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पीएम सम्मान निधि: आधार किसी का, पैसा किसी को
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झांसी। पीएम किसान सम्मान निधि के तहत झांसी में पंजीकृत 2.21 लाख किसानों में महज 93 हजार किसानों तक ही पांचों किस्त पहुंची हैं। बाकी किसानों का मामलों में तमाम अड़चनें हैं। आलम यह है कि आधार कार्ड किसी का है और किस्त किसी अन्य के खाते में जा रही है। इनमें सभी किसानों को पहली किस्त के तौर पर दो हजार रुपए दिए गए लेकिन इसके बाद की किस्तों में किसानों को छांट दिया गया। दूसरी किस्त महज 208840 किसानों को दी गई। तीसरी किस्त 186800 किसानों को ही मिली। इसी तरह चौथी किस्त 152481 एवं पांचवी किस्त 93553 किसानों के ही खाते में आई है। बाकी किसान अधिकारियों के चक्कर ही काट रहे हैं।
सारी शिकायतों का निपटारा ऑनलाइन पोर्टल के जरिए होता है। शिकायतें मिलते ही उसमें दर्ज कर दी जाती हैं। केंद्रीय पोर्टल होने के नाते शिकायतें सुलझने में समय लगता है। कमल कटियार
डीडी कृषि
केस एक- टोड़ीफतेहपुर निवासी लालाराम स्वर्णकार का पीएनबी बैंक में खाता है लेकिन, सम्मान निधि की कोई किस्त उनको नहीं मिली। पड़ताल में मालूम चलाकि उनकी आईडी 5135 का पैसा दूसरे के खाते में जा रहा है। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई लेकिन, अभी तक समस्या नहीं सुलझी।
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केस दो- मऊरानीपुर निवासी जगत शिवहरे के खाते में भी सम्मान निधि नहीं आई। उन्होंने भी आधार नंबर एवं बैंक खाते लिंक कराया लेकिन, दो किस्तों के अलावा उनको कोई पैसा नहीं मिला।
केस तीन- टहरौली, दरबरैइयां निवासी रामचरण अहिरवार के खाते में महज दो किस्त ही आई। आधार एवं बैंक खाते लिंक करने के बावजूद पैसा खाते में नहीं मिला। उनका कहना है छह माह पहले शिकायत की थी लेकिन, यह अब तक दूर नहीं हुई।
केस चार- बंगरा निवासी राजेंद्र पाल के खाते में भी पैसा नहीं पहुंच रहा। उन्होंने जब पता लगाया तब मालूम चलाकि उनका पैसा उनके ही नाम से खुले दूसरे खाते में जा रहा है। शिकायत करने के बाद भी पैसा उनके खाते में नहीं पहुंच रहा।
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सारी शिकायतों का निपटारा ऑनलाइन पोर्टल के जरिए होता है। शिकायतें मिलते ही उसमें दर्ज कर दी जाती हैं। केंद्रीय पोर्टल होने के नाते शिकायतें सुलझने में समय लगता है। कमल कटियार
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केस एक- टोड़ीफतेहपुर निवासी लालाराम स्वर्णकार का पीएनबी बैंक में खाता है लेकिन, सम्मान निधि की कोई किस्त उनको नहीं मिली। पड़ताल में मालूम चलाकि उनकी आईडी 5135 का पैसा दूसरे के खाते में जा रहा है। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई लेकिन, अभी तक समस्या नहीं सुलझी।
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केस दो- मऊरानीपुर निवासी जगत शिवहरे के खाते में भी सम्मान निधि नहीं आई। उन्होंने भी आधार नंबर एवं बैंक खाते लिंक कराया लेकिन, दो किस्तों के अलावा उनको कोई पैसा नहीं मिला।
केस तीन- टहरौली, दरबरैइयां निवासी रामचरण अहिरवार के खाते में महज दो किस्त ही आई। आधार एवं बैंक खाते लिंक करने के बावजूद पैसा खाते में नहीं मिला। उनका कहना है छह माह पहले शिकायत की थी लेकिन, यह अब तक दूर नहीं हुई।
केस चार- बंगरा निवासी राजेंद्र पाल के खाते में भी पैसा नहीं पहुंच रहा। उन्होंने जब पता लगाया तब मालूम चलाकि उनका पैसा उनके ही नाम से खुले दूसरे खाते में जा रहा है। शिकायत करने के बाद भी पैसा उनके खाते में नहीं पहुंच रहा।