{"_id":"60d236e98ebc3ef20a6c6b85","slug":"people-fear-for-garbage-jhansi-news-jhs197746187","type":"story","status":"publish","title_hn":"कचरे के ढेर से लोगों को सताने लगा बीमारियों का डर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कचरे के ढेर से लोगों को सताने लगा बीमारियों का डर
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। महानगर के वार्ड-11 के विपिन बिहारी कॉलेज के पीछे स्थित चमरयाना इलाके में नियमित कचरा उठान नही होने के कारण मुख्य मार्ग कचरा घर में तब्दील हो गया है। कचरे को रोजाना उठाने के लिए स्थानीय लोगों ने कई बार नगर निगम के अधिकारियों से गुहार लगाई है। लेकिन कोई कार्रवाई अमल में नही लाई गई है। जिससे स्थानीय लोगों को गंभीर बीमारियों का भय सताने लगा है।
इस मार्ग से रोजाना 500 से अधिक लोगों का आवागमन होता है। सड़क पर कचरा जमा होने के कारण निकलना मुश्किल हो रहा है। बारिश होते ही कचरा भीग जाता है। जिसमें से काफी दुर्गंध उठने लगती है। जिससे आस-पास के रहने वाले लोगों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। नगर निगम की ओर से कचरा उठाने की व्यवस्था की गई है लेकिन कर्मचारियों की मनमानी के कारण कई दिन तक सड़क पर ही कचरा जमा रहता है। जिससे स्थानीय लोगों को गंभीर बीमारियों का भय सताने लगा है। नियमित कचरा उठाने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा कई बार लिखित रूप से शिकायतें की गईं हैं। लेकिन अब तक समस्या का हल नही हो सका है। जिसका खमियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
कोरोना संक्रमण साफ-सफाई का संदेश दिया जा रहा है। लेकिन इलाके में सप्ताह भर से कचरा जमा है। जिससे गंभीर बीमारियों का भय सताने लगा है।
जाबर, स्थानीय नागरिक
पहले रोज कचरे को उठा लिया जाता था लेकिन अब एक सप्ताह से पहले कचरा नही उठाया जाता है। कचरे से काफी दुर्गंध आती है। जिससे घरों में बैठना तक मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन
शबाना, स्थानीय नागरिक
कचरा को नियमित उठाने के लिए कई बार नगर निगम के अधिकारियों को लिखित रूप से शिकायतें कर चुके हैं। लेकिन अब तक कोई भी अहम कदम नही उठाया गया है।
नसीम, स्थानीय नागरिक
इलाके के अधिकांश लोग इसी जगह पर कचरा फेकते हैं। इसके अलावा नगर निगम के सफाई कर्मी भी आस-पास के इलाकों को साफ करा कचरा डाल देते हैं।
सैफ अली, स्थानीय नागरिक
विज्ञापन
इस मार्ग से रोजाना 500 से अधिक लोगों का आवागमन होता है। सड़क पर कचरा जमा होने के कारण निकलना मुश्किल हो रहा है। बारिश होते ही कचरा भीग जाता है। जिसमें से काफी दुर्गंध उठने लगती है। जिससे आस-पास के रहने वाले लोगों के लिए मुसीबत का सबब बना हुआ है। नगर निगम की ओर से कचरा उठाने की व्यवस्था की गई है लेकिन कर्मचारियों की मनमानी के कारण कई दिन तक सड़क पर ही कचरा जमा रहता है। जिससे स्थानीय लोगों को गंभीर बीमारियों का भय सताने लगा है। नियमित कचरा उठाने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा कई बार लिखित रूप से शिकायतें की गईं हैं। लेकिन अब तक समस्या का हल नही हो सका है। जिसका खमियाजा स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन
कोरोना संक्रमण साफ-सफाई का संदेश दिया जा रहा है। लेकिन इलाके में सप्ताह भर से कचरा जमा है। जिससे गंभीर बीमारियों का भय सताने लगा है।
जाबर, स्थानीय नागरिक
पहले रोज कचरे को उठा लिया जाता था लेकिन अब एक सप्ताह से पहले कचरा नही उठाया जाता है। कचरे से काफी दुर्गंध आती है। जिससे घरों में बैठना तक मुश्किल हो गया है।
विज्ञापन
शबाना, स्थानीय नागरिक
कचरा को नियमित उठाने के लिए कई बार नगर निगम के अधिकारियों को लिखित रूप से शिकायतें कर चुके हैं। लेकिन अब तक कोई भी अहम कदम नही उठाया गया है।
नसीम, स्थानीय नागरिक
इलाके के अधिकांश लोग इसी जगह पर कचरा फेकते हैं। इसके अलावा नगर निगम के सफाई कर्मी भी आस-पास के इलाकों को साफ करा कचरा डाल देते हैं।
सैफ अली, स्थानीय नागरिक