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राजनीतिक दलों को आरटीआई के दायरे में लाने की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 11 Jan 2017 12:53 AM IST
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- फोटो : demo
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उत्तर प्रदेश इलेक्शन वॉच के राज्य समन्वयक अनिल शर्मा ने कहा कि राजनीतिक दलों को जब तक आरटीआई के दायरे में नहीं लाया जाएगा, तब तक काले धन पर रोक लगाना मुश्किल होगा। गुप्त राजनीतिक फंडिंग से भ्रष्टाचार होता है।
पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि कालेधन को नोटबंदी या डिजिटल लेनदेन से बंद नहीं किया जा सकता है। जब तक राजनीतिक दल उद्योगपतियों से काला धन को पार्टी फंड के नाम पर चंदा लेते रहेंगे, तब तक काले धन पर रोक नहीं लगेगा। एडीआर राजनीतिक दलों की फंडिंग की पारदर्श्ता के लिए देशव्यापी अभियान चला रहा है। इस मौके पर मुख्य प्रदेश समन्वयक संजय सिंह, जिला समन्वयक महेश पटैरिया उपस्थित रहे।
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पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि कालेधन को नोटबंदी या डिजिटल लेनदेन से बंद नहीं किया जा सकता है। जब तक राजनीतिक दल उद्योगपतियों से काला धन को पार्टी फंड के नाम पर चंदा लेते रहेंगे, तब तक काले धन पर रोक नहीं लगेगा। एडीआर राजनीतिक दलों की फंडिंग की पारदर्श्ता के लिए देशव्यापी अभियान चला रहा है। इस मौके पर मुख्य प्रदेश समन्वयक संजय सिंह, जिला समन्वयक महेश पटैरिया उपस्थित रहे।
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