{"_id":"61a3dfd0dbaa9a1797287d40","slug":"pm-modi-remembered-rani-laxmi-bai-jhalkari-bai-and-dhyanchandra-jhansi-news-jhs2097916164","type":"story","status":"publish","title_hn":"मोदी ने याद किया रानी, झलकारी बाई का साहस, मेजर का कौशल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मोदी ने याद किया रानी, झलकारी बाई का साहस, मेजर का कौशल
विज्ञापन
pm modi.jpg
- फोटो : pm modi.jpg
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में झांसी की रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना झलकारी बाई और हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद का जिक्र करते हुए उन्हें याद किया। साथ ही नून नदी के विकास में जालौन के ग्रामीणों की एकजुटता का उदाहरण भी दिया। झांसी में जगह-जगह लोगों ने पीएम की मन की बात सुनी।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में झांसी, बुंदेलखंड का योगदान सब जानते हैं। बताया कि ऑस्ट्रेलिया का रिश्ता बुंदेलखंड के झांसी से है। दरअसल, रानी जब ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही थीं, तो उनके वकील जॉन लैंड थे, जो कि ऑस्ट्रेलिया के रहने वाले थे। भारत में रहकर जॉन लैंड ने रानी का मुकद्मा लड़ा। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड ने वीरांगना लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई के साथ-साथ खेल रत्न मेजर ध्यानचंद भी देश को दिए हैं। पीएम बोले कि वीरता केवल युद्ध के मैदान में ही दिखाई जाए, ऐसा जरूरी नहीं होता। वीरता जब व्रत बन जाती है और उसका विस्तार होता है तो हर क्षेत्र में अनेकों कार्य सिद्ध होने लगते हैं।
जालौन की ज्योत्सना की चिट्ठी का जिक्र करते हुए पीएम ने बताया कि वहां पारंपरिक नदी नून किसानों के लिए पानी का मुख्य स्रोत थी। धीरे-धीरे वह लुप्त होने की कगार पर पहुंच गई। जितनी बची वो नाले में तब्दील हो रही थी। इससे सिंचाई का संकट खड़ा हो गया था। फिर किसानों ने इसे सुधारने का बीड़ा उठाया। एक कमेटी बनी और हजारों लोगों ने ग्राम पंचायतों के साथ मिलकर इसे सुधारने का काम शुरू किया। अब नदी फिर से कम लागत में जीवित हो गई है। न जाने कितने किसानों को फायदा हुआ है। ये युद्ध से इतर वीरता का उदाहरण है। इससे देशवासियों की संकल्प शक्ति दिखाई देती है।
विज्ञापन
ये बोले लोग
.................
पीएम ने मन की बात में रानी लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई और दद्दा का जिक्र कर जता दिया है कि उनका बुंदेलखंड से बेहद लगाव है। सुनकर बहुत अच्छा लगा। - डॉ. अतुल प्रताप, नई बस्ती।
रानी की जयंती पर झांसी में भव्य कार्यक्रम में पीएम का शामिल होना और अब मन की बात में झांसी, बुंदेलखंड का जिक्र करने से देश-विदेश में क्षेत्र का मान बढ़ा है। - अशोक वर्मा, खुशीपुरा।
देश का प्रधानमंत्री जब हमारे क्षेत्र और यहां की उपलब्धियों, शौर्य की बात करें तो सुनकर किसका मन प्रफुल्लित नहीं होगा। साथ ही बहुत गर्व महसूस हुआ है। - उज्जवल मुखरैया, अयोध्यापुरी।
पीएम की मन की बात से पहली बार जानकारी मिली कि रानी लक्ष्मीबाई की कानूनी लड़ाई ऑस्ट्रेलिया के वकील ने लड़ी। हर बार पीएम कुछ नई जानकारी देते हैं। - ध्रुव मल्लाह, गोंदू कंपाउंड।
विज्ञापन
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम में झांसी, बुंदेलखंड का योगदान सब जानते हैं। बताया कि ऑस्ट्रेलिया का रिश्ता बुंदेलखंड के झांसी से है। दरअसल, रानी जब ईस्ट इंडिया कंपनी के खिलाफ कानूनी लड़ाई लड़ रही थीं, तो उनके वकील जॉन लैंड थे, जो कि ऑस्ट्रेलिया के रहने वाले थे। भारत में रहकर जॉन लैंड ने रानी का मुकद्मा लड़ा। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड ने वीरांगना लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई के साथ-साथ खेल रत्न मेजर ध्यानचंद भी देश को दिए हैं। पीएम बोले कि वीरता केवल युद्ध के मैदान में ही दिखाई जाए, ऐसा जरूरी नहीं होता। वीरता जब व्रत बन जाती है और उसका विस्तार होता है तो हर क्षेत्र में अनेकों कार्य सिद्ध होने लगते हैं।
विज्ञापन
जालौन की ज्योत्सना की चिट्ठी का जिक्र करते हुए पीएम ने बताया कि वहां पारंपरिक नदी नून किसानों के लिए पानी का मुख्य स्रोत थी। धीरे-धीरे वह लुप्त होने की कगार पर पहुंच गई। जितनी बची वो नाले में तब्दील हो रही थी। इससे सिंचाई का संकट खड़ा हो गया था। फिर किसानों ने इसे सुधारने का बीड़ा उठाया। एक कमेटी बनी और हजारों लोगों ने ग्राम पंचायतों के साथ मिलकर इसे सुधारने का काम शुरू किया। अब नदी फिर से कम लागत में जीवित हो गई है। न जाने कितने किसानों को फायदा हुआ है। ये युद्ध से इतर वीरता का उदाहरण है। इससे देशवासियों की संकल्प शक्ति दिखाई देती है।
विज्ञापन
ये बोले लोग
.................
पीएम ने मन की बात में रानी लक्ष्मीबाई, झलकारी बाई और दद्दा का जिक्र कर जता दिया है कि उनका बुंदेलखंड से बेहद लगाव है। सुनकर बहुत अच्छा लगा। - डॉ. अतुल प्रताप, नई बस्ती।
रानी की जयंती पर झांसी में भव्य कार्यक्रम में पीएम का शामिल होना और अब मन की बात में झांसी, बुंदेलखंड का जिक्र करने से देश-विदेश में क्षेत्र का मान बढ़ा है। - अशोक वर्मा, खुशीपुरा।
देश का प्रधानमंत्री जब हमारे क्षेत्र और यहां की उपलब्धियों, शौर्य की बात करें तो सुनकर किसका मन प्रफुल्लित नहीं होगा। साथ ही बहुत गर्व महसूस हुआ है। - उज्जवल मुखरैया, अयोध्यापुरी।
पीएम की मन की बात से पहली बार जानकारी मिली कि रानी लक्ष्मीबाई की कानूनी लड़ाई ऑस्ट्रेलिया के वकील ने लड़ी। हर बार पीएम कुछ नई जानकारी देते हैं। - ध्रुव मल्लाह, गोंदू कंपाउंड।