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Jhansi News: आवास के लिए दर-दर भटक रहे लोहगड़िया समाज के लोग
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बड़ागांव नेशनल हाईवे मौराई हनुमान मंदिर के पास लोहापीट (लोहगड़िया) समाज के लोग रहे हैं। बारिश में इनके झोपड़ों में पानी भर जाता है। घरों में गंदगी और कीचड़ जमा होने से यहां इनका जीवन जोखिमों से भरा है। आवास की मांग को लेकर क्षेत्रीय विधायक राजीव सिंह पारीछा ने पत्र भेजकर जिलाधिकारी को भी अवगत कराया लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
लोहगड़िया समाज के 25 परिवार पिछले कई सालों से मौराई हनुमान मंदिर के पास बने पार्क में रह रहे हैं। खुले आसमान तले बने इनके झोपड़ों में बारिश में पानी भर जाता है।
राजू और मलखान ने बताया कि हमारे पूर्वजों ने अपने राजा के लिए युद्ध में कसम खाई थी कि जब तक वह अपने राज्य को हासिल नहीं कर लेते, हम भी घरों में नहीं रहेंगे। अब बदलते दौर में हम नहीं चाहते कि जैसा कष्ट हमने सहा, वह हमारे बच्चे भी सहें। अब हम लोग स्थायी होकर रहना चाहते हैं। पूजा, राधा, तारा, रुबी, निर्मला ने कहा कि हमें झोपड़ों में नहीं रहना है। हमें आवास चाहिए। संध्या, रेखा ने कहा कि हम घरों में रहना चाहते हैं, अपने बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं। गब्बर, जीतू, बिमला ने बताया कि पीएम और सीएम आवास की मांग को लेकर शासन-प्रशासन के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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झांसी। बड़ागांव नेशनल हाईवे मौराई हनुमान मंदिर के पास लोहापीट (लोहगड़िया) समाज के लोग रहे हैं। बारिश में इनके झोपड़ों में पानी भर जाता है। घरों में गंदगी और कीचड़ जमा होने से यहां इनका जीवन जोखिमों से भरा है। आवास की मांग को लेकर क्षेत्रीय विधायक राजीव सिंह पारीछा ने पत्र भेजकर जिलाधिकारी को भी अवगत कराया लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
लोहगड़िया समाज के 25 परिवार पिछले कई सालों से मौराई हनुमान मंदिर के पास बने पार्क में रह रहे हैं। खुले आसमान तले बने इनके झोपड़ों में बारिश में पानी भर जाता है।
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राजू और मलखान ने बताया कि हमारे पूर्वजों ने अपने राजा के लिए युद्ध में कसम खाई थी कि जब तक वह अपने राज्य को हासिल नहीं कर लेते, हम भी घरों में नहीं रहेंगे। अब बदलते दौर में हम नहीं चाहते कि जैसा कष्ट हमने सहा, वह हमारे बच्चे भी सहें। अब हम लोग स्थायी होकर रहना चाहते हैं। पूजा, राधा, तारा, रुबी, निर्मला ने कहा कि हमें झोपड़ों में नहीं रहना है। हमें आवास चाहिए। संध्या, रेखा ने कहा कि हम घरों में रहना चाहते हैं, अपने बच्चों को पढ़ाना चाहते हैं। गब्बर, जीतू, बिमला ने बताया कि पीएम और सीएम आवास की मांग को लेकर शासन-प्रशासन के दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है।
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