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‘मुद्रा’ के लिए बैंकों में बढ़ी भीड़
ब्यूरो
Updated Fri, 30 Oct 2015 12:59 AM IST
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झांसी। छोटे कारोबारियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार द्वारा शुरू की गई मुद्रा (माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट फंड रिफाइनेंस एजेंसी) योजना के तहत ऋण लेने के लिए इन दिनों बैंकों में भीड़ उमड़ रही है। बगैर गारंटी के ऋण देने के प्रावधान के कारण योजना तेजी से लोकप्रिय हो रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी मुद्रा योजना के तहत तीन प्रकार के ऋण का प्रावधान किया गया है। शिशु योजना के तहत पचास हजार रुपये तक, किशोर योजना के तहत पचास हजार से पांच लाख तक तथा तरुण योजना के तहत पांच लाख से दस लाख रुपये तक के ऋण का प्रावधान है। इसमें न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। जबकि, शैक्षिक योग्यता का पैमाना निर्धारित नहीं किया गया है।
इसके अलावा ऋण लेने के लिए किसी तरह की गारंटी की भी आवश्यकता नहीं है। यही वजह है कि यह योजना आम जनमानस को खूब रास आ रही है। बैंकों में मुद्रा योजना के तहत ऋण प्राप्त करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। इसमें शिशु योजना के तहत ऋण लेने वालों की संख्या ज्यादा है।
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यह ले सकते हैं ऋण
मुद्रा योजना के तहत लघु विनिर्माण इकाइयां, सेवा क्षेत्र की इकाइयां, दुकानदार, फल-सब्जी विक्रेता, ट्रक परिचालक, खाद्य सेवा इकाइयां, मरम्मत दुकानें, मशीन परिचालन, लघु उद्योग, दस्तकार, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां तथा व्यवसायों के लिए ऋण का प्रावधान किया गया है।
ब्याज दर बैंक की बेस रेट
मुद्रा योजना के तहत ब्याज दर बैंक की बेस रेट को तय किया गया है। यह सभी बैंकों की भिन्न-भिन्न हो सकती है। वर्तमान में पंजाब नेशनल बैंक का बेस रेट 9.6 प्रतिशत सालाना है। जानकारों के मुताबिक ज्यादा बैंकों का बेस रेट नौ से दस फीसदी के मध्य है।
तकनीकी हाथों को प्राथमिकता
मुद्रा योजना के तहत नया व्यवसाय शुरू करने या पुराने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए ऋण देने का प्रावधान किया गया है। इसमें तकनीकी रूप से दक्ष लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। खासतौर पर आईटीआई या अन्य इसी तरह की तकनीकी शिक्षाधारकों को प्राथमिकता मिल रही है।
कोट-
मुद्रा योजना छोटे कारोबारियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसमें बैंकों द्वारा बगैर गारंटी के ऋण दिया जा रहा है। तकनीकी शिक्षा धारकों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण देने का प्रावधान है।
- एसके चावला, अग्रणी जिला प्रबंधक
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी मुद्रा योजना के तहत तीन प्रकार के ऋण का प्रावधान किया गया है। शिशु योजना के तहत पचास हजार रुपये तक, किशोर योजना के तहत पचास हजार से पांच लाख तक तथा तरुण योजना के तहत पांच लाख से दस लाख रुपये तक के ऋण का प्रावधान है। इसमें न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। जबकि, शैक्षिक योग्यता का पैमाना निर्धारित नहीं किया गया है।
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इसके अलावा ऋण लेने के लिए किसी तरह की गारंटी की भी आवश्यकता नहीं है। यही वजह है कि यह योजना आम जनमानस को खूब रास आ रही है। बैंकों में मुद्रा योजना के तहत ऋण प्राप्त करने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। इसमें शिशु योजना के तहत ऋण लेने वालों की संख्या ज्यादा है।
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यह ले सकते हैं ऋण
मुद्रा योजना के तहत लघु विनिर्माण इकाइयां, सेवा क्षेत्र की इकाइयां, दुकानदार, फल-सब्जी विक्रेता, ट्रक परिचालक, खाद्य सेवा इकाइयां, मरम्मत दुकानें, मशीन परिचालन, लघु उद्योग, दस्तकार, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां तथा व्यवसायों के लिए ऋण का प्रावधान किया गया है।
ब्याज दर बैंक की बेस रेट
मुद्रा योजना के तहत ब्याज दर बैंक की बेस रेट को तय किया गया है। यह सभी बैंकों की भिन्न-भिन्न हो सकती है। वर्तमान में पंजाब नेशनल बैंक का बेस रेट 9.6 प्रतिशत सालाना है। जानकारों के मुताबिक ज्यादा बैंकों का बेस रेट नौ से दस फीसदी के मध्य है।
तकनीकी हाथों को प्राथमिकता
मुद्रा योजना के तहत नया व्यवसाय शुरू करने या पुराने व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए ऋण देने का प्रावधान किया गया है। इसमें तकनीकी रूप से दक्ष लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। खासतौर पर आईटीआई या अन्य इसी तरह की तकनीकी शिक्षाधारकों को प्राथमिकता मिल रही है।
कोट-
मुद्रा योजना छोटे कारोबारियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इसमें बैंकों द्वारा बगैर गारंटी के ऋण दिया जा रहा है। तकनीकी शिक्षा धारकों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण देने का प्रावधान है।
- एसके चावला, अग्रणी जिला प्रबंधक