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अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत
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अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत
झांसी। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत होने पर परिजनों ने गलत इंजेक्शन से मौत हो जाने का आरोप लगाया। इस बीच अस्पताल में काफी हडकंप मच गया था। अस्पताल प्रशासन ने आरोप को निराधार बताया।
गोविंद चौराहा निवासी मुुुुन्नालाल (55) को सीने में दर्द होने की शिकायत पर मंगलवार दोपहर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। वहां मौजूद चिकित्सक ने मरीज को तुरंत ही इंजेक्शन लगाया। इसके बाद हालत गंभीर होने पर मौजूद चिकित्सक ने वरिष्ठ चिकित्सक को सूचित कर अस्पताल में बुलाया। वरिष्ठ चिकित्सक ने मरीज का इलाज करने के बाद इमरजेंसी वार्ड में स्थानांतरित कर दिया। वार्ड में पहुंचने के कुछ देर बाद ही मरीज की हालत और अधिक बिगड़ने लगी। कुछ ही देर में मरीज की मौत हो गई। यह देखते ही मरीज के परिजनों में कोहराम मच गया व मरीज के परिजनों ने अस्पताल में गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया। इस संबंध में मंडलीय प्रमुख अधीक्षक बलबीर कृष्ण गुप्ता ने बताया कि मरीज को काफी गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। मरीज को ग्लोबल स्चीमिया (एक तरह से हृदय का दौरा) का अटैक पड़ा था। जिसमें मरीज के बचने की संभावना कम ही रहती है। मौजूद चिकित्सक के द्वारा मरीज के गंभीर होने की बात परिजनों को बताई गई थी। इलाज के बाद मरीज को इमरजेंसी वार्ड में स्थानांतरित कर दिया था। उपचार के बाद ही मरीज की मौत हो गई थी।
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झांसी। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मरीज की मौत होने पर परिजनों ने गलत इंजेक्शन से मौत हो जाने का आरोप लगाया। इस बीच अस्पताल में काफी हडकंप मच गया था। अस्पताल प्रशासन ने आरोप को निराधार बताया।
गोविंद चौराहा निवासी मुुुुन्नालाल (55) को सीने में दर्द होने की शिकायत पर मंगलवार दोपहर जिला अस्पताल की इमरजेंसी में लाया गया। वहां मौजूद चिकित्सक ने मरीज को तुरंत ही इंजेक्शन लगाया। इसके बाद हालत गंभीर होने पर मौजूद चिकित्सक ने वरिष्ठ चिकित्सक को सूचित कर अस्पताल में बुलाया। वरिष्ठ चिकित्सक ने मरीज का इलाज करने के बाद इमरजेंसी वार्ड में स्थानांतरित कर दिया। वार्ड में पहुंचने के कुछ देर बाद ही मरीज की हालत और अधिक बिगड़ने लगी। कुछ ही देर में मरीज की मौत हो गई। यह देखते ही मरीज के परिजनों में कोहराम मच गया व मरीज के परिजनों ने अस्पताल में गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया। इस संबंध में मंडलीय प्रमुख अधीक्षक बलबीर कृष्ण गुप्ता ने बताया कि मरीज को काफी गंभीर हालत में अस्पताल लाया गया था। मरीज को ग्लोबल स्चीमिया (एक तरह से हृदय का दौरा) का अटैक पड़ा था। जिसमें मरीज के बचने की संभावना कम ही रहती है। मौजूद चिकित्सक के द्वारा मरीज के गंभीर होने की बात परिजनों को बताई गई थी। इलाज के बाद मरीज को इमरजेंसी वार्ड में स्थानांतरित कर दिया था। उपचार के बाद ही मरीज की मौत हो गई थी।
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