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प्रेमनगर बन जाएगा ‘रेल गांव’
Fri, 15 Feb 2019 01:28 AM IST
देवेंद्र कुमार
jhansi
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Fri, 15 Feb 2019 01:28 AM IST
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- फोटो : demo
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 फरवरी को प्रेमनगर में बनने वाली नई कोच फैक्ट्री और झांसी मानिकपुर डबल ट्रैक के कार्य का शिलान्यास करेंगे। अभी प्रेमनगर के रेलवे क्षेत्र में वैगन और कोच मरम्मत कारखाने स्थापित हैं। एक नया कारखाना खुलने से जहां एक हजार से अधिक लोगों को स्थायी रोजगार मिल सकेगा। साथ ही प्रेमनगर ‘रेल गांव’ जैसे बदले स्वरूप में दिखाई देने लगेगा। वहीं, झांसी-मानिकपुर डबल ट्रैक बनने पर यहां तेजी से ट्रेनें दौड़ सकेंगी।
फैक्ट्री को स्थापित करने के लिए 454.89 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। इस फैक्ट्री में हर साल 250 लिंके हॉफमेन बुस कोच (एलएचबी) को सजाने (नवीनीकरण) का काम होगा। फैक्ट्री में एक हजार से अधिक युवाओं को स्थायी रोजगार मिल सकेगा। साथ ही परोक्ष रूप से भी सैकड़ों लोगों को काम मिल सकेगा।
वहीं, प्रेमनगर से सटी रेलवे भूमि पर अभी वैगन और कोच मरम्मत कारखाने स्थापित हैं। इन कारखानों में अभी करीब साढ़े पांच हजार कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें काम करने वाले अधिकांश कर्मचारियों ने अपने घर प्रेमनगर क्षेत्र में ही बना रखे हैं और कुछ रेलवे कॉलोनी के क्वार्टरों में रह रहे हैं। हाट के मैदान से कैथड्रिल स्कूल के पीछे तक नई फैक्ट्री बनने पर रेलवे की अधिकांश जमीन भर जाएगी। ऐसे में यहां का नजारा एक रेल नगर की तरह दिखाई देगा।
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फैक्ट्री को स्थापित करने के लिए 454.89 करोड़ के बजट का प्रावधान किया गया है। इस फैक्ट्री में हर साल 250 लिंके हॉफमेन बुस कोच (एलएचबी) को सजाने (नवीनीकरण) का काम होगा। फैक्ट्री में एक हजार से अधिक युवाओं को स्थायी रोजगार मिल सकेगा। साथ ही परोक्ष रूप से भी सैकड़ों लोगों को काम मिल सकेगा।
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वहीं, प्रेमनगर से सटी रेलवे भूमि पर अभी वैगन और कोच मरम्मत कारखाने स्थापित हैं। इन कारखानों में अभी करीब साढ़े पांच हजार कर्मचारी काम कर रहे हैं। इनमें काम करने वाले अधिकांश कर्मचारियों ने अपने घर प्रेमनगर क्षेत्र में ही बना रखे हैं और कुछ रेलवे कॉलोनी के क्वार्टरों में रह रहे हैं। हाट के मैदान से कैथड्रिल स्कूल के पीछे तक नई फैक्ट्री बनने पर रेलवे की अधिकांश जमीन भर जाएगी। ऐसे में यहां का नजारा एक रेल नगर की तरह दिखाई देगा।
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