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टोल टैक्स बचाने को जोखिम उठा रहे लोग
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झांसी। दतिया के डगरई में टोल प्लाजा शुरू होने के बाद से एकाएक झांसी से उन्नाव बालाजी की ओर जाने वाले चौपहिया व अन्य भारी वाहनों की संख्या में तेजी आ गई है। टोल टैक्स बचाने के लिए तमाम लोग जोखिम उठाते हुए बालाजी के संकरे पुल से गाड़ियां निकाल रहे हैं, जबकि पुल काफी पुराना हो चुका है और इस पर रैलिंग भी नहीं है। ऐसे में कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने ग्वालियर रोड का निर्माण पूरा होने के बाद दो माह पहले दतिया के डगरई में टोल प्लाजा शुरू किया है। झांसी, ललितपुर की ओर से दतिया जाने वाले चौपहिया वाहनों को को 115 रुपये टोल टैक्स अदा करना पड़ता है। वापस लौटने पर भी टोल की अदायगी करनी पड़ जाती है। टोल टैक्स की ये वसूली तमाम वाहन चालकों को रास नहीं आ रही है। इससे बचने के लिए वे उन्नाव बालाजी से होकर अपने वाहन गुजार रहे हैं। खासतौर पर शनिवार को इस मार्ग पर वाहनों का सुबह से लेकर शाम तक आवागमन बना रहता है।
शनिवार को हजारों की संख्या में लोग दतिया के मां पीतांबरा मंदिर में मान्यता के अनुसार धूमावती माई के दर्शन करने जाते हैं। गाड़ियां बालाजी में नदी के ऊपर बने पुराने हो चुके संकरे पुल से गुजारी जाती हैं, जिस पर रैलिंग तक नहीं है। रात में रोशनी का इंतजाम भी नहीं रहता है। दोनों ओर से गाड़ियों के आमने-सामने आने पर खतरनाक स्थिति पैदा हो जाती है। हाल ही में एक ट्रक की टक्कर से पुल के पास लगा पोल क्षतिग्रस्त हो गया था। बावजूद, लोग टोल टैक्स बचाने के लिए जोखिम उठाने से पीछे नहीं हटते।
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नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने ग्वालियर रोड का निर्माण पूरा होने के बाद दो माह पहले दतिया के डगरई में टोल प्लाजा शुरू किया है। झांसी, ललितपुर की ओर से दतिया जाने वाले चौपहिया वाहनों को को 115 रुपये टोल टैक्स अदा करना पड़ता है। वापस लौटने पर भी टोल की अदायगी करनी पड़ जाती है। टोल टैक्स की ये वसूली तमाम वाहन चालकों को रास नहीं आ रही है। इससे बचने के लिए वे उन्नाव बालाजी से होकर अपने वाहन गुजार रहे हैं। खासतौर पर शनिवार को इस मार्ग पर वाहनों का सुबह से लेकर शाम तक आवागमन बना रहता है।
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शनिवार को हजारों की संख्या में लोग दतिया के मां पीतांबरा मंदिर में मान्यता के अनुसार धूमावती माई के दर्शन करने जाते हैं। गाड़ियां बालाजी में नदी के ऊपर बने पुराने हो चुके संकरे पुल से गुजारी जाती हैं, जिस पर रैलिंग तक नहीं है। रात में रोशनी का इंतजाम भी नहीं रहता है। दोनों ओर से गाड़ियों के आमने-सामने आने पर खतरनाक स्थिति पैदा हो जाती है। हाल ही में एक ट्रक की टक्कर से पुल के पास लगा पोल क्षतिग्रस्त हो गया था। बावजूद, लोग टोल टैक्स बचाने के लिए जोखिम उठाने से पीछे नहीं हटते।
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