फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   people paresan garmi

भीषण पड़ी गर्मी पड़ी, झमाझम हुई बरसात... इस बार सर्दी भी तोड़ेगी रिकॉर्ड

Fri, 14 Oct 2022 11:03 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 14 Oct 2022 11:03 PM IST
विज्ञापन
people paresan garmi
झांसी। गर्मी और बारिश के बाद इस बार सर्दी भी रिकॉर्ड बनाने जा रही है। अबकी झांसी समेत बुंदेलखंड के आसपास के जनपदों में दो सप्ताह पहले ही रात में हल्की सर्दी की दस्तक हो गई है। वहीं, अभी से रात में कोहरा भी शुरू हो गया है। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि इस बार रिकॉर्ड सर्दी पड़ेगी और न्यूनतम पारा दो डिग्री तक जा सकता है।
विज्ञापन

2022 में गर्मी ने अपने पिछले सभी रिकार्ड ध्वस्त कर दिए और अधिकतम तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। जबकि, इससे पहले पिछले एक दशक में कभी इतना तापमान झांसी में नहीं रहा। वहीं, बारिश ने भी आठ साल के सूखे के दाग को धो दिया। उधर, इस साल जिले में औसत बारिश हो चुकी है। ऐसे में इस साल कड़ाके की सर्दी भी पड़ सकती है। इसके संकेत भी अभी से मिलने शुरू हो गए हैं। दरअसल, हर साल दीपावली के बाद बुंदेलखंड में सर्दी की दस्तक होती थी। कभी-कभी तो इसमें और देरी भी हो जाती थी। मौसम वैज्ञानिक डॉ. आदित्य सिंह ने बताया कि अक्तूबर महीने में न्यूनतम पारा 20 डिग्री सेल्सियस तक ही जाता था। पिछले तीन सालों के आंकड़ों को देखें तो इस बार करीब दो सप्ताह पहले इतना तापमान पहुंच गया है। वहीं, पिछले दो वर्षों में 70 से 75 दिन सर्दी पड़ी। जबकि, इस साल 90 से 100 दिन ठंडक रह सकती है।
विज्ञापन

कब पारा 20 डिग्री पहुंचा
वर्ष दिन
2020 28 अक्तूबर
2021 24 अक्तूबर
2022 12 अक्तूबर
दो डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क सकता है न्यूनतम तापमान
झांसी। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2020 में जनपद में न्यूनतम पारा जहां तीन डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया था। वहीं, 2021 में ये ढाई डिग्री तक पहुंच गया। इस बार मौसम वैज्ञानिक ने दो डिग्री तक पारा जाने का संभावना जताई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

नहीं होगी बारिश, किसान करें बुवाई
अब जिले में बारिश न होने का पूर्वानुमान मौसम विभाग ने जताया है। डॉ. निशी राय का कहना है कि जुताई के लिए खेत तैयार हो गए हैं तो किसान दलहन-तिलहन की बुवाई शुरू कर दें। बारिश से खेतों को नमी मिल चुकी है। ऐसे में फसलों के जमाव के साथ-साथ उत्पादन भी अच्छा मिलेगा। खरीफ में हुए नुकसान की भरपाई आगामी फसल से की जा सकती है। ये फसलें 90 से 110 दिन की होती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed