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यात्रीगण कृपया ध्यान दें..पांच दिन बाद भी जीआरपी की छह टीमें लुटेरों को नहीं पकड़ पाईं
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झांसी। पुष्पक एक्सप्रेस और पटना इंदौर एक्सप्रेस के लुटेरों को पकड़ने के लिए आरपीएफ और जीआरपी के अफसर, थानेदार से लेकर सिपाही तक जांच में जुटे हैं, लेकिन नतीजा शून्य है। अभी तक ढाई सौ से अधिक संदिग्धों से पूछताछ की जा चुकी है। इनमें पुराने हिस्ट्रीशीटर, अवैध वेंडर, गदाई व घटनास्थल के आसपास क्षेत्रों के बदमाश शामिल हैं। झांसी से कानपुर तक के ऐसे अपराधियों का पता किया गया, जो रेल अपराधों से जुड़े रहे हैं। एक्सपर्ट की मदद ली जा रही है। रात में सादा कपड़ों में पुलिस सभी रेलवे आउटर पर गश्त कर रही है।
ट्रेन लूटकांड के लुटेरों तक पहुंचने के लिए आरपीएफ व जीआरपी अपना पूरा जोर लगा रही है। आरपीएफ के कमांडेंट, सहायक कमांडेंट, जीआरपी के एसपी, सीओ, छह टीमें, थानेदार व सिपाही लुटेरों की तलाश में लगे हैं। आगरा व कानपुर जीआरपी की टीमें भी सक्रिय की गई हैं। पिछले चार दिन में जांच में लगीं छह टीमें 250 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी हैं। सर्विलांस टीम घटना से तीन घंटे पहले और तीन घंटे बाद तक आसपास क्षेत्र में सक्रिय 150 से अधिक मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की, लेकिन अभी तक लुटेरों के संबंध में कोई सुराग हाथ नहीं लग सका है।
23 अगस्त की रात को हुई थी वारदात
23 अगस्त की रात बदमाशों ने उरई सेक्शन के सरसौखी स्टेशन आउटर पर 09322 पटना इंदौर एक्सप्रेस के यात्रियों के साथ लूटपाट की थी। इस वारदात को अंजाम देने के लिए बदमाशों ने सिग्नल फेल करने के लिए उस पर गीली मिट्टी लगाकर कपड़ा बांध दिया था। हथियारों के बल पर बदमाश कई यात्रियों का कीमती सामान लूट ले गए थे। इनमें इंदौर के तुकोगंज निवासी दीपांशी तिवारी, पटना के सिरौनी निवासी अंजनी व बाराबंकी के हैदरगढ़ निवासी अनीता ने जीआरपी झांसी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तीनों महिलाओं के गले से बदमाश मंगलसूत्र छीन ले गए थे जबकि इस ट्रेन में आरपीएफ स्क्वायड तैनात था।
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इसी तरह 24 अगस्त की रात बदमाशों ने पुष्पक एक्सप्रेस को पारीछा होम सिग्नल पर रोक कर यात्रियों के साथ लूटपाट की। बदमाशों ने ट्रेन को रोकने के लिए यहां भी सिग्नल पर गीली मिट्टी से लिपटा कपड़ा बांधा था। बदमाशों ने खिड़की से हाथ डालकर महिला यात्री माधुरी चौधरी के कान का झुमका लूट लिया। इस ट्रेन में जीआरपी स्क्वायड तैनात था।
भोपाल से स्थानांतरित होकर आई एफआईआर
झांसी। पुष्पक एक्सप्रेस की रिपोर्ट भोपाल से स्थानांतरित होकर झांसी जीआरपी में दर्ज की गई है। इसकी विवेचना थाना प्रभारी एसके सिंह कर रहे हैं। इसी तरह पटना इंदौर एक्सप्रेस में हुई लूट की रिपोर्ट झांसी से स्थानांतरित होने पर उरई जीआरपी थाने में दर्ज की गई है। इसकी विवेचना अब कालपी जीआरपी चौकी प्रभारी करेंगे।
आरपीएफ कर रही सिग्नल फेल होने की जांच
वारदात करने वाले बदमाशों ने सिग्नल को किस तरह फेल किया, कैसे पटरियों के बीच में गिट्टी डाली और फिर किस तरह सिग्नल पर मिट्टी पोती, इन सबकी जांच के लिए आरपीएफ इंस्पेक्टर एमके गुप्ता को निर्देशित किया गया है। इंसपेक्टर का कहना है कि एक्सपर्ट टीम के साथ घटना स्थल का निरीक्षण किया जा रहा है।
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ट्रेन लूटकांड के लुटेरों तक पहुंचने के लिए आरपीएफ व जीआरपी अपना पूरा जोर लगा रही है। आरपीएफ के कमांडेंट, सहायक कमांडेंट, जीआरपी के एसपी, सीओ, छह टीमें, थानेदार व सिपाही लुटेरों की तलाश में लगे हैं। आगरा व कानपुर जीआरपी की टीमें भी सक्रिय की गई हैं। पिछले चार दिन में जांच में लगीं छह टीमें 250 से अधिक संदिग्धों से पूछताछ कर चुकी हैं। सर्विलांस टीम घटना से तीन घंटे पहले और तीन घंटे बाद तक आसपास क्षेत्र में सक्रिय 150 से अधिक मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ की, लेकिन अभी तक लुटेरों के संबंध में कोई सुराग हाथ नहीं लग सका है।
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23 अगस्त की रात को हुई थी वारदात
23 अगस्त की रात बदमाशों ने उरई सेक्शन के सरसौखी स्टेशन आउटर पर 09322 पटना इंदौर एक्सप्रेस के यात्रियों के साथ लूटपाट की थी। इस वारदात को अंजाम देने के लिए बदमाशों ने सिग्नल फेल करने के लिए उस पर गीली मिट्टी लगाकर कपड़ा बांध दिया था। हथियारों के बल पर बदमाश कई यात्रियों का कीमती सामान लूट ले गए थे। इनमें इंदौर के तुकोगंज निवासी दीपांशी तिवारी, पटना के सिरौनी निवासी अंजनी व बाराबंकी के हैदरगढ़ निवासी अनीता ने जीआरपी झांसी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तीनों महिलाओं के गले से बदमाश मंगलसूत्र छीन ले गए थे जबकि इस ट्रेन में आरपीएफ स्क्वायड तैनात था।
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इसी तरह 24 अगस्त की रात बदमाशों ने पुष्पक एक्सप्रेस को पारीछा होम सिग्नल पर रोक कर यात्रियों के साथ लूटपाट की। बदमाशों ने ट्रेन को रोकने के लिए यहां भी सिग्नल पर गीली मिट्टी से लिपटा कपड़ा बांधा था। बदमाशों ने खिड़की से हाथ डालकर महिला यात्री माधुरी चौधरी के कान का झुमका लूट लिया। इस ट्रेन में जीआरपी स्क्वायड तैनात था।
भोपाल से स्थानांतरित होकर आई एफआईआर
झांसी। पुष्पक एक्सप्रेस की रिपोर्ट भोपाल से स्थानांतरित होकर झांसी जीआरपी में दर्ज की गई है। इसकी विवेचना थाना प्रभारी एसके सिंह कर रहे हैं। इसी तरह पटना इंदौर एक्सप्रेस में हुई लूट की रिपोर्ट झांसी से स्थानांतरित होने पर उरई जीआरपी थाने में दर्ज की गई है। इसकी विवेचना अब कालपी जीआरपी चौकी प्रभारी करेंगे।
आरपीएफ कर रही सिग्नल फेल होने की जांच
वारदात करने वाले बदमाशों ने सिग्नल को किस तरह फेल किया, कैसे पटरियों के बीच में गिट्टी डाली और फिर किस तरह सिग्नल पर मिट्टी पोती, इन सबकी जांच के लिए आरपीएफ इंस्पेक्टर एमके गुप्ता को निर्देशित किया गया है। इंसपेक्टर का कहना है कि एक्सपर्ट टीम के साथ घटना स्थल का निरीक्षण किया जा रहा है।