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Jhansi News: पाकिस्तान से लड़ाई में फौजी को इनाम में मिली जमीन पर प्रधान का कब्जा

Sun, 23 Mar 2025 02:01 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 23 Mar 2025 02:01 AM IST
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Pradhan takes possession of the land which was given as reward to the soldier after fighting with Pakistan

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अमर उजाला ब्यूरो



झांसी। 1971 में पाकिस्तान के साथ हुई लड़ाई में अदम्य साहस दिखाने पर इनाम के रूप में कैप्टन धर्मवीर शर्मा एवं उनके भाई कैप्टन महावीर शर्मा को बछौनी में छह हेक्टेयर जमीन दी गई थी। देश की सरहद की रक्षा करने में मशगूल रहने से उनको खुद की जमीन की सुरक्षा का वक्त ही नहीं मिला। उनकी जमीन पर गांव के लोगों ने कब्जा जमा लिया। फर्जी कागज बनाकर जमीन की रजिस्ट्री तक कर दी गई। अब सैन्य परिवार अपनी जमीन दोबारा पाने के लिए अफसरों के यहां चक्कर लगा रहा है। आरोप है कि ग्राम प्रधान ने ही जमीन पर कब्जा जमा लिया। शनिवार को समाधान दिवस में पहुंचकर सैन्य परिवार ने न्याय की गुहार लगाई।



मूल रूप से हरियाणा के रोहतक निवासी सैन्यकर्मी विजय वीर, नई दिल्ली के कृष्णानगर निवासी मंजू शर्मा एवं सूर्य वीर शर्मा ने पुलिस को बताया कि उनके पिता कैप्टन धर्मवीर शर्मा और उनके चाचा कैप्टन महावीर शर्मा झांसी में तैनात रहे। पाकिस्तान से लड़ाई छिड़ने पर दोनों अग्रिम मोर्चे पर भेजे गए। युद्ध के दौरान दोनों ने अदम्य साहस का प्रदर्शन किया। इस पर सरकार ने उनको रक्सा के बछौनी गांव में छह हेक्टेयर जमीन दी थी। जमीन की सुरक्षा के लिए चहारदीवारी बनाई गई थी। कुछ समय बाद दोनों सेवानिवृत्त हो गए। कैप्टन धर्मवीर के पुत्र विजय भी सेना में हैं। इस वजह से वह भी यहां नियमित नहीं आ सके।
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कई साल तक यहां न आने से स्थानीय लोगों ने उनकी चहारदीवारी नष्ट कर दी। यह पता चलने पर कुछ साल पहले जब छुट्टी लेकर विजय यहां पहुंचे, तब उनको धमकाया जाने लगा। विजय का कहना है कि छानबीन करने पर फर्जीवाड़ा उजागर हुआ। मालूम चला कि फर्जी कागज बनाकर पूरी जमीन की रजिस्ट्री कर दी गई। एक ग्राम प्रधान ने अपने नाम रजिस्ट्री करवाकर उस पर कब्जा जमा लिया। उन्होंने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत की। विजय, मंजू, सूर्यवीर ने शनिवार को रक्सा थाने में आयोजित समाधान दिवस के दौरान गुहार भी लगाई।
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सैन्यकर्मी के परिजन ने जो कागजात दिखाए, उससे मालूम चलता है कि 1971 में उनको यहां जमीन मिली थी। कुछ लोगों ने गलत कागज बनाकर रजिस्ट्री करा ली। एक हिस्से के खसरा-खतौनी में सैन्यकर्मियों के परिजन का नाम है। लेखपाल एवं पुलिस की संयुक्त टीम बनाकर जांच कराई जा रही है। - ज्ञानेंद्र सिंह, एसपी सिटी
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