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स्मार्ट सिटी : खाका तैयार, स्वीकृति का इंतजार
jhansi
Updated Fri, 12 Jan 2018 01:18 AM IST
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- फोटो : demo pic
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स्मार्ट सिटी को लेकर चल रहे काम की प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। टेंडर के एक चरण का काम पूरा होने के बाद चयनित हुईं तीन कंपनियों ने शहर के विकास के लिए ढाई- ढाई हजार पन्नों की रिपोर्ट दी है। अब इन रिर्पोटों का अध्ययन करने के बाद किसी एक कंपनी पर अंतिम मुहर लगेगी। केंद्र के शहरी विकास मंत्रालय के अफसर स्क्रूटनी (जांच) में जिस कंपनी की रिपोर्ट पर मुहर लगाएंगे, उसी कंपनी को टेंडर की दूसरी प्रक्रिया (फाइनेंसियल बिड) में हिस्सा लेने का मौका मिलेगा।
केंद्र सरकार की मंशा है कि जिस शहर का स्मार्ट सिटी में चयन किया गया है, उस शहर का नियोजित तरीके से विकास कराया जाएगा। इसमें चरणबद्ध तरीके से काम होगा और पांच साल में शहर पूरी तरह से स्मार्ट हो जाएगा। इसमें जलभराव नहीं होगा, नालियों से गंदे पानी का सही तरीके से बहाव हो, कहीं पर भी अतिक्रमण न हो, हाथ ठेला लगाकर रोजगार करने वाले व फुटपाथी दुकानदार चिह्नित जगह पर रोजगार करें, ट्रैफिक जाम न हो, बेतरतीब तरीके से खड़े होने वाले वाहन पार्किंग में खड़े हों, बिजली और पानी से संबंधित कार्यालय एक ही स्थान पर हों, इसके लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके लिए 28 दिसंबर को टेंडर डाले गए थे।
टेंडर की पहले चरण की प्रक्रिया (टैक्नीकल बिड) में तीन कंपनियों का चयन किया गया, जिसमें आरईपीएल, स्टॅप और एसआरआईई शामिल हैं। इन कंपनियों ने ढाई- ढाई हजार पन्नों में पूरे शहर के विकास का प्लान बनाकर दिया है। अब इस प्लान की स्क्रूटनी (जांच) हो रही है। स्क्रूटनी भारत सरकार शहरी विकास मंत्रालय की टीम कर रही है। टीम इस रिपोर्ट के एक- एक पेज का अध्ययन कर रही है। प्रत्येक पेज के साथ नंबर दिए जाएंगे। इसमें जो भी कंपनी क्वालीफाई कर जाएगी, उसे टेंडर के दौरान दूसरी प्रक्रिया (फाइनेंसियल बिड) में शामिल होने का मौका दिया जाएगा।
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नगरवासियों को यह सुविधा मिलेगी
- टूरिस्ट इनफारमेशन कियोस्क लगेंगे, जिसमें पर्यटन स्थलों की जानकारी होगी।
- 24 घंटे बिजली, डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, बिना कचरा स्थल का शहर होगा।
- ई- गर्वनेंस और जलापूर्ति पर 1,150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पेयजल महायोजना पर काम होगा।
- सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाएगा, सभी सड़कों के दोनों ओर यूटिलिटी व साइड चैनल बनेंगे।
- आटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल लगेंगे। वाहन चालकों को चौराहा क्रास करने में सुविधा रहेगी।
- सभी कार्यों पर 1,728 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
स्क्रूटनी चल रही
स्क्रूटनी के दौरान पूरी रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद फाइनेंसियल बिड खोली जाएगी और जो कंपनी सिलेक्ट होगी, उसे काम की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
- एके शर्मा, अधिशासी अभियंता
नगर निगम
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केंद्र सरकार की मंशा है कि जिस शहर का स्मार्ट सिटी में चयन किया गया है, उस शहर का नियोजित तरीके से विकास कराया जाएगा। इसमें चरणबद्ध तरीके से काम होगा और पांच साल में शहर पूरी तरह से स्मार्ट हो जाएगा। इसमें जलभराव नहीं होगा, नालियों से गंदे पानी का सही तरीके से बहाव हो, कहीं पर भी अतिक्रमण न हो, हाथ ठेला लगाकर रोजगार करने वाले व फुटपाथी दुकानदार चिह्नित जगह पर रोजगार करें, ट्रैफिक जाम न हो, बेतरतीब तरीके से खड़े होने वाले वाहन पार्किंग में खड़े हों, बिजली और पानी से संबंधित कार्यालय एक ही स्थान पर हों, इसके लिए प्लान तैयार किया जा रहा है। इसके लिए 28 दिसंबर को टेंडर डाले गए थे।
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टेंडर की पहले चरण की प्रक्रिया (टैक्नीकल बिड) में तीन कंपनियों का चयन किया गया, जिसमें आरईपीएल, स्टॅप और एसआरआईई शामिल हैं। इन कंपनियों ने ढाई- ढाई हजार पन्नों में पूरे शहर के विकास का प्लान बनाकर दिया है। अब इस प्लान की स्क्रूटनी (जांच) हो रही है। स्क्रूटनी भारत सरकार शहरी विकास मंत्रालय की टीम कर रही है। टीम इस रिपोर्ट के एक- एक पेज का अध्ययन कर रही है। प्रत्येक पेज के साथ नंबर दिए जाएंगे। इसमें जो भी कंपनी क्वालीफाई कर जाएगी, उसे टेंडर के दौरान दूसरी प्रक्रिया (फाइनेंसियल बिड) में शामिल होने का मौका दिया जाएगा।
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नगरवासियों को यह सुविधा मिलेगी
- टूरिस्ट इनफारमेशन कियोस्क लगेंगे, जिसमें पर्यटन स्थलों की जानकारी होगी।
- 24 घंटे बिजली, डोर टू डोर कचरा कलेक्शन, बिना कचरा स्थल का शहर होगा।
- ई- गर्वनेंस और जलापूर्ति पर 1,150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। पेयजल महायोजना पर काम होगा।
- सड़कों को गड्ढामुक्त किया जाएगा, सभी सड़कों के दोनों ओर यूटिलिटी व साइड चैनल बनेंगे।
- आटोमैटिक ट्रैफिक सिग्नल लगेंगे। वाहन चालकों को चौराहा क्रास करने में सुविधा रहेगी।
- सभी कार्यों पर 1,728 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
स्क्रूटनी चल रही
स्क्रूटनी के दौरान पूरी रिपोर्ट का अध्ययन किया जा रहा है। इसके बाद फाइनेंसियल बिड खोली जाएगी और जो कंपनी सिलेक्ट होगी, उसे काम की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
- एके शर्मा, अधिशासी अभियंता
नगर निगम