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प्राइवेट टैंकरों से चल रहा काम, सरकारी मांग रहे मरम्मत
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टैंकर
- फोटो : ?????
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झांसी। कोविड-19 के कार्य में पानी के टैंकरों के लग जाने के बाद इस बार जलसंस्थान को प्राइवेट टैंकरों का सहारा लेना पड़ रहा है। जो कोविड कार्य से टैंकर लौटकर आए, वो अब काम मांग रहे हैं। इस कारण शहर मेें अधिकांश टैंकरों की आपूर्ति प्राइवेट टैंकरों पर टिकी है।
महानगर में 40 से अधिक ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पाइप लाइन नहीं होने के कारण हर साल गर्मियों में भीषण जल संकट खड़ा हो जाता है। गर्मियों में इन क्षेत्रों में टैंकरों से पानी की सप्लाई की जाती हैं। जल संस्थान के पास 36 टैंकर हैं । इनमें छह टैंकर इमरजेंसी सेवा के लिए रखे रहते हैं। इस बार कोविड- 19 के दौरान दूसरे शहरों से आए लोगों को शहर के अलग- अलग सरकारी संस्थानों में ठहरा गया। इनके पीने के पानी की व्यवस्था के लिए जलसंस्थान को 20 पानी के टैंकर लगाने पड़े। दस दिन पहले यह टैंकर जलसंस्थान को वापस मिल गए। मगर इनमें दस टैंकर खराब हो गए हैं। इनमें कोई पंक्चर था तो किसी की वेल्डिंग टूट गई थी। कोई लीक कर रहा था तो किसी की कमानी टूटी पड़ी है। जलसंस्थान अब प्राइवेट टैंकरों के सहारे ही जलसंकटग्रस्त क्षेत्रों में पानी पहुंचाने का काम कर रहा है।
- जो टैंकर खराब हैं, उनमें ज्यादातर के टायर बदलने हैं। टायरों की खरीद की जा रही है। जल्द ही क्षतिग्रस्त टैंकरों को दुरुस्त कर लिया जाएगा।
कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान।
इन क्षेत्रों में भेजे जाते हैं टैंकर
दतिया गेट फिल्टर से अंदर व बाहर दतिया गेट, थापक बाग, मेवातीपुरा, अंदर व बाहर उन्नाव गेट, पंचवटी, मुकरयाना, सराय, नरसिंह राव टौरिया, इतवारी गंज, लक्ष्मण गंज, नझाई बाजार, झारखड़िया, लक्ष्मणगंज, गंधीगर का टपरा, सांई का तकिया, पुरानी नझाई, गोला कुआं, नई बस्ती, अलीगोल, राई का ताजिया क्षेत्र में चिह्नित 110 स्थानों पर टैंकर भेजे जाते हैं।
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महानगर में 40 से अधिक ऐसे क्षेत्र हैं, जहां पाइप लाइन नहीं होने के कारण हर साल गर्मियों में भीषण जल संकट खड़ा हो जाता है। गर्मियों में इन क्षेत्रों में टैंकरों से पानी की सप्लाई की जाती हैं। जल संस्थान के पास 36 टैंकर हैं । इनमें छह टैंकर इमरजेंसी सेवा के लिए रखे रहते हैं। इस बार कोविड- 19 के दौरान दूसरे शहरों से आए लोगों को शहर के अलग- अलग सरकारी संस्थानों में ठहरा गया। इनके पीने के पानी की व्यवस्था के लिए जलसंस्थान को 20 पानी के टैंकर लगाने पड़े। दस दिन पहले यह टैंकर जलसंस्थान को वापस मिल गए। मगर इनमें दस टैंकर खराब हो गए हैं। इनमें कोई पंक्चर था तो किसी की वेल्डिंग टूट गई थी। कोई लीक कर रहा था तो किसी की कमानी टूटी पड़ी है। जलसंस्थान अब प्राइवेट टैंकरों के सहारे ही जलसंकटग्रस्त क्षेत्रों में पानी पहुंचाने का काम कर रहा है।
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- जो टैंकर खराब हैं, उनमें ज्यादातर के टायर बदलने हैं। टायरों की खरीद की जा रही है। जल्द ही क्षतिग्रस्त टैंकरों को दुरुस्त कर लिया जाएगा।
कुलदीप सिंह, अधिशासी अभियंता जलसंस्थान।
इन क्षेत्रों में भेजे जाते हैं टैंकर
दतिया गेट फिल्टर से अंदर व बाहर दतिया गेट, थापक बाग, मेवातीपुरा, अंदर व बाहर उन्नाव गेट, पंचवटी, मुकरयाना, सराय, नरसिंह राव टौरिया, इतवारी गंज, लक्ष्मण गंज, नझाई बाजार, झारखड़िया, लक्ष्मणगंज, गंधीगर का टपरा, सांई का तकिया, पुरानी नझाई, गोला कुआं, नई बस्ती, अलीगोल, राई का ताजिया क्षेत्र में चिह्नित 110 स्थानों पर टैंकर भेजे जाते हैं।
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