्र के बाद जो दीवार तोड़ी गई थी, उसे दोबारा बना दिया गया। रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण के पास संबंधित कंपनी 11 करोड़ रुपये जमा कर चुकी है।
बड़े महानगरों की तरह शहर के बीच इलाइट- सीपरी बाजार मार्ग पर चंद्रशेखर तिराहा के पास पुलिस अधीक्षक (रेलवे) के बंगले के लॉन में रेलवे की जमीन पर मल्टीप्लेक्स कांपलेक्स का निर्माण होना है। रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण ने इसके लिए घनाराम मल्टीप्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से अनुबंध कर लिया है। इसमें कारोबारी विजय सरावगी व विशन सिंह यादव साझीदार हैं। कंपनी को यह 7200 वर्ग मीटर जमीन 45 साल के लिए लीज पर दी गई है। कांपलेक्स में छह सिनेमाघर, फूड कोर्ट, शापिंग मॉल, शोरूम, फेन गेम्स व बिग बाजार की तरह एंकर स्टोर बनने हैं। अक्तूबर से इसका निर्माण शुरू होना था। बंगले की चारदीवारी को तोड़ना शुरू कर दिया गया था।
मगर, डेढ़ माह पूर्व स्थानांतरित होकर सोनभद्र गए पुलिस अधीक्षक (रेलवे) प्रभाकर चौधरी ने बिना सूचना उनके बंगले की दीवार की तोड़फोड़ शुरू करने पर रेल प्रशासन से गहरी नाराजगी व्यक्त की। रेल प्रशासन को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि बिना सूचना उनके बंगले की दीवार की तोड़फोड़ की गई। इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं, दीवार तोड़े जाने का पता लगने पर एसएसपी डॉ. ओमप्रकाश सिंह के निर्देश पर नवाबाद थाना पुलिस ने काम रुकवा दिया था। साथ ही, दीवार को दोबारा बना दिया। कंपनी के एक साझीदार ने एसएसपी के पास पहुंचकर अनुबंध के प्रपत्र दिखाए, तब कहीं जाकर मामला शांत हो सका। फिलहाल अभी जमीन को लेकर मामला अटका हुआ है।
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जल्द ही पुलिस अधीक्षक (रेलवे) के नाम नया बंगला आवंटित किया जा रहा है। नया बंगला पास में ही दिया गया है। नए बंगले में रंगाई पुताई का काम चल रहा है। समस्या का समाधान होते ही संबंधित कंपनी को जमीन पर कब्जा दे दिया जाएगा।
जनसंपर्क अधिकारी।
एक करोड़ में तैयार हुई डिजाइन
कंपनी ने मल्टीप्लेक्स कांपलेक्स का डिजाइन एक प्रसिद्ध डिजाइनर से तैयार करवाया है। बदले में एक करोड़ दिए गए हैं। यह कांपलेक्स सभी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा, जिसके निर्माण में करीब 35 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
सात एकड़ में बना है बंगला
पुलिस अधीक्षक (रेलवे) का बंगला सात एकड़ जमीन में बना हुआ है। इसमें रेलवे ने पौने दो एकड़ जमीन मॉल के निर्माण के लिए दी है।
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बड़े महानगरों की तरह शहर के बीच इलाइट- सीपरी बाजार मार्ग पर चंद्रशेखर तिराहा के पास पुलिस अधीक्षक (रेलवे) के बंगले के लॉन में रेलवे की जमीन पर मल्टीप्लेक्स कांपलेक्स का निर्माण होना है। रेलवे भूमि विकास प्राधिकरण ने इसके लिए घनाराम मल्टीप्लेक्स प्राइवेट लिमिटेड कंपनी से अनुबंध कर लिया है। इसमें कारोबारी विजय सरावगी व विशन सिंह यादव साझीदार हैं। कंपनी को यह 7200 वर्ग मीटर जमीन 45 साल के लिए लीज पर दी गई है। कांपलेक्स में छह सिनेमाघर, फूड कोर्ट, शापिंग मॉल, शोरूम, फेन गेम्स व बिग बाजार की तरह एंकर स्टोर बनने हैं। अक्तूबर से इसका निर्माण शुरू होना था। बंगले की चारदीवारी को तोड़ना शुरू कर दिया गया था।
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मगर, डेढ़ माह पूर्व स्थानांतरित होकर सोनभद्र गए पुलिस अधीक्षक (रेलवे) प्रभाकर चौधरी ने बिना सूचना उनके बंगले की दीवार की तोड़फोड़ शुरू करने पर रेल प्रशासन से गहरी नाराजगी व्यक्त की। रेल प्रशासन को लिखे पत्र में उन्होंने कहा कि बिना सूचना उनके बंगले की दीवार की तोड़फोड़ की गई। इसकी जांच होनी चाहिए। वहीं, दीवार तोड़े जाने का पता लगने पर एसएसपी डॉ. ओमप्रकाश सिंह के निर्देश पर नवाबाद थाना पुलिस ने काम रुकवा दिया था। साथ ही, दीवार को दोबारा बना दिया। कंपनी के एक साझीदार ने एसएसपी के पास पहुंचकर अनुबंध के प्रपत्र दिखाए, तब कहीं जाकर मामला शांत हो सका। फिलहाल अभी जमीन को लेकर मामला अटका हुआ है।
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जल्द ही पुलिस अधीक्षक (रेलवे) के नाम नया बंगला आवंटित किया जा रहा है। नया बंगला पास में ही दिया गया है। नए बंगले में रंगाई पुताई का काम चल रहा है। समस्या का समाधान होते ही संबंधित कंपनी को जमीन पर कब्जा दे दिया जाएगा।
जनसंपर्क अधिकारी।
एक करोड़ में तैयार हुई डिजाइन
कंपनी ने मल्टीप्लेक्स कांपलेक्स का डिजाइन एक प्रसिद्ध डिजाइनर से तैयार करवाया है। बदले में एक करोड़ दिए गए हैं। यह कांपलेक्स सभी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित होगा, जिसके निर्माण में करीब 35 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
सात एकड़ में बना है बंगला
पुलिस अधीक्षक (रेलवे) का बंगला सात एकड़ जमीन में बना हुआ है। इसमें रेलवे ने पौने दो एकड़ जमीन मॉल के निर्माण के लिए दी है।