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पांच करोड़ से संवरेगा राजा रघुनाथ राव महल
Fri, 22 Feb 2019 01:03 AM IST
देवेंद्र कुमार
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Fri, 22 Feb 2019 01:03 AM IST
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- फोटो : demo
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नई बस्ती में स्थित राजा रघुनाथ राव महल को पुराने स्वरूप में लाने के लिए पुरातत्व विभाग ने शासन से पांच करोड़ रुपये मांगे हैं। यह धनराशि मिलने पर किले को भव्य रूप प्रदान किया जा सकेगा। वहीं, एक अन्य योजना के तहत पुरातत्व मुख्यालय ने 50 हजार रुपये रघुनाथ महल के लिए भेजे हैं। इससे महल को संवारने के छोटे-छोटे काम कराए जाएंगे।
नई बस्ती में 18 वीं सदी का बना है रघुनाथ राव का महल, जिसमें मुगल, मराठा और बुंदेली वास्तु कला का प्रभाव आज भी दिखाई देता है। हालांकि वर्तमान में इसकी दीवारें बेहद जीर्णशीर्ण हो चुकी हैं और यह अतिक्रमण का भी शिकार है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इस महल के कायाकल्प की कोशिशें सरकारी स्तर पर लगातार की जा रही हैं। यही वजह है कि अमृत योजना के तहत इसके परिसर में उद्यान भी विकसित किया जा रहा है। बजट के अभाव में यह कार्य फिलहाल थमा हुआ है।
इधर, क्षेत्रीय पुरातत्व विभाग ने संरक्षित अपने इस स्मारक क ी सुंदरता के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इसमें दीवारों में प्लास्टर, बाराद्वरी में सफाई और रंग रोगन, इसकी छत की मरम्मत आदि कार्य होने हैं। यह धनराशि 15 वें वित्त आयोग में मांगी जा रही है। पुरातत्व अधिकारी डॉ. एसके दुबे के अनुसार मुख्यालय ने एक अन्य योजना के तहत 50 हजार रुपये वर्तमान में भेजे हैं। इससे रघुनाथ महल के मुख्य द्वार को संवारा जाएगा। इसके अलावा जंगली घास हटवाई जाएगी। दीवारों से जो ईंटें निकल रही हैं, वह सही कराई जाएंगी।
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नई बस्ती में 18 वीं सदी का बना है रघुनाथ राव का महल, जिसमें मुगल, मराठा और बुंदेली वास्तु कला का प्रभाव आज भी दिखाई देता है। हालांकि वर्तमान में इसकी दीवारें बेहद जीर्णशीर्ण हो चुकी हैं और यह अतिक्रमण का भी शिकार है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इस महल के कायाकल्प की कोशिशें सरकारी स्तर पर लगातार की जा रही हैं। यही वजह है कि अमृत योजना के तहत इसके परिसर में उद्यान भी विकसित किया जा रहा है। बजट के अभाव में यह कार्य फिलहाल थमा हुआ है।
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इधर, क्षेत्रीय पुरातत्व विभाग ने संरक्षित अपने इस स्मारक क ी सुंदरता के लिए पांच करोड़ रुपये का प्रस्ताव शासन को भेजा है। इसमें दीवारों में प्लास्टर, बाराद्वरी में सफाई और रंग रोगन, इसकी छत की मरम्मत आदि कार्य होने हैं। यह धनराशि 15 वें वित्त आयोग में मांगी जा रही है। पुरातत्व अधिकारी डॉ. एसके दुबे के अनुसार मुख्यालय ने एक अन्य योजना के तहत 50 हजार रुपये वर्तमान में भेजे हैं। इससे रघुनाथ महल के मुख्य द्वार को संवारा जाएगा। इसके अलावा जंगली घास हटवाई जाएगी। दीवारों से जो ईंटें निकल रही हैं, वह सही कराई जाएंगी।
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