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दस साल के बरसात के आंकड़ों से तैयार होगा प्लान
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झांसी। भारत और इस्रराइल के बीच कृषि के विकास के लिए हुए समझौते के अंतर्गत बबीना और बड़ागांव ब्लाकों के गांवों में होने वाली खेती को बेहतर बनाने के लिए इस्रराइल ने दस साल में हुई बरसात के आंकड़े मांगे हैं। बरसात से संबंधित यह आंकड़ा भूजल विभाग उपलब्ध कराएगा।
विकासखंड बबीना में पानी के इंतजाम के लिए 20 अगस्त 2019 में भारत और इस्रराइल के बीच समझौता हुआ था। अब यह समझौता मूर्त रूप लेने लगा है। इसका मुख्य उद्देश्य बुंदेलखंड में पानी के संकट से जूझ रहे क्षेत्र के लिए पेयजल व सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता तय करना है। साथ ही क्षेत्र में जल प्रबंधन के दीर्घकालीन सुधार के लिए बुंदेलखंड वाटर प्रोजेक्ट को विकसित किया जाएगा।
इस्रराइल से आए प्रतिनिधिमंडल ने बरसात के आंकड़ों के साथ- साथ सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई विभाग, कृषि विभाग, उद्यान विभाग जियोफिजिस्ट और ग्राउंड वाटर डिपार्टमेंट से आंकड़े मांगे हैं। जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने इस्रराइल दल के डैन अल्लुफ और डा. लियो को एक माह में आंकड़े उपलब्ध कराने को कहा है। आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद टीम क्षेत्र में खेती का प्लान तैयार करेगी। इसके लिए दोनों ब्लाकों के 28 गांवों में योजना पर काम होगा, लेकिन गांव कौन- कौन से होंगे, यह दस साल के आंकड़े मिल जाने के बाद और उनका अध्ययन करने के बाद ही तय होगा।
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अभी तो विभिन्न विभागों से दस साल के आंकड़े इस्रराइल की टीम को उपलब्ध कराए जाएंगे। आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद यहां के लिए अलग से प्यान तैयार होगा।
- शशांक शेखर सिंह
सहायक अभियंता
भूगर्भ जल विभाग
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विकासखंड बबीना में पानी के इंतजाम के लिए 20 अगस्त 2019 में भारत और इस्रराइल के बीच समझौता हुआ था। अब यह समझौता मूर्त रूप लेने लगा है। इसका मुख्य उद्देश्य बुंदेलखंड में पानी के संकट से जूझ रहे क्षेत्र के लिए पेयजल व सिंचाई के लिए पानी की उपलब्धता तय करना है। साथ ही क्षेत्र में जल प्रबंधन के दीर्घकालीन सुधार के लिए बुंदेलखंड वाटर प्रोजेक्ट को विकसित किया जाएगा।
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इस्रराइल से आए प्रतिनिधिमंडल ने बरसात के आंकड़ों के साथ- साथ सिंचाई विभाग, लघु सिंचाई विभाग, कृषि विभाग, उद्यान विभाग जियोफिजिस्ट और ग्राउंड वाटर डिपार्टमेंट से आंकड़े मांगे हैं। जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने इस्रराइल दल के डैन अल्लुफ और डा. लियो को एक माह में आंकड़े उपलब्ध कराने को कहा है। आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद टीम क्षेत्र में खेती का प्लान तैयार करेगी। इसके लिए दोनों ब्लाकों के 28 गांवों में योजना पर काम होगा, लेकिन गांव कौन- कौन से होंगे, यह दस साल के आंकड़े मिल जाने के बाद और उनका अध्ययन करने के बाद ही तय होगा।
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अभी तो विभिन्न विभागों से दस साल के आंकड़े इस्रराइल की टीम को उपलब्ध कराए जाएंगे। आंकड़ों का अध्ययन करने के बाद यहां के लिए अलग से प्यान तैयार होगा।
- शशांक शेखर सिंह
सहायक अभियंता
भूगर्भ जल विभाग